नारी अदालत योजना (Mission Shakti – Sambal) के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और अधिकार संबंधी विवादों का समाधान करते हुए दर्शाया गया चित्र।
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महिलाओं को कम खर्च में आसानी से न्याय

नारी अदालत योजना में घरेलू हिंसा, संपत्ति के अधिकार, उत्पीड़न और अधिकारों के लिए बातचीत, मध्यस्थता और आपसी सहमति से विवादों का समाधान किया जाता है। यह योजना महिलाओं को सुलभ, किफायती और त्वरित न्याय के साथ-साथ उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का कार्य करती है। नारी अदालत योजना क्या है?…

नारी अदालत योजना में घरेलू हिंसा, संपत्ति के अधिकार, उत्पीड़न और अधिकारों के लिए बातचीत, मध्यस्थता और आपसी सहमति से विवादों का समाधान किया जाता है। यह योजना महिलाओं को सुलभ, किफायती और त्वरित न्याय के साथ-साथ उनके अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का कार्य करती है।

नारी अदालत योजना (Mission Shakti – Sambal) के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और अधिकार संबंधी विवादों का समाधान करते हुए दर्शाया गया चित्र।

नारी अदालत योजना क्या है?

नारी अदालत, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित मिशन शक्ति (संबल उप-योजना) के अंतर्गत एक पहल है। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं को छोटे-मोटे विवादों के समाधान के लिए वैकल्पिक शिकायत निवारण मंच प्रदान करना है। वर्तमान में यह योजना चयनित ग्राम पंचायतों में पायलट आधार पर लागू है।


नारी अदालत योजना से क्या लाभ मिलते हैं?

  • महिलाओं के लिए सुलभ और किफायती न्याय
  • छोटे विवादों का त्वरित समाधान
  • मध्यस्थता और आपसी समझौते से समाधान
  • महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता
  • सरकारी योजनाओं की जानकारी और सहयोग
  • महिला समूहों को सशक्त बनाना

Nari Adalat Yojana के लिए पात्रता क्या है?

  • आवेदक महिला या बालिका होनी चाहिए
  • संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र से जुड़ी हो
  • छोटे सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक विवाद से संबंधित मामला

महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क (Important Links & Contact):


नारी अदालत योजना के महत्वपूर्ण नियम और दिशानिर्देश क्या हैं?

  • यह योजना पायलट आधार पर सीमित ग्राम पंचायतों में लागू है।
  • केवल छोटे एवं आपसी सहमति से सुलझने वाले मामलों पर विचार किया जाता है।
  • गंभीर आपराधिक मामलों के लिए पुलिस या न्यायालय से संपर्क करें।
  • नारी अदालत की सदस्य (Nyaya Sakhi) ग्राम पंचायत द्वारा चयनित होती हैं।
  • योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और त्वरित न्याय देना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।

Q1. नारी अदालत योजना क्या है?

नारी अदालत मिशन शक्ति (संबल) के अंतर्गत महिलाओं के छोटे विवादों को ग्राम पंचायत स्तर पर बातचीत, मध्यस्थता और आपसी सहमति से सुलझाने की पहल है।

Q2. नारी अदालत योजना किस मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है?

यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) के अंतर्गत संचालित की जाती है।

Q3. नारी अदालत योजना किस राज्य में लागू है?

यह योजना पूरे भारत में नहीं बल्कि पायलट आधार पर कुछ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों जैसे असम और जम्मू-कश्मीर के चयनित ग्राम पंचायतों में लागू है, और धीरे-धीरे विस्तार किया जा रहा है।

Q4. भारत में नारी अदालत किस राज्य ने शुरू की?

राज्य स्तर पर पहल के रूप में सिक्किम ने 10 अगस्त 2025 को नारी अदालत शुरू की थी (Current Affairs / Exam Point).

Q5. 10 अगस्त 2025 को नारी अदालत कहाँ शुरू हुई थी?

10 अगस्त 2025 को सिक्किम राज्य में नारी अदालत लॉन्च की गई थी।

Q6. नारी अदालत में कौन-कौन से मामले सुलझाए जाते हैं?

* पारिवारिक विवाद
* सामाजिक समस्याएँ
* महिला उत्पीड़न से जुड़े छोटे मामले
* अधिकार और योजनाओं से जुड़ी शिकायतें

Q7. नारी अदालत की सदस्य कौन होती हैं?

नारी अदालत में 7 से 11 सामाजिक रूप से सम्मानित महिलाएँ होती हैं जिन्हें Nyaya Sakhi कहा जाता है।

Q8. नारी अदालत में शिकायत कैसे करें?

महिलाएँ अपने क्षेत्र की नारी अदालत या ग्राम पंचायत में जाकर ऑफलाइन शिकायत दर्ज कर सकती हैं।

Q9. नारी अदालत का मुख्य उद्देश्य क्या है?

महिलाओं को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय देना तथा उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना।

Q10. क्या नारी अदालत पूरे भारत में लागू है?

नहीं, अभी यह योजना Pilot Phase में है और सीमित ग्राम पंचायतों में लागू है, आगे विस्तार किया जा रहा है।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

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