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जननी सुरक्षा योजना में कितने रुपए मिलते हैं पूरी जानकारी

जननी सुरक्षा योजना बिहार में संचालित मातृ-शिशु कल्याण योजना है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर नकद सहायता और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएँ दी जाती हैं। पात्र महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1,400 और शहरी क्षेत्रों में ₹1,000 तक की सहायता मिलती है। साथ ही जांच, सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और…

जननी सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य

जननी सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब परिवारों को प्रसव से जुड़े खर्चों में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि गर्भवती महिलाएँ घर पर असुरक्षित प्रसव के बजाय सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित डिलीवरी कराएँ, जिससे प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं और जोखिमों को कम किया जा सके।

विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाओं को ध्यान में रखते हुए यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को मजबूत करती है और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षित प्रसव बढ़ाना, मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करना और गरीब परिवारों को प्रसव खर्च में आर्थिक राहत देना है।


जननी सुरक्षा योजना के लाभ

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में संस्थागत प्रसव कराने पर ₹1,000 से ₹1,400 तक की नकद सहायता प्रदान की जाती है, जो सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके अतिरिक्त प्रसव से संबंधित सभी सेवाएँ—जैसे जांच, डिलीवरी और प्रसवोत्तर देखभाल—निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। गर्भावस्था के दौरान महिला को नियमित ANC (Ante-Natal Care) जांच, आवश्यक दवाइयाँ और स्वास्थ्य परामर्श भी मुफ्त दिया जाता है, जिससे माँ और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

नवजात शिशु को जन्म के बाद मुफ्त टीकाकरण और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। यह योजना विशेष रूप से गरीब, ग्रामीण, SC/ST एवं वंचित वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता देती है, ताकि उन्हें प्रसव के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।

  • सरकारी अस्पताल में संस्थागत प्रसव पर नकद सहायता (₹1,000 – ₹1,400 तक)
  • मुफ्त प्रसव सेवाएँ – जांच, डिलीवरी और प्रसवोत्तर देखभाल
  • गर्भावस्था के दौरान निःशुल्क ANC जांच व स्वास्थ्य सेवाएँ
  • नवजात शिशु के लिए मुफ्त टीकाकरण और प्राथमिक देखभाल
  • पात्र गरीब / ग्रामीण महिलाओं को योजना का विशेष लाभ
  • प्रसव खर्च में आर्थिक राहत और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित

जननी सुरक्षा योजना की पात्रता

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदिका का बिहार राज्य की स्थायी निवासी होना आवश्यक है। लाभार्थी महिला का गर्भवती या धात्री माता होना अनिवार्य है तथा उसे संस्थागत प्रसव के लिए सहमत होना चाहिए। साथ ही, महिला को राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित सभी स्वास्थ्य नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। योजना में SC/ST तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि समाज के जरूरतमंद वर्ग को अधिकतम सहायता मिल सके और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुँच सके।

  • आवेदिका बिहार की स्थायी निवासी हो
  • गर्भवती महिला या धात्री माता होना अनिवार्य
  • संस्थागत प्रसव के लिए सहमत होना
  • सरकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य नियमों का पालन
  • SC/ST या वंचित वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता

जननी सुरक्षा योजना की आवेदन प्रक्रिया

इस योजना में आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से पूरी की जाती है। सबसे पहले गर्भवती महिला को अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में जाना होता है। वहाँ पहुँचकर आशा (ASHA) या ममता कार्यकर्ता से संपर्क करना होता है, जो गर्भावस्था पंजीकरण की प्रक्रिया में सहायता करती हैं। इसके बाद गर्भावस्था का पंजीकरण कराया जाता है और आवश्यक दस्तावेज़ जमा किए जाते हैं। संस्थागत प्रसव के पश्चात अस्पताल द्वारा प्रक्रिया पूरी की जाती है और निर्धारित प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।

Offline Process

Step 1: नजदीकी सरकारी अस्पताल / प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाएँ
Step 2: आशा या ममता कार्यकर्ता से संपर्क करें
Step 3: गर्भावस्था पंजीकरण कराएँ
Step 4: आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें
Step 5: संस्थागत प्रसव के बाद DBT के माध्यम से राशि प्राप्त करें


जननी सुरक्षा योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, जिनमें गर्भावस्था प्रमाण पत्र या अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण तथा यदि उपलब्ध हो तो राशन कार्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल दस्तावेज़ भी आवश्यक होते हैं, जो संस्थागत प्रसव की पुष्टि करते हैं। सभी दस्तावेज़ सही, स्पष्ट और अपडेट होने चाहिए, ताकि DBT प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

  • गर्भावस्था प्रमाण पत्र / अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण
  • राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
  • अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल दस्तावेज़

योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), आशा या ममता कार्यकर्ता तथा जिला स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं। राज्य स्तर पर जानकारी के लिए बिहार स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। वर्तमान में योजना बिहार राज्य में सक्रिय (Running) है और प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रदान की जा रही है।

Note: वर्तमान में योजना बिहार में सक्रिय (Running) है और प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से प्रदान की जा रही है।


दिशानिर्देश

योजना के अंतर्गत केवल सरकारी या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में किया गया प्रसव ही मान्य होगा। सभी दस्तावेज़ सही एवं अद्यतन होने चाहिए, ताकि लाभ में कोई देरी न हो। प्रसव के बाद सामान्यतः 48 घंटे के भीतर DBT प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती है। यदि किसी प्रकार की समस्या या देरी होती है, तो लाभार्थी को तुरंत अपने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करना चाहिए, ताकि समय पर समाधान प्राप्त हो सके।

  • केवल सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव मान्य
  • सभी दस्तावेज़ सही एवं अपडेट होने चाहिए
  • प्रसव के बाद 48 घंटे के भीतर DBT प्रक्रिया प्रारंभ की जाती है
  • किसी भी समस्या के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. जननी सुरक्षा योजना क्या है?

जननी सुरक्षा योजना एक प्रमुख मातृ एवं शिशु कल्याण योजना है, जिसे भारत सरकार द्वारा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था और इसे राज्य सरकारों के माध्यम से लागू किया जाता है। बिहार में यह योजना विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने, नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लक्ष्य के साथ संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने पर आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है, ताकि वे घर पर असुरक्षित प्रसव के बजाय अस्पताल में सुरक्षित डिलीवरी को प्राथमिकता दें।

Q2. क्या जननी सुरक्षा योजना अभी चालू है?

हाँ, जननी सुरक्षा योजना वर्तमान में बिहार राज्य में सक्रिय (Running) है और पात्र गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ निरंतर प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से यह योजना नियमित रूप से संचालित की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएँ संस्थागत प्रसव को अपनाएँ और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो सके। विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत संस्थागत प्रसव कराने वाली पात्र महिलाओं को निर्धारित प्रोत्साहन राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।

Q3. जननी सुरक्षा योजना का लाभ कौन-कौन ले सकता है?

जननी सुरक्षा योजना का लाभ मुख्य रूप से बिहार राज्य की स्थायी निवासी गर्भवती महिलाओं को दिया जाता है, जो संस्थागत प्रसव कराने के लिए तैयार हों। इस योजना के अंतर्गत वे महिलाएँ पात्र मानी जाती हैं जो गर्भवती हैं या हाल ही में धात्री (प्रसव के बाद की माता) बनी हैं और सरकारी या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव कराती हैं। योजना का उद्देश्य विशेष रूप से उन महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सुरक्षित प्रसव के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं।
इसके अतिरिक्त SC/ST वर्ग तथा सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समुदाय की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि उन्हें सुरक्षित मातृत्व सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके। हालांकि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि प्रसव सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या अधिकृत स्वास्थ्य संस्थान में ही कराया जाए। सभी निर्धारित स्वास्थ्य नियमों और दस्तावेज़ी प्रक्रिया का पालन करने पर ही प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
इस योजना का लाभ:
* बिहार की स्थायी निवासी गर्भवती महिलाएँ
* धात्री माताएँ
* SC/ST एवं वंचित वर्ग की महिलाएँ
* ले सकती हैं, बशर्ते प्रसव सरकारी/मान्यता प्राप्त संस्थान में हो।

Q4. जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत क्या लाभ मिलते हैं?

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इस प्रोत्साहन राशि का उद्देश्य प्रसव से जुड़े खर्चों का बोझ कम करना और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण में डिलीवरी के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने पर जांच, डिलीवरी और प्रसवोत्तर देखभाल जैसी सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
योजना के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान नियमित ANC जांच, चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाइयाँ तथा पोषण संबंधी मार्गदर्शन शामिल है। नवजात शिशु के लिए मुफ्त टीकाकरण सुविधा और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल भी सुनिश्चित की जाती है, ताकि जन्म के बाद शिशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सके। इस प्रकार यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि माँ और शिशु के संपूर्ण स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक व्यापक पहल है

Q5. जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि कैसे मिलती है?

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि DBT (Direct Benefit Transfer) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए आवश्यक है कि गर्भवती महिला ने सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में संस्थागत प्रसव कराया हो तथा उसका बैंक खाता आधार से लिंक और सक्रिय हो। प्रसव के बाद संबंधित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र द्वारा लाभार्थी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर दर्ज की जाती है, जिसके आधार पर भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ होती है।
सभी दस्तावेज़ों के सत्यापन के पश्चात निर्धारित राशि सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की बिचौलिया प्रणाली या नकद भुगतान की आवश्यकता नहीं रहती। DBT प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और यह गारंटी देती है कि सहायता राशि सही लाभार्थी तक समय पर पहुँचे। यदि भुगतान में देरी या किसी प्रकार की समस्या आती है, तो लाभार्थी अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), आशा कार्यकर्ता या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क कर सकती है।

Q6. जननी सुरक्षा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

जननी सुरक्षा योजना में आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से पूरी की जाती है और यह पूरी तरह स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित होती है। इसके लिए गर्भवती महिला को सबसे पहले अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाना होता है। वहाँ पहुँचकर आशा (ASHA) या ममता कार्यकर्ता से संपर्क करना आवश्यक होता है, जो गर्भावस्था पंजीकरण और योजना से संबंधित पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में ही पंजीकरण कराना लाभदायक होता है, ताकि महिला को समय-समय पर आवश्यक ANC जांच और स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती रहें।
पंजीकरण के दौरान आवश्यक दस्तावेज़ जमा किए जाते हैं और महिला का नाम स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। इसके बाद संस्थागत प्रसव सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में कराया जाता है। प्रसव के पश्चात अस्पताल प्रशासन द्वारा संबंधित जानकारी अपडेट की जाती है और निर्धारित प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है। इस प्रकार आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सहायता से आसानी से पूरी की जा सकती है।

Q7. क्या जननी सुरक्षा योजना में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है?

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन की कोई अलग से सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस योजना की प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से संचालित होती है, जिसमें गर्भवती महिला को अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर पंजीकरण कराना होता है। आवेदन और पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय आशा (ASHA) या ममता कार्यकर्ता की सहायता से पूरी की जाती है।
हालांकि भुगतान प्रक्रिया DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से डिजिटल रूप में की जाती है, लेकिन लाभ प्राप्त करने के लिए प्रारंभिक आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्वयं नहीं किया जा सकता। लाभार्थी को गर्भावस्था पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने और संस्थागत प्रसव कराने की प्रक्रिया स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से ही पूरी करनी होती है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए महिला अपने स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क कर सकती है।

Q8. जननी सुरक्षा योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?

जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज़ जमा करना अनिवार्य होता है, ताकि लाभार्थी की पहचान, पात्रता और संस्थागत प्रसव की पुष्टि की जा सके। सबसे पहले आधार कार्ड की आवश्यकता होती है, जिससे लाभार्थी की पहचान सत्यापित की जाती है और DBT भुगतान में पारदर्शिता बनी रहती है। गर्भावस्था प्रमाण पत्र या संबंधित मेडिकल रिपोर्ट (जैसे अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट) आवश्यक होती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिला गर्भवती है और स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकृत है।
इसके अतिरिक्त निवास प्रमाण पत्र यह प्रमाणित करता है कि आवेदिका बिहार की स्थायी निवासी है। बैंक खाता विवरण (आधार लिंक्ड खाता) अनिवार्य है, क्योंकि प्रोत्साहन राशि सीधे DBT के माध्यम से खाते में भेजी जाती है। साथ ही, संस्थागत प्रसव के बाद अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल दस्तावेज़ भी आवश्यक होते हैं, जो प्रसव की पुष्टि करते हैं। सभी दस्तावेज़ सही, स्पष्ट और अद्यतन होने चाहिए, ताकि लाभ राशि समय पर बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।

Q9. जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रसव के बाद राशि कितने समय में मिलती है?

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सामान्यतः संस्थागत प्रसव के बाद लगभग 48 घंटे के भीतर DBT (Direct Benefit Transfer) प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती है। प्रसव पूरा होने के पश्चात संबंधित सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान द्वारा लाभार्थी महिला की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट की जाती है। दस्तावेज़ों और बैंक विवरण का सत्यापन होने के बाद निर्धारित प्रोत्साहन राशि सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
हालाँकि अधिकांश मामलों में भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर दी जाती है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में तकनीकी त्रुटि, बैंक खाते में समस्या, आधार लिंक न होना या दस्तावेज़ों में त्रुटि के कारण थोड़ी देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में लाभार्थी महिला अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), आशा कार्यकर्ता या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क कर सकती है, ताकि समस्या का समाधान कर भुगतान प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराया जा सके।

Q10. क्या निजी अस्पताल में प्रसव कराने पर जननी सुरक्षा योजना का लाभ मिलेगा?

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए प्रसव का सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त (Empanelled) निजी स्वास्थ्य संस्थान में होना अनिवार्य है। यदि कोई महिला ऐसे निजी अस्पताल में प्रसव कराती है जो स्वास्थ्य विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है, तो उसे योजना की प्रोत्साहन राशि का लाभ नहीं मिल पाएगा।
इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रसव सुरक्षित, मानक स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत और सरकारी निगरानी में हो। मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में भी प्रसव की सूचना और आवश्यक दस्तावेज़ स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए जाते हैं, जिसके आधार पर DBT के माध्यम से प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए प्रसव से पहले यह सुनिश्चित कर लेना आवश्यक है कि संबंधित निजी अस्पताल सरकार द्वारा अनुमोदित है, ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

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