दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना

योजना में कम से कम 75% अभ्यर्थियों को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है तथा कुछ मामलों में पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता भी दी जाती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना क्या है?

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) द्वारा चलाई जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें रोजगार से जोड़ना है। योजना के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को उद्योग की मांग के अनुसार जॉब-ओरिएंटेड कोर्स, प्लेसमेंट सहायता, और प्रशिक्षण अवधि के दौरान रहने व खाने की सुविधा (कुछ मामलों में) दी जाती है। विशेष रूप से SC/ST, महिला, दिव्यांग और अल्पसंख्यक युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है। प्रशिक्षण पूरा करने पर देशभर में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाता है।

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत चलाई जा रही एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोज़गार से जोड़ना है।


दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना से लाभ

इस योजना का लाभ ग्रामीण युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण के रूप में मिलता है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को उद्योग की मांग के अनुसार जॉब-ओरिएंटेड कोर्स दिए जाते हैं और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार या प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण अवधि में रहने और खाने की सुविधा भी कुछ मामलों में उपलब्ध होती है। इसके अलावा SC/ST, महिला, दिव्यांग और अल्पसंख्यक युवाओं को योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाती है। योजना के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को देशभर में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी मिलता है, जो उनके रोजगार की संभावनाओं को और बढ़ाता है।

  • ग्रामीण युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण
  • प्रशिक्षण के बाद रोज़गार / प्लेसमेंट सहायता
  • उद्योग की मांग के अनुसार जॉब-ओरिएंटेड कोर्स
  • प्रशिक्षण अवधि में रहने व खाने की सुविधा (कुछ मामलों में)
  • SC / ST, महिला, दिव्यांग, अल्पसंख्यक युवाओं को प्राथमिकता
  • देशभर में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की पात्रता

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए आवेदक को ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए और आयु सीमा 15 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। SC/ST, महिला और दिव्यांग वर्ग के लिए कुछ मामलों में आयु सीमा में छूट दी जाती है। आवेदक का परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) होना चाहिए या SECC डेटा में दर्ज होना चाहिए, अथवा MNREGA जॉब कार्डधारी परिवार से संबंधित होना चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कोर्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

  • आवेदक ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए
  • आयु सीमा: 15 से 35 वर्ष
    • SC / ST / महिला / दिव्यांग वर्ग के लिए कुछ मामलों में आयु सीमा में छूट
  • परिवार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) या
    • SECC डेटा में दर्ज
    • MNREGA जॉब कार्डधारी परिवार से संबंधित
  • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कोर्स के अनुसार अलग-अलग हो सकती है

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

इस योजना में आवेदन अधिकतर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) या अधिकृत DDU-GKY ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से किया जाता है। उम्मीदवार को Kaushal Panjee / DDU-GKY पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है और आवश्यक दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाता है। योग्य पाए जाने पर उन्हें ट्रेनिंग सेंटर आवंटित किया जाता है और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्लेसमेंट सपोर्ट प्रदान किया जाता है। अधिकांश मामलों में आवेदन ऑनलाइन नहीं, बल्कि अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से ही होता है।

  1. उम्मीदवार अपने राज्य की ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) या
    DDU-GKY ट्रेनिंग सेंटर से संपर्क करें
  2. Kaushal Panjee / Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाता है
  3. आवश्यक दस्तावेज़ सत्यापन
  4. योग्य पाए जाने पर ट्रेनिंग सेंटर आवंटन
  5. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्लेसमेंट सपोर्ट

⚠️ नोट: अधिकतर मामलों में आवेदन ऑनलाइन नहीं बल्कि अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से कराया जाता है।


दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में आवश्यक दस्तावेज़

योजना के लिए आवेदक को कुछ दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होते हैं, जिनमें शामिल हैं: आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाता विवरण, और BPL/SECC/MNREGA जॉब कार्ड (यदि उपलब्ध हो)। ये दस्तावेज़ नामांकन और लाभ सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं।

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक खाता विवरण
  • BPL / SECC / MNREGA जॉब कार्ड (यदि उपलब्ध)

महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क

योजना Ministry of Rural Development, Government of India द्वारा संचालित होती है। लाभार्थी अपने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) कार्यालय या अधिकृत DDU-GKY ट्रेनिंग सेंटर से संपर्क कर सकते हैं। वर्तमान में DDU-GKY योजना चालू है और विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण और प्लेसमेंट गतिविधियां जारी हैं।

  • मंत्रालय: Ministry of Rural Development, Government of India
  • योजना: Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana (DDU-GKY)
  • संपर्क माध्यम:
    • राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) कार्यालय
    • अधिकृत DDU-GKY ट्रेनिंग सेंटर

🔔 योजना की स्थिति:
DDU-GKY वर्तमान में चालू है और विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण व प्लेसमेंट गतिविधियाँ जारी हैं।


दिशानिर्देश

DDU-GKY प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है। प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवार की नियमित उपस्थिति अनिवार्य होती है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्लेसमेंट से इंकार करने पर कुछ सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। उम्मीदवारों को फर्जी एजेंटों से सावधान रहना चाहिए और केवल अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर से ही संपर्क करना चाहिए।

  • प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है
  • उम्मीदवार को प्रशिक्षण अवधि में नियमित उपस्थिति अनिवार्य है
  • प्लेसमेंट से इंकार करने पर कुछ सुविधाएँ प्रभावित हो सकती हैं
  • फर्जी एजेंटों से सावधान रहें, केवल अधिकृत सेंटर से ही संपर्क करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना क्या है?

DDU-GKY भारत सरकार की एक कौशल विकास योजना है, जिसके तहत ग्रामीण गरीब युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरी (Placement) से जोड़ा जाता है। यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है।

Q2. क्या दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना अभी चालू है?

हाँ, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) वर्तमान में पूरी तरह से चालू (Running) है और देश के विभिन्न राज्यों में इसके तहत प्रशिक्षण और प्लेसमेंट की गतिविधियां जारी हैं। यह योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के हिस्से के रूप में संचालित होती है और इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है।
योजना के तहत चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के दौरान जॉब-ओरिएंटेड कोर्स, उद्योग की मांग के अनुसार कौशल विकास, और प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण केंद्रों में रहने और खाने की सुविधा (कुछ मामलों में) भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण में पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है।
इस योजना में विशेष प्राथमिकता SC/ST, महिला, दिव्यांग और अल्पसंख्यक युवाओं को दी जाती है, ताकि समाज के कमजोर वर्ग के युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिल सकें। प्रशिक्षण पूरा होने पर युवाओं को देशभर में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें विभिन्न उद्योगों में रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलती है।

Q3. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना किस मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है?

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) भारत सरकार की एक प्रमुख कौशल विकास योजना है, जो Ministry of Rural Development (ग्रामीण विकास मंत्रालय), भारत सरकार द्वारा संचालित की जाती है। यह मंत्रालय देश के ग्रामीण विकास और ग्रामीण आजीविका कार्यक्रमों का केंद्रीय नियामक और क्रियान्वयन एजेंसी है।
योजना का संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत किया जाता है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मंत्रालय इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी, पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट सहायता सुनिश्चित करता है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय यह सुनिश्चित करता है कि DDU-GKY योजना के लाभ देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में योग्य और पात्र युवाओं तक पहुँचें। इसके अलावा, मंत्रालय योजना में विशेष रूप से SC/ST, महिला, दिव्यांग और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता देता है, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिल सकें।

Q4. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में आवेदन कौन कर सकता है?

* ग्रामीण क्षेत्र के वे युवा:
* जिनकी आयु 15 से 35 वर्ष के बीच है
* जो BPL / SECC / MNREGA परिवार से संबंधित हैं
* जो बेरोज़गार हैं या कौशल प्रशिक्षण लेना चाहते हैं

Q5. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में प्रशिक्षण मुफ्त है या नहीं?

हाँ, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) के अंतर्गत प्रदान किया जाने वाला प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) होता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को आर्थिक भार के बिना कौशल और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। योजना के तहत प्रशिक्षण के दौरान कोर्स फीस, प्रशिक्षण सामग्री और अधिकतर मामलों में रहने व खाने की सुविधा भी उम्मीदवारों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के अधिकृत ट्रेनिंग सेंटरों के माध्यम से संचालित किया जाता है। प्रशिक्षण का यह मुफ्त मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि गरीब और कमजोर वर्ग के युवा भी उद्योग की मांग अनुसार कौशल विकसित कर सकें और प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त कर सकें
इसके अलावा, योजना के तहत विशेष प्राथमिकता SC/ST, महिला, दिव्यांग और अल्पसंख्यक युवाओं को दी जाती है, ताकि समाज के कमजोर वर्गों के युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिल सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवा देशभर में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट प्राप्त करते हैं, जिससे उन्हें विभिन्न उद्योगों में रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

Q6. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं?

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) ग्रामीण युवाओं को रोज़गार-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कई सेक्टरों में कोर्स उपलब्ध कराती है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण युवाओं को उद्योग की मांग के अनुसार जॉब-ओरिएंटेड और रोजगार योग्य कौशल मिले।
इस योजना के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है:
* Retail (खुदरा क्षेत्र) – जिसमें बिक्री प्रबंधन, कस्टमर सर्विस और इन्वेंटरी मैनेजमेंट जैसे कोर्स शामिल हैं।
* Hospitality (अतिथ्य और होटल उद्योग) – इसमें होटल मैनेजमेंट, रेस्टोरेंट सर्विस, और हाउसकीपिंग जैसे प्रशिक्षण शामिल हैं।
* Construction (निर्माण क्षेत्र) – इसमें निर्माण कार्य, साइट मैनेजमेंट और तकनीकी कौशल के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
* IT / ITES (सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी-सक्षम सेवाएं) – इसमें कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण, डेटा एंट्री, कॉल सेंटर ऑपरेशन और डिजिटल स्किल्स शामिल हैं।
* Healthcare (स्वास्थ्य क्षेत्र) – इसमें नर्सिंग, फार्मेसी असिस्टेंट, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल कोर्स उपलब्ध हैं।
* Logistics (लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन) – इसमें गोदाम प्रबंधन, ट्रांसपोर्टेशन और इन्वेंटरी मैनेजमेंट जैसे कोर्स शामिल हैं।
* Manufacturing (उत्पादन क्षेत्र) – इसमें मशीन ऑपरेशन, उत्पादन तकनीक और फैक्ट्री मैनेजमेंट जैसे प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि कोर्स की उपलब्धता राज्य और अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर पर निर्भर करती है। अलग-अलग राज्यों और केंद्रों में क्षेत्रीय उद्योग की मांग के अनुसार कोर्स का चयन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इस तरह, DDU-GKY योजना ग्रामीण युवाओं को न केवल रोजगार योग्य बनाती है बल्कि उन्हें उद्योग की वास्तविक मांग के अनुसार प्रशिक्षित और सशक्त भी बनाती है।

Q7. क्या दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में नौकरी (Placement) मिलती है?

हाँ, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को जॉब प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले ग्रामीण युवाओं को रोजगार योग्य बनाना और उन्हें स्थायी नौकरी दिलाना भी है।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को उद्योग की मांग के अनुसार जॉब-ओरिएंटेड कोर्स दिया जाता है, ताकि वे अपने कौशल का व्यावहारिक उपयोग कर सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उम्मीदवारों का प्लेसमेंट उनकी क्षमता, कोर्स और उद्योग की आवश्यकता के आधार पर किया जाता है। नौकरी का वेतन केंद्र या राज्य सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार होता है और यह कोर्स और उद्योग के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
इस योजना में विशेष रूप से SC/ST, महिला, दिव्यांग और अल्पसंख्यक युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि समाज के कमजोर वर्ग के युवाओं को रोजगार और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अवसर मिले। प्रशिक्षित उम्मीदवारों को देशभर में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, जो उन्हें अन्य रोजगार के अवसरों में भी मदद करता है।
इस प्रकार, DDU-GKY योजना केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनाने की एक समग्र पहल है। योजना का प्लेसमेंट मॉडल सुनिश्चित करता है कि प्रशिक्षित उम्मीदवार अपने कौशल का सही उपयोग करके स्थायी और गुणवत्तापूर्ण रोजगार प्राप्त कर सकें।

Q8. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में आवेदन कैसे करें?

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) में आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाइन फॉर्म भरने के बजाय अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से की जाती है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण युवाओं तक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के अवसर सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से पहुँचे।
आवेदन प्रक्रिया में उम्मीदवार को अपने जिले के DDU-GKY ट्रेनिंग पार्टनर या राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) कार्यालय से संपर्क करना होता है। उम्मीदवार ट्रेनिंग सेंटर पर जाकर Kaushal Panjee / DDU-GKY पोर्टल पर पंजीकरण कराते हैं और आवश्यक दस्तावेज़ों का सत्यापन किया जाता है। योग्य पाए जाने पर उन्हें ट्रेनिंग सेंटर आवंटित किया जाता है और प्रशिक्षण शुरू होता है।
प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवार को कोर्स सामग्री, कौशल प्रशिक्षण, और कुछ मामलों में रहने और खाने की सुविधा प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद योजना के तहत प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध होती है। ध्यान दें कि योजना में आवेदन केवल अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से ही मान्य होता है और किसी भी फर्जी एजेंट या अनधिकृत माध्यम से आवेदन करना सुरक्षित नहीं है।
इस तरह, DDU-GKY योजना ग्रामीण युवाओं को प्रत्यक्ष मार्ग से प्रशिक्षण और रोजगार तक पहुँचने का अवसर देती है, और सुनिश्चित करती है कि ग्रामीण क्षेत्र के योग्य और पात्र उम्मीदवार इसका लाभ प्राप्त करें।

Q9. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं?

मुख्य दस्तावेज़:
* आधार कार्ड
* निवास प्रमाण पत्र
* आयु प्रमाण पत्र
* शैक्षणिक प्रमाण पत्र
* बैंक खाता विवरण
* पासपोर्ट साइज फोटो

Q10. क्या महिलाएं दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में आवेदन कर सकती हैं?

हाँ, महिलाएं भी दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) में आवेदन कर सकती हैं। वास्तव में, योजना में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और कौशल विकास में सशक्त करने का अवसर मिल सके।
महिलाओं के लिए यह योजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें न केवल रोजगार योग्य बनाती है, बल्कि स्वयं का व्यवसाय शुरू करने या विभिन्न उद्योगों में काम करने के अवसर भी प्रदान करती है। योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण के दौरान कोर्स सामग्री, उद्योग-उन्मुख कौशल, जीवन कौशल और कुछ मामलों में रहने व खाने की सुविधा दी जाती है।
महिला उम्मीदवारों को योजना में प्राथमिकता देने का कारण यह है कि ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को प्लेसमेंट सहायता भी प्रदान की जाती है और उन्हें देशभर में मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, जिससे उन्हें विभिन्न उद्योगों में नौकरी पाने में मदद मिलती है।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

Share this Scheme:
WAFBX
Link Copied!