प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop, जिसे संक्षेप में PMKSY-PDMC कहा जाता है, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि में जल उपयोग की दक्षता को बढ़ाना और किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सहायता करना है। इस योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है, जो विशेष रूप से जल संरक्षण और फसल उत्पादन में सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं। योजना 2025–26 तक लागू है और इसे “हर खेत को पानी” के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित किया गया है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – पर ड्रॉप मोर क्रॉप (PMKSY-PDMC) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि में जल उपयोग दक्षता बढ़ाना है। इस योजना के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है ताकि कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो सके। यह योजना वर्तमान में चालू है और 2025–26 तक विस्तारित की गई है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से लाभ
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना किसानों के लिए कई प्रकार के लाभ प्रदान करती है। सबसे बड़ा लाभ यह है कि ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने में सक्षम होते हैं। यह योजना जल की बचत को बढ़ावा देती है और सिंचाई दक्षता में सुधार करती है, जिससे कम पानी में अधिक फसल उत्पादन संभव होता है। इसके साथ ही, फसल उत्पादन में वृद्धि से किसानों की आय में भी सुधार होता है। सब्सिडी राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होती है। इसके अलावा, इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है और जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलती है।
- ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर सब्सिडी
- जल की बचत और सिंचाई दक्षता में सुधार
- फसल उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि
- सब्सिडी राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से
- छोटे और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता
- जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन में सहायता
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की पात्रता
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक केवल भारत का निवासी और किसान होना चाहिए। योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है और केवल कृषि भूमि रखने वाले किसान ही आवेदन कर सकते हैं। सब्सिडी अधिकतम 5 हेक्टेयर तक की भूमि पर लागू होती है। इसके अलावा, माइक्रो-इरिगेशन उपकरणों को BIS प्रमाणित होना आवश्यक है। प्रत्येक राज्य अपनी विशेष शर्तें भी लागू कर सकता है, इसलिए आवेदन से पहले राज्य कृषि विभाग से आवश्यक जानकारी प्राप्त करना ज़रूरी है।
- आवेदक भारत का किसान होना चाहिए
- योजना सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू
- किसान के पास कृषि भूमि होनी चाहिए
- अधिकतम 5 हेक्टेयर भूमि तक सब्सिडी की पात्रता
- माइक्रो-इरिगेशन उपकरण BIS प्रमाणित होने चाहिए
- राज्य सरकार द्वारा तय अतिरिक्त शर्तें लागू हो सकती हैं
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया सरल और स्पष्ट है। सबसे पहले, नज़दीकी जिला या ब्लॉक कृषि कार्यालय से संपर्क करें और आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। आवेदन पत्र को सही-सही भरें और आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें। इसके बाद आवेदन पत्र को कृषि विभाग या राज्य पोर्टल पर जमा करें। सभी विवरणों के सत्यापन के बाद सब्सिडी राशि सीधे DBT के माध्यम से आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया गया है कि आवेदन सरल हो और किसानों को आसानी से लाभ मिल सके।
- नज़दीकी कृषि कार्यालय जाएँ
जिला/ब्लॉक कृषि कार्यालय या कृषि विभाग से संपर्क करें - आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
PMKSY-Per Drop More Crop का आवेदन पत्र लें - फॉर्म भरें
सभी विवरण सही-सही भरें - दस्तावेज़ संलग्न करें
आवश्यक प्रमाण पत्र आवेदन के साथ जोड़ें - आवेदन जमा करें
कृषि विभाग या राज्य पोर्टल पर आवेदन जमा करें - सब्सिडी प्राप्त करें
सत्यापन के बाद सब्सिडी राशि DBT के माध्यम से खाते में भेजी जाती है
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़
आवेदन के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक या खाता विवरण, भूमि स्वामित्व प्रमाण जैसे खसरा-खतौनी या पट्टा, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और मोबाइल नंबर शामिल हैं। इन दस्तावेज़ों के माध्यम से आवेदन का सत्यापन किया जाता है और सब्सिडी सीधे किसान के खाते में पहुंचाई जाती है।
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक / खाता विवरण
- भूमि स्वामित्व प्रमाण (खसरा-खतौनी / पट्टा)
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- मोबाइल नंबर
महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से संबंधित जानकारी के लिए किसान आधिकारिक वेबसाइट https://pmksy.gov.in पर जा सकते हैं। इसके अलावा, नज़दीकी जिला या ब्लॉक कृषि कार्यालय और राज्य कृषि विभाग के पोर्टल से भी योजना के बारे में जानकारी और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- आधिकारिक वेबसाइट: https://pmksy.gov.in
- संपर्क: नज़दीकी जिला / ब्लॉक कृषि कार्यालय
दिशानिर्देश
इस योजना का मुख्य उद्देश्य “हर खेत को पानी” और “Per Drop More Crop” को बढ़ावा देना है। सब्सिडी दर राज्य और किसान वर्ग के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। केवल सरकार द्वारा अनुमोदित कंपनियों के उपकरण ही मान्य हैं। आवेदन करने से पहले राज्य कृषि विभाग से पूरी जानकारी प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सब्सिडी और अन्य लाभ सुनिश्चित रूप से मिल सकें।
- योजना का उद्देश्य Har Khet Ko Pani और Per Drop More Crop को बढ़ावा देना
- सब्सिडी दर राज्य एवं किसान वर्ग के अनुसार अलग हो सकती है
- केवल सरकार द्वारा अनुमोदित कंपनियों के उपकरण ही मान्य
- आवेदन से पहले राज्य कृषि विभाग से जानकारी अवश्य प्राप्त करें
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop किसानों के लिए एक अत्यंत लाभकारी योजना है, जो जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने में मदद करती है। यह योजना वर्तमान में चालू है और किसानों को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए।
यह योजना न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि कृषि उत्पादन और किसानों की आय में भी वृद्धि करती है। योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सब्सिडी, आधुनिक सिंचाई तकनीकों और DBT प्रणाली के माध्यम से किसानों के लिए लाभ सुनिश्चित करती है। वर्तमान में यह योजना चालू है और सभी पात्र किसानों को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – पर ड्रॉप मोर क्रॉप क्या है?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत, किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों पर वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जाती है। ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से पौधों की जड़ों तक सीधे पानी पहुँचता है, जिससे जल की बर्बादी कम होती है और फसल उत्पादन बढ़ता है। स्प्रिंकलर सिस्टम भी कम पानी में समान रूप से खेत की सिंचाई सुनिश्चित करता है।
PMKSY-PDMC योजना का लक्ष्य केवल फसल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि यह जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा देने, किसानों की आय सुधारने और कृषि क्षेत्र में सतत विकास को सुनिश्चित करने में भी मदद करती है। योजना में विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि वे भी आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी पैदावार और लाभ बढ़ा सकें।
इसके तहत सब्सिडी राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे लाभार्थियों तक भुगतान पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँच सके। योजना वर्तमान में पूरे भारत में लागू है और सरकार ने इसे वित्त वर्ष 2025–26 तक विस्तारित किया है।
Q2. क्या PMKSY Per Drop More Crop योजना अभी चालू है?
हाँ, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) वर्तमान में पूरी तरह से चालू है और इसे भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2025–26 तक बढ़ाया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर इत्यादि अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि कम पानी में अधिक फसल उत्पादन संभव हो सके। योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को विशेष रूप से प्राथमिकता दी जाती है, जिससे वे भी इस आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।
इस योजना के अंतर्गत सरकार किसानों को माइक्रो-इरिगेशन उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करती है, जो सीधे उनके बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है। इससे न केवल किसानों की लागत कम होती है बल्कि भुगतान प्रक्रिया भी पारदर्शी और तेज़ होती है। योजना पूरे भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है और इसके लिए आवेदन प्रक्रिया सरल और स्पष्ट है।
Q3. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) के तहत किसानों को माइक्रो-इरिगेशन उपकरण जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर पर सब्सिडी प्रदान की जाती है। सब्सिडी की दर राज्य और किसान वर्ग के अनुसार भिन्न होती है, ताकि योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुँच सके। सामान्य किसानों के लिए यह दर लगभग 45% होती है, जबकि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) और छोटे एवं सीमांत किसानों को अधिक लाभ देने के लिए यह दर बढ़ाकर 55% तक निर्धारित की जाती है।
इसका मतलब यह है कि यदि कोई किसान ड्रिप इरिगेशन या स्प्रिंकलर प्रणाली की कुल लागत ₹1,00,000 है, तो सरकार इसके 45% से 55% तक की राशि सब्सिडी के रूप में प्रदान करेगी। शेष राशि किसान को स्वयं निवेश करनी होती है। सब्सिडी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे भुगतान पारदर्शी और समयबद्ध होता है।
इसके अलावा, सब्सिडी दर राज्य के अनुसार भी अलग-अलग हो सकती है और कुछ राज्यों में अतिरिक्त प्रोत्साहन या विशेष दरें लागू की जाती हैं। इसलिए योजना का लाभ उठाने से पहले राज्य कृषि विभाग या नज़दीकी कृषि कार्यालय से सब्सिडी दर और पात्रता की पुष्टि करना आवश्यक है।
Q4. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ कौन ले सकता है?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) का लाभ भारत के सभी किसान ले सकते हैं, बशर्ते वे योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों। सबसे पहले, आवेदक को भारत का नागरिक और सक्रिय किसान होना आवश्यक है। इसके अलावा, लाभ उठाने के लिए किसान के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए, क्योंकि योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि में जल दक्षता और उत्पादन बढ़ाना है।
योजना पूरे भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, लेकिन सब्सिडी और पात्रता के संबंध में प्रत्येक राज्य कुछ विशेष शर्तें या मानदंड निर्धारित कर सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ राज्यों में छोटे और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, जबकि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के किसानों के लिए सब्सिडी दर अधिक होती है।
इसके अलावा, माइक्रो-इरिगेशन उपकरण जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर BIS प्रमाणित होने चाहिए, और केवल राज्य या केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित उपकरण ही योजना के तहत मान्य हैं। किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन से पहले अपने राज्य कृषि विभाग या जिला/ब्लॉक कृषि कार्यालय से योजना की पूरी जानकारी प्राप्त करें, ताकि सभी शर्तों और दस्तावेज़ों की पुष्टि हो सके।
Q5. PMKSY Per Drop More Crop के लिए आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) के तहत आवेदन करना सरल और सुव्यवस्थित प्रक्रिया है। योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक माइक्रो-इरिगेशन तकनीकों जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम अपनाने में सहायता करना है, और इसके लिए आवेदन प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनाया गया है।
सबसे पहले, किसान अपने नज़दीकी जिला या ब्लॉक कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कृषि केंद्र या राज्य कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन फॉर्म को प्राप्त करने के बाद, किसान को इसे सही-सही भरना होता है और सभी आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि स्वामित्व प्रमाण, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) संलग्न करना होता है।
फॉर्म भरने और दस्तावेज़ संलग्न करने के बाद, आवेदन को कृषि कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल पर जमा किया जाता है। जमा किए गए आवेदन का सत्यापन जिला/राज्य कृषि अधिकारियों द्वारा किया जाता है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सब्सिडी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेज दी जाती है।
Q6. क्या प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) के लिए आवेदन कुछ राज्यों में ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है, जबकि अन्य राज्यों में किसानों को अपने नज़दीकी जिला या ब्लॉक कृषि कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन करना होता है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना के लाभ अधिक से अधिक किसानों तक सरल और तेज़ी से पहुँच सकें।
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए, किसान को सबसे पहले अपने राज्य कृषि विभाग के अधिकृत पोर्टल पर लॉगिन करना होता है। पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन फॉर्म को भरकर सभी आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि स्वामित्व प्रमाण, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करने होते हैं। ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद, जिला/राज्य कृषि अधिकारी आवेदन की समीक्षा और सत्यापन करते हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद सब्सिडी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेज दी जाती है।
वहीं, जिन राज्यों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां किसान को कृषि कार्यालय या ब्लॉक/जिला केंद्र जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा, फॉर्म भरना होगा और सभी दस्तावेज़ जमा करने होंगे। इसके बाद भी सब्सिडी की प्रक्रिया DBT के माध्यम से ही होती है।
Q7. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कौन-कौन सी सिंचाई प्रणालियाँ शामिल हैं?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) के तहत मुख्य रूप से आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ शामिल हैं, जो कम जल में अधिक फसल उत्पादन सुनिश्चित करती हैं। सबसे पहले इसमें ड्रिप सिंचाई प्रणाली शामिल है, जो सीधे पौधों की जड़ों तक पानी पहुँचाती है, जिससे जल की बर्बादी कम होती है और फसल की पैदावार बढ़ती है। ड्रिप सिंचाई का लाभ विशेष रूप से फलों, सब्जियों और पानी की संवेदनशील फसलों में अधिक होता है।
इसके अलावा, योजना में स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली भी शामिल है, जो खेत में समान रूप से पानी छिड़कती है और परंपरागत सिंचाई विधियों की तुलना में जल की खपत कम करती है। स्प्रिंकलर प्रणाली बड़े खेतों और गेहूँ, धान जैसी अनाज फसलों के लिए उपयुक्त है।
इसके अलावा, PMKSY-PDMC योजना में माइक्रो-इरिगेशन से जुड़े उपकरण और तकनीकें भी शामिल हैं, जैसे पाइपलाइन, ड्रिप लाइन, फिल्टर, कनेक्टर और अन्य सहायक उपकरण। इन सभी उपकरणों को BIS प्रमाणित और सरकार द्वारा अनुमोदित होना चाहिए, ताकि उनकी गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।
इस योजना में मुख्य रूप से:
* ड्रिप सिंचाई प्रणाली
* स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली
* माइक्रो-इरिगेशन से जुड़े उपकरण शामिल हैं
Q8. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) के तहत आवेदन करते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। ये दस्तावेज़ योजना के लिए पात्रता, भूमि स्वामित्व और बैंकिंग विवरण को सत्यापित करने के लिए अनिवार्य हैं। सबसे पहले, आधार कार्ड जरूरी है, जो आवेदक की पहचान और नागरिकता प्रमाणित करता है। इसके साथ ही, किसान का बैंक खाता विवरण या पासबुक आवश्यक है, क्योंकि सब्सिडी राशि सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से खाते में भेजी जाती है।
इसके अलावा, भूमि स्वामित्व प्रमाण जैसे खसरा-खतौनी, पट्टा या अन्य दस्तावेज़ जमा करना अनिवार्य है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदनकर्ता के पास कृषि योग्य भूमि है। आवेदक का निवास प्रमाण पत्र भी आवश्यक है, जो स्थानीय स्तर पर योजना की पात्रता सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही, आवेदन में पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करना होता है और सक्रिय मोबाइल नंबर प्रदान करना जरूरी है, ताकि आवेदन की स्थिति और सब्सिडी के भुगतान संबंधी जानकारी सीधे किसान तक पहुँच सके।
कुछ राज्यों में यदि लागू हो, तो जाति प्रमाण पत्र (SC/ST) या अन्य विशेष प्रमाण पत्र भी आवश्यक हो सकते हैं, ताकि संबंधित वर्ग के किसानों को अधिक सब्सिडी या प्राथमिकता प्रदान की जा सके।
Q9. क्या छोटे और सीमांत किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का अधिक लाभ मिलता है?
हाँ, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – Per Drop More Crop (PMKSY-PDMC) में छोटे और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आधुनिक माइक्रो-इरिगेशन तकनीक जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचें और जल संरक्षण के साथ-साथ फसल उत्पादन और आय में सुधार हो। छोटे और सीमांत किसान, जो सामान्यतः कम संसाधनों वाले होते हैं, उनके लिए योजना को अधिक लाभकारी बनाने के लिए कई राज्यों में उच्च सब्सिडी दर प्रदान की जाती है।
उदाहरण के लिए, सामान्य किसानों को 45% तक की सब्सिडी मिलती है, वहीं छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह दर 50% से 55% तक हो सकती है। इसके अलावा, कुछ राज्यों में इन्हें आवेदन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाती है, ताकि वे पहले आवेदन कर सकें और समय पर सब्सिडी का लाभ उठा सकें। यह प्राथमिकता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छोटे और सीमांत किसानों के पास निवेश करने की क्षमता सीमित होती है, और सब्सिडी के माध्यम से वे आधुनिक सिंचाई तकनीक को अपनाकर अपनी फसल की पैदावार और आय बढ़ा सकते हैं।
योजना का यह वर्ग-केंद्रित दृष्टिकोण किसानों के बीच समान अवसर और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, राज्य सरकारें और जिला कृषि अधिकारी इन किसानों को विशेष मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी प्रदान करते हैं, ताकि वे योजना का अधिकतम लाभ उठा सकें।
इस प्रकार, PMKSY-PDMC योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो उन्हें आधुनिक सिंचाई तकनीकों के माध्यम से जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और आय सुधार सुनिश्चित करने में मदद करती है।
ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

