कृषोन्नति योजना सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल

Sub-Mission on Seeds and Planting Material के तहत किसानों को उन्नत व प्रमाणित बीज पर 40–50% तक सब्सिडी मिलती है। साथ ही बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग और भंडारण पर भी 25–50% तक अनुदान दिया जाता है, जिससे किसानों की लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है।

कृषोन्नति योजना (SMSP) क्या है?

कृषोन्नति योजना के अंतर्गत सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे Ministry of Agriculture & Farmers Welfare द्वारा लागू किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बीज उत्पादन प्रणाली को मजबूत करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। वर्तमान स्थिति (2025–26) के अनुसार यह योजना पूरे देश में लागू है और सक्रिय रूप से संचालित की जा रही है। यह योजना बीज गुणवत्ता सुधार, बीज प्रसंस्करण, भंडारण अवसंरचना और बीज ग्राम कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।

👉 वर्तमान स्थिति: यह योजना वर्तमान में (2025–26) चालू है और सभी राज्यों में लागू की जा रही है।


कृषोन्नति योजना (SMSP) के प्रमुख लाभ

कृषोन्नति योजना के तहत किसानों को प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे फसलों की उत्पादकता में सुधार होता है। योजना का एक प्रमुख लक्ष्य सीड रिप्लेसमेंट रेट (SRR) को बढ़ाना है, ताकि पारंपरिक बीजों की जगह बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों का उपयोग बढ़े। Seed Village Programme के माध्यम से किसानों को बीज उत्पादन में भागीदारी का अवसर मिलता है। इसके अतिरिक्त बीज प्रसंस्करण, भंडारण और परीक्षण अवसंरचना को विकसित किया जाता है। बीज उपचार (Seed Treatment) पर सब्सिडी, राष्ट्रीय बीज भंडार (National Seed Reserve) की स्थापना, और निजी क्षेत्र व सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) को बढ़ावा देकर बीज क्षेत्र को सुदृढ़ बनाया जाता है। इन सभी प्रयासों का अंतिम उद्देश्य किसानों की उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि करना है।

  • प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता
  • सीड रिप्लेसमेंट रेट (SRR) में वृद्धि
  • बीज ग्राम (Seed Village) कार्यक्रम के माध्यम से किसानों की भागीदारी
  • बीज प्रसंस्करण, भंडारण और परीक्षण अवसंरचना का विकास
  • बीज उपचार (Seed Treatment) पर सब्सिडी
  • राष्ट्रीय बीज भंडार (National Seed Reserve) की स्थापना
  • निजी क्षेत्र और सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) को प्रोत्साहन
  • किसानों की उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि

कृषोन्नति योजना के उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन को बढ़ाना और धान, चना, मूंगफली, कपास आदि प्रमुख फसलों में SRR को सुधारना है। Farm Saved Seed की गुणवत्ता में सुधार कर बीज गुणन श्रृंखला को मजबूत किया जाता है। नई उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों को लोकप्रिय बनाना भी योजना का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। बीज परीक्षण, प्रमाणन और भंडारण अवसंरचना को मजबूत कर बीज निर्यात को प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में किसानों को बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

  • प्रमाणित / गुणवत्तापूर्ण बीजों का उत्पादन बढ़ाना
  • धान, चना, मूंगफली, कपास आदि फसलों में SRR बढ़ाना
  • फार्म सेव्ड सीड (Farm Saved Seed) की गुणवत्ता में सुधार
  • बीज गुणन श्रृंखला को सशक्त बनाना
  • नई किस्मों और तकनीकों को लोकप्रिय बनाना
  • बीज परीक्षण, प्रमाणन और भंडारण अवसंरचना को मजबूत करना
  • बीज निर्यात को बढ़ावा देना
  • आपातकालीन परिस्थितियों में बीज उपलब्धता सुनिश्चित करना

कृषोन्नति योजना के प्रमुख घटक

कृषोन्नति योजना के अंतर्गत Seed Quality Control को सुदृढ़ किया जाता है और Grow Out Test (GOT) सुविधाओं का विकास किया जाता है। Seed Certification Agencies को सहायता प्रदान की जाती है। Seed Village Programme के माध्यम से Certified Seed Production को बढ़ावा दिया जाता है। Seed Processing Facilities और Seed Storage Facilities का विकास किया जाता है। विशेषकर उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए बीज परिवहन पर सब्सिडी दी जाती है। National Seed Reserve की स्थापना, कृषि में Biotechnology के उपयोग को प्रोत्साहन, Public–Private Partnership (PPP) मॉडल को बढ़ावा और निजी क्षेत्र में बीज उत्पादन को समर्थन भी इसके प्रमुख घटक हैं। इसके अतिरिक्त Survey/Studies और Sub-Mission Director को भी सहायता प्रदान की जाती है तथा Plant Varieties & Farmers’ Rights Authority (PPV&FRA) को समर्थन दिया जाता है।

  1. Seed Quality Control का सुदृढ़ीकरण
  2. Grow Out Test (GOT) सुविधाओं का विकास
  3. Seed Certification Agencies को सहायता
  4. Seed Village Programme
  5. Seed Village के माध्यम से Certified Seed Production
  6. Seed Processing Facilities
  7. Seed Storage Facilities
  8. बीज परिवहन पर सब्सिडी (विशेषकर उत्तर-पूर्वी राज्यों हेतु)
  9. National Seed Reserve
  10. कृषि में Biotechnology का उपयोग
  11. Public–Private Partnership (PPP)
  12. Private Sector में बीज उत्पादन को बढ़ावा
  13. Survey / Studies एवं Sub-Mission Director को सहायता
  14. Plant Varieties & Farmers’ Rights Authority (PPV&FRA)

कृषोन्नति योजना की पात्रता

इस योजना के अंतर्गत लघु एवं सीमांत किसान आवेदन कर सकते हैं। Seed Village Programme में भाग लेने वाले किसान तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बीज उत्पादक समूह या संस्थान भी पात्र होते हैं। हालांकि पात्रता राज्य-विशेष दिशा-निर्देशों के अनुसार भिन्न हो सकती है, इसलिए किसानों को अपने संबंधित राज्य कृषि विभाग से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

  • आवेदक लघु या सीमांत किसान होना चाहिए
  • बीज ग्राम कार्यक्रम में भाग लेने वाले किसान
  • राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बीज उत्पादक समूह / संस्थान
  • पात्रता राज्य-विशेष दिशा-निर्देशों के अनुसार भिन्न हो सकती है

कृषोन्नति योजना की आवेदन प्रक्रिया

कृषोन्नति योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन मोड में संचालित की जाती है। इच्छुक किसान अपने जिले के District Agriculture Officer (DAO) से संपर्क कर सकते हैं या Agriculture Development Officer (ADO)/ब्लॉक कृषि कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र जमा करने के बाद विभागीय सत्यापन किया जाता है और पात्र पाए जाने पर लाभ प्रदान किया जाता है।

Mode: Offline

  1. किसान अपने जिले के District Agriculture Officer (DAO) से संपर्क करें
  2. या Agriculture Development Officer (ADO) / ब्लॉक कृषि कार्यालय जाएं
  3. आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ आवेदन पत्र जमा करें
  4. विभागीय सत्यापन के बाद लाभ प्रदान किया जाता है

कृषोन्नति योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़

आवेदन के समय सामान्यतः B1/खतौनी/खसरा की प्रति, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो (यदि मांगी जाए) की आवश्यकता होती है। दस्तावेजों की सूची राज्य के अनुसार बदल सकती है।

  • B1 / खतौनी / खसरा की प्रति
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक की प्रति
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो (यदि मांगी जाए)

वित्तीय सहायता पैटर्न

कृषोन्नति योजना के विभिन्न घटकों में अलग-अलग वित्तीय सहायता पैटर्न लागू है। कुछ घटकों में 100% केंद्र सरकार सहायता प्रदान की जाती है, जबकि कुछ में 75:25 या 60:40 (केंद्र : राज्य) अनुपात लागू होता है। Seed Village, Seed Treatment, Seed Processing, Storage, GOT और National Seed Reserve जैसे घटकों के लिए अलग-अलग सहायता दरें निर्धारित की गई हैं।

  • कई घटकों में 100% केंद्र सरकार सहायता
  • कुछ घटकों में 75:25 या 60:40 (केंद्र : राज्य) वित्तीय पैटर्न
  • Seed Village, Seed Treatment, Seed Processing, Storage, GOT, National Seed Reserve आदि के लिए अलग-अलग सहायता दरें

कृषोन्नति योजना का संचालन Ministry of Agriculture & Farmers Welfare द्वारा किया जाता है तथा राज्य स्तर पर State Agriculture Department इसे लागू करता है। किसान अपने जिला कृषि अधिकारी (DAO) या ब्लॉक कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


Current Status Summary (2025–26)

विवरणस्थिति
योजना चालू है या नहीं?हाँ, चालू है
योजना का प्रकारCentrally Sponsored
मंत्रालयAgriculture & Farmers Welfare
आवेदन मोडOffline
लाभार्थीकिसान / बीज उत्पादक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) क्या है?

कृषोन्नति योजना के अंतर्गत सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) एक महत्वपूर्ण केंद्र प्रायोजित (Centrally Sponsored) योजना है, जिसका उद्देश्य देश में गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित बीजों की उपलब्धता बढ़ाना तथा बीज उत्पादन प्रणाली को सुदृढ़ करना है। यह योजना ग्रीन रिवॉल्यूशन–कृषोन्नति कार्यक्रम का एक प्रमुख घटक है और इसे Ministry of Agriculture & Farmers Welfare द्वारा लागू किया जाता है।
SMSP का मुख्य लक्ष्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराकर फसल उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना है। भारत में कई किसान पारंपरिक या फार्म सेव्ड सीड (Farm Saved Seed) का उपयोग करते हैं, जिससे उत्पादन क्षमता सीमित रह जाती है। इस योजना के माध्यम से सीड रिप्लेसमेंट रेट (SRR) बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाता है, ताकि किसान प्रमाणित बीजों का अधिक उपयोग करें और बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकें।

Q2. क्या कृषोन्नति योजना (SMSP) वर्तमान में चालू है?

हाँ, कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) वर्तमान में वर्ष 2025–26 में पूरी तरह से चालू है और देश के सभी राज्यों में राज्य कृषि विभागों के माध्यम से लागू की जा रही है। यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका संचालन Ministry of Agriculture & Farmers Welfare द्वारा किया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन संबंधित राज्य कृषि विभाग, जिला कृषि अधिकारी (DAO) और ब्लॉक स्तर के कृषि कार्यालयों के माध्यम से किया जाता है।
योजना का उद्देश्य किसानों को प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, सीड रिप्लेसमेंट रेट (SRR) बढ़ाना और बीज उत्पादन, परीक्षण एवं भंडारण अवसंरचना को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में Seed Village Programme, Seed Treatment पर सब्सिडी, Seed Processing Units का विकास और National Seed Reserve जैसे घटक सक्रिय रूप से संचालित हो रहे हैं।

Q3. यह योजना किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है?

कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) का संचालन Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, भारत सरकार द्वारा किया जाता है। यह मंत्रालय देश में कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि, खाद्य सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है।
इस योजना के अंतर्गत मंत्रालय नीति निर्माण, दिशा-निर्देश जारी करने, वित्तीय सहायता निर्धारित करने और योजना की निगरानी करने का कार्य करता है। जबकि जमीनी स्तर पर योजना का क्रियान्वयन राज्य कृषि विभागों, जिला कृषि अधिकारियों (DAO) और ब्लॉक कृषि कार्यालयों के माध्यम से किया जाता है।

Q4. कृषोन्नति योजना (SMSP) का लाभ कौन ले सकता है?

कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) का लाभ मुख्य रूप से लघु एवं सीमांत किसान, बीज उत्पादन से जुड़े किसान समूह तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त बीज उत्पादक संस्थान ले सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य ऐसे किसानों को प्रोत्साहित करना है जो प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का उत्पादन या उपयोग करना चाहते हैं, ताकि फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार हो सके।
Seed Village Programme के अंतर्गत भाग लेने वाले किसान भी इस योजना के पात्र होते हैं। इसके माध्यम से किसानों को प्रमाणित बीज उत्पादन, बीज उपचार, प्रसंस्करण और भंडारण सुविधाओं का लाभ मिलता है। इसके अलावा सहकारी समितियां, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), और राज्य द्वारा अनुमोदित बीज उत्पादक एजेंसियां भी योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

Q5. कृषोन्नति योजना (SMSP) के मुख्य लाभ क्या हैं?

कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) के अंतर्गत किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य फसल उत्पादन, गुणवत्ता और आय में वृद्धि करना है। इस योजना का सबसे प्रमुख लाभ प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को बेहतर अंकुरण, उच्च उत्पादकता और रोग प्रतिरोधी फसलें प्राप्त होती हैं।
योजना के तहत बीज उपचार (Seed Treatment) पर सब्सिडी दी जाती है, जिससे बीजों को रोगों और कीटों से सुरक्षित रखा जा सके। Seed Village Programme के माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर प्रमाणित बीज उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे बीजों की उपलब्धता समय पर और कम लागत में सुनिश्चित होती है।

Q6. कृषोन्नति योजना के तहत बीज उपचार पर कितनी सहायता मिलती है?

कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) के अंतर्गत बीज उपचार (Seed Treatment) को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बीज उपचार की लागत पर 75% तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सहायता प्रमाणित बीजों की गुणवत्ता बनाए रखने और फसल को प्रारंभिक अवस्था में रोगों एवं कीटों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से दी जाती है। हालांकि, इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा और वास्तविक सहायता राशि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों तथा राज्य-विशेष प्रावधानों के अनुसार तय की जाती है।
बीज उपचार से बीजों की अंकुरण क्षमता बेहतर होती है, फसल की शुरुआती वृद्धि मजबूत होती है और रोग संक्रमण का जोखिम कम होता है। इससे किसानों की उत्पादन लागत में कमी आती है और पैदावार में वृद्धि होती है। योजना के अंतर्गत राज्य कृषि विभागों के माध्यम से पात्र किसानों को यह सहायता प्रदान की जाती है।

Q7. क्या इस योजना के अंतर्गत बीज भंडारण की सुविधा मिलती है?

हाँ, कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) के अंतर्गत बीज भंडारण (Seed Storage) से संबंधित सुविधाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्पादित बीज सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और लंबे समय तक उपयोग योग्य बने रहें।
योजना के तहत नए बीज भंडारण गोदामों (Seed Storage Godowns) की स्थापना, आधुनिक स्टोरेज सुविधाओं का निर्माण तथा पुराने भंडारण केंद्रों के आधुनिकीकरण के लिए सहायता दी जाती है। इससे बीजों को नमी, तापमान और कीटों से सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे उनकी अंकुरण क्षमता और गुणवत्ता बनी रहती है।

Q8. कृषोन्नति योजना में आवेदन कैसे करें?

कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) के अंतर्गत वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस योजना में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन (Offline Mode) के माध्यम से संचालित की जाती है। इच्छुक किसान को अपने जिले के जिला कृषि अधिकारी (DAO) या संबंधित ब्लॉक कृषि कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाकर आवेदन करना होता है।
आवेदन के लिए किसान को निर्धारित आवेदन पत्र भरना होता है और आवश्यक दस्तावेज जैसे भूमि अभिलेख (खतौनी/खसरा/B1), आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, मोबाइल नंबर आदि जमा करने होते हैं। संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है, जिसके बाद पात्र पाए जाने पर योजना के अंतर्गत निर्धारित लाभ प्रदान किए जाते हैं।

Q9. कृषोन्नति योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?

कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) के अंतर्गत आवेदन करने के लिए किसान को कुछ आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होते हैं, ताकि उसकी पात्रता और भूमि स्वामित्व का सत्यापन किया जा सके। सामान्यतः इस योजना के लिए खतौनी / खसरा / B1 की प्रति आवश्यक होती है, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि किसान के पास कृषि योग्य भूमि है।
इसके अतिरिक्त आधार कार्ड पहचान प्रमाण के रूप में, बैंक पासबुक की प्रति (लाभ की राशि या सब्सिडी हस्तांतरण हेतु) तथा एक सक्रिय मोबाइल नंबर देना आवश्यक होता है, ताकि विभागीय सूचना और सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जा सके। कुछ राज्यों में पासपोर्ट साइज फोटो या अन्य सहायक दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

Q10. क्या कृषोन्नति योजना (SMSP) पूरे भारत में लागू है?

हाँ, कृषोन्नति योजना – सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांटिंग मटेरियल (SMSP) पूरे भारत में लागू है। यह एक केंद्र प्रायोजित (Centrally Sponsored) योजना है, जिसे Ministry of Agriculture & Farmers Welfare द्वारा संचालित किया जाता है और राज्य सरकारों के कृषि विभागों के माध्यम से लागू किया जाता है।
इस योजना का उद्देश्य देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किसानों को प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, सीड रिप्लेसमेंट रेट (SRR) बढ़ाना और बीज उत्पादन, प्रसंस्करण तथा भंडारण अवसंरचना को सुदृढ़ करना है। हालांकि योजना पूरे देश में लागू है, लेकिन इसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया, सहायता दर और प्राथमिकताएं राज्य-विशेष कृषि आवश्यकताओं के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
राज्य कृषि विभाग, जिला कृषि अधिकारी (DAO) और ब्लॉक कृषि कार्यालय योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसान अपने संबंधित जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर यह जान सकते हैं कि उनके राज्य में योजना के अंतर्गत कौन-कौन से घटक सक्रिय हैं और आवेदन की प्रक्रिया क्या है।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

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