पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण रूफटॉप सोलर योजना है, जिसके अंतर्गत आम नागरिकों को अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाने पर ₹78,000 तक सरकारी सब्सिडी, बिजली बिल में भारी बचत, और लंबे समय तक कम लागत में बिजली की सुविधा मिलती है। इस योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को उपयोग के अनुसार लगभग 300 यूनिट तक बिजली खर्च में राहत, साथ ही नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली बेचकर आय कमाने का अवसर भी प्रदान किया जाता है।
इसके अलावा, यह योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने, और लोगों को बढ़ते बिजली खर्च से राहत दिलाने का लक्ष्य रखती है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और अधिकृत वेंडर से सोलर सिस्टम इंस्टॉलेशन के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से दी जाती है, जिससे यह योजना आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता दोनों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनती जा रही है।

विषय-सूची
सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से लाभ
- हर महीने लगभग 300 यूनिट तक बिजली बिल में राहत
- सोलर पैनल लगाने पर सरकारी सब्सिडी
- अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का अवसर (Net Metering)
- बिजली खर्च में दीर्घकालीन बचत
- स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग
- पर्यावरण संरक्षण में योगदान
सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की पात्रता
- आवेदक भारत का घरेलू बिजली उपभोक्ता हो
- अपने नाम से वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए
- घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की पर्याप्त जगह
- आधार कार्ड एवं बैंक खाता आवश्यक
- राज्य DISCOM के नियमों का पालन करना होगा
सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक PM Surya Ghar पोर्टल पर जाएँ
- मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें
- राज्य, DISCOM एवं बिजली कनेक्शन की जानकारी भरें
- रूफटॉप सोलर सिस्टम हेतु आवेदन जमा करें
- मंजूरी मिलने के बाद अधिकृत वेंडर से सोलर पैनल लगवाएँ
- नेट मीटरिंग और निरीक्षण के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त करें
सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- बिजली बिल / उपभोक्ता संख्या
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- घर की छत की जानकारी / फोटो
- पासपोर्ट साइज फोटो
महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क
- आधिकारिक पोर्टल: https://pmsuryaghar.gov.in
- संबंधित राज्य DISCOM कार्यालय
दिशानिर्देश
- केवल अधिकृत वेंडर से सोलर सिस्टम लगवाएँ
- आवेदन से पहले छत की स्थिति एवं क्षमता जांच लें
- सब्सिडी नियम समय-समय पर बदल सकते हैं
- सरकारी निर्देशों एवं DISCOM नियमों का पालन करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह Ministry of New and Renewable Energy द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय रूफटॉप सोलर योजना है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों के घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस योजना के माध्यम से सरकार सोलर सिस्टम लगाने पर सब्सिडी देती है, जिससे लोगों का लंबे समय तक बिजली खर्च कम होता है और वे अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकते हैं।
Q2. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है और कैसे मिलती है?
योजना के तहत सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है — लगभग ₹30,000 (1kW), ₹60,000 (2kW) और अधिकतम ₹78,000 (3kW या उससे अधिक) तक। यह सब्सिडी सोलर सिस्टम लगने और निरीक्षण/नेट मीटरिंग पूरी होने के बाद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है।
Q3. क्या सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में सच में 300 यूनिट फ्री बिजली मिलती है?
सरकार सीधे फ्री यूनिट नहीं देती; बल्कि सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली के कारण आपका बिजली बिल कम या लगभग शून्य हो सकता है। औसतन सही क्षमता का सिस्टम लगाने पर कई घरों को लगभग 300 यूनिट तक की मासिक बिजली जरूरत सोलर से पूरी हो जाती है, जिससे ग्रिड से कम बिजली लेनी पड़ती है।
Q4. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए कौन पात्र है और कौन आवेदन कर सकता है?
कोई भी घरेलू बिजली उपभोक्ता, जिसके नाम पर वैध बिजली कनेक्शन हो और घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की पर्याप्त जगह उपलब्ध हो, आवेदन कर सकता है। साथ ही बैंक खाता और आधार जैसे बुनियादी दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं। अंतिम पात्रता संबंधित राज्य DISCOM के नियमों पर भी निर्भर कर सकती है।
Q5. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है?
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें और अपना राज्य व DISCOM चुनें। इसके बाद बिजली कनेक्शन की जानकारी और छत से संबंधित विवरण भरकर आवेदन जमा करें। स्वीकृति मिलने पर अधिकृत वेंडर से सोलर सिस्टम लगवाएँ। इंस्टॉलेशन और निरीक्षण पूरा होने के बाद नेट मीटरिंग की प्रक्रिया होती है, जिसके पश्चात सब्सिडी बैंक खाते में भेजी जाती है।
Q6. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सब्सिडी मिलने में कितना समय लगता है?
सोलर सिस्टम लगने, निरीक्षण और नेट मीटरिंग पूरी होने के बाद सामान्यतः कुछ हफ्तों के भीतर सब्सिडी DBT के माध्यम से बैंक खाते में जमा हो जाती है। हालांकि समय राज्य, DISCOM प्रक्रिया और दस्तावेज़ सत्यापन पर निर्भर कर सकता है।
Q7. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत क्या सोलर से बनी अतिरिक्त बिजली बेच सकते हैं?
हाँ, नेट मीटरिंग प्रणाली के तहत यदि आपके सोलर सिस्टम से जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है, तो उसे स्थानीय DISCOM को भेजा जा सकता है। कई राज्यों में इसके बदले बिजली बिल में क्रेडिट या भुगतान मिलता है, जिससे अतिरिक्त आय का अवसर बनता है।
Q8. किराएदार या अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भी सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं क्या?
सामान्यतः आवेदन उसी व्यक्ति के नाम से होता है जिसके नाम पर बिजली कनेक्शन और संपत्ति/छत का अधिकार हो। किराएदार आवेदन करना चाहें तो मकान मालिक की अनुमति और कई मामलों में उनके नाम से आवेदन आवश्यक हो सकता है। अपार्टमेंट में सामूहिक या सोसायटी मॉडल भी कुछ राज्यों में उपलब्ध है।
Q9. सोलर सिस्टम लगाने में कितना समय लगता है और क्या मेंटेनेंस ज्यादा है?
आवेदन स्वीकृति के बाद अधिकृत वेंडर आमतौर पर कुछ हफ्तों से 1–2 महीने के भीतर इंस्टॉलेशन कर देते हैं। सोलर सिस्टम का मेंटेनेंस कम होता है—समय-समय पर पैनल की सफाई और बेसिक चेकअप पर्याप्त होता है, जिससे सिस्टम वर्षों तक सुचारु रूप से चलता है।
Q10. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी होते हैं?
आधार कार्ड, हाल का बिजली बिल या उपभोक्ता संख्या, बैंक पासबुक/खाता विवरण, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और घर/छत की जानकारी आमतौर पर आवश्यक होती है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त दस्तावेज़ भी मांगे जा सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले DISCOM निर्देश जरूर देखें।
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