परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना, मिट्टी की उर्वरता में सुधार करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है। योजना के अंतर्गत किसानों को PGS-India प्रमाणन प्रणाली के माध्यम से जैविक प्रमाणन प्रदान किया जाता है।

विषय-सूची
योजना से लाभ
- जैविक खेती को बढ़ावा एवं मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार
- रासायनिक मुक्त और पौष्टिक कृषि उत्पादों का उत्पादन
- खेती की लागत में कमी और शुद्ध आय में वृद्धि
- PGS-India के तहत जैविक प्रमाणन की सुविधा
- स्थानीय एवं राष्ट्रीय बाजारों से सीधा जुड़ाव
- किसानों के समूह (Clusters) बनाकर सामूहिक सशक्तिकरण
- पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु अनुकूल खेती को प्रोत्साहन
Paramparagat Krishi Vikas Yojana पात्रता / योग्यता
- सभी किसान एवं किसान समूह पात्र
- व्यक्तिगत किसान के लिए अधिकतम भूमि सीमा: 2 हेक्टेयर
- किसान को PKVY के अंतर्गत बनाए गए क्लस्टर का सदस्य होना आवश्यक
- किसान के पास वैध भूमि दस्तावेज होना चाहिए
आवेदन प्रक्रिया
Step 01: इच्छुक किसान अपने राज्य/जिला कृषि विभाग या PGS-India से जुड़े क्षेत्रीय परिषद से संपर्क करें।
Step 02: क्षेत्रीय परिषद किसानों के आवेदन एकत्र कर क्लस्टर आधारित वार्षिक कार्य योजना (AAP) तैयार करती है।
Step 03: यह कार्य योजना राज्य सरकार के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजी जाती है।
Step 04: केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति के बाद राज्यों को धनराशि जारी की जाती है।
Step 05: राज्य सरकार/क्षेत्रीय परिषद द्वारा किसानों को योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।
आवेदन सुधार
- PKVY योजना में ऑनलाइन आवेदन सुधार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
- किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर किसान को संबंधित कृषि विभाग या क्षेत्रीय परिषद से संपर्क करना होगा।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- भूमि से संबंधित दस्तावेज
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC – यदि लागू हो)
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- DPR (यदि समूह/क्लस्टर द्वारा मांगा जाए)
नोट: दस्तावेज राज्य और हस्तक्षेप के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क
- मंत्रालय: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare
- कार्यान्वयन एजेंसी: राज्य कृषि विभाग / PGS-India क्षेत्रीय परिषद
- संपर्क: नजदीकी जिला कृषि कार्यालय
- Guideline
दिशानिर्देश
- योजना क्लस्टर आधारित है, व्यक्तिगत आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते
- जैविक खेती के सभी नियमों का पालन अनिवार्य
- PGS-India के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रमाणन किया जाएगा
- रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग वर्जित
- योजना का लाभ केवल चयनित क्लस्टर के किसानों को मिलेगा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।
Q1. क्या परम्परागत कृषि विकास योजना अभी चालू है या बंद हो गई है?
हाँ, परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) वर्तमान में चालू है और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है।
Q2. परम्परागत कृषि विकास योजना क्या है?
PKVY एक सरकारी योजना है, जिसके अंतर्गत किसानों को जैविक एवं रसायन-मुक्त खेती करने के लिए सहायता, प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जाता है।
Q3. Paramparagat Krishi Vikas Yojana योजना के लिए कौन पात्र है?
सभी किसान इस योजना के लिए पात्र हैं। एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक योजना का लाभ ले सकता है।
Q4. Paramparagat Krishi Vikas Yojana योजना में आवेदन कैसे करें?
इस योजना में आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। किसान को अपने जिला कृषि कार्यालय या PGS-India क्षेत्रीय परिषद से संपर्क करना होता है।
Q5. क्या Paramparagat Krishi Vikas Yojana के लिए ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध है?
नहीं, PKVY योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
Q6. Paramparagat Krishi Vikas Yojana योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता जैविक खेती, प्रशिक्षण और प्रमाणन हेतु दी जाती है।
Q7. क्या Paramparagat Krishi Vikas Yojana योजना केवल जैविक खेती के लिए है?
हाँ, यह योजना केवल जैविक और रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए है।
Q8. Paramparagat Krishi Vikas Yojana योजना में कौन-कौन सी फसलें शामिल हैं?
इस योजना के अंतर्गत अनाज, दालें, तिलहन, सब्ज़ियाँ, फल एवं मसाले जैसी सभी कृषि फसलें शामिल हैं।
Q9. Paramparagat Krishi Vikas Yojana योजना के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
आधार कार्ड, भूमि दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर, फोटो एवं (यदि लागू हो) जाति प्रमाण पत्र।
Q10. Paramparagat Krishi Vikas Yojana योजना किस मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है?
यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाई जाती है।
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