Flipkart क्या है और स्व-सहायता समूह के लिए यह क्यों फायदेमंद है?
Flipkart भारत का अपना सबसे बड़ा ऑनलाइन बाजार है। इसे भारतीयों ने बनाया है और यह खास तौर पर भारत के छोटे शहरों और गाँवों के ग्राहकों तक पहुंचता है। हर रोज करोड़ों लोग Flipkart पर सामान खरीदते हैं।
Flipkart की एक बहुत खास बात यह है कि इसके ज्यादातर ग्राहक मध्यम वर्ग के हैं जो देशी, हाथ से बना और असली सामान खरीदना पसंद करते हैं। आपके समूह के बनाए अचार, पापड़, हस्तशिल्प और कपड़े यहाँ बहुत अच्छे दाम पर बिकते हैं।
Flipkart ने छोटे विक्रेताओं और स्व-सहायता समूहों के लिए एक खास कार्यक्रम बनाया है जिसका नाम है Flipkart समर्थ कार्यक्रम। इसमें समूहों को मुफ्त प्रशिक्षण, कम कमीशन और बाजार से जुड़ने में मदद मिलती है।
Flipkart के फायदे जो स्व-सहायता समूह को मिलते हैं: पूरे देश में सामान पहुंचता है · भारत का अपना मंच होने से ग्राहकों का भरोसा ज्यादा · छोटे और मध्यम वर्ग के ग्राहक अधिक · Flipkart समर्थ कार्यक्रम में मुफ्त सहायता · हर हफ्ते बैंक खाते में पैसे आते हैं · हिंदी में सहायता मिलती है
Flipkart पर बेचने से पहले क्या-क्या तैयार करना होगा?
Flipkart पर दुकान खोलने के लिए कुछ जरूरी कागज पहले से तैयार रखने होंगे। एक बार यह काम हो जाए तो लंबे समय तक काम आता है।

जरूरी कागजात:
- मोबाइल नंबर — समूह की अगुआ या अधिकृत सदस्य का नंबर
- ईमेल पता — अगर नहीं है तो जन सेवा केंद्र की मदद से नया बनवाएं
- जीएसटी नंबर — Flipkart पर बेचने के लिए यह जरूरी है
- PAN कार्ड — समूह के किसी एक सदस्य का या समूह का खुद का
- बैंक खाता — समूह का संयुक्त खाता जिसमें दो या अधिक सदस्यों के हस्ताक्षर हों
- FSSAI नंबर — अगर अचार, मसाले, पापड़ या कोई भी खाने की चीज बेचनी हो
- उत्पाद की फोटो — सफेद कपड़े या दीवार के सामने खींची साफ तस्वीरें
- उद्यम प्रमाण पत्र — MSME रजिस्ट्रेशन — Flipkart समर्थ कार्यक्रम के लिए जरूरी
⚠️ ध्यान दें: Flipkart पर भी जीएसटी नंबर जरूरी है। लेकिन यह मुफ्त बनता है और जन सेवा केंद्र की मदद से आसानी से हो जाता है। नीचे पूरा तरीका बताया गया है।
जीएसटी नंबर कैसे बनवाएं?
जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर। ऑनलाइन बेचने पर सरकार को इसकी जानकारी देनी होती है। जीएसटी नंबर बिल्कुल मुफ्त बनता है।
जीएसटी बनवाने के लिए क्या चाहिए:
- PAN कार्ड
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- समूह का पता और उसका प्रमाण
कैसे बनवाएं:
- gst.gov.in वेबसाइट पर जाएं या नजदीकी जन सेवा केंद्र की मदद लें
- “नया रजिस्ट्रेशन” पर क्लिक करें
- Composition Scheme चुनें — छोटे समूहों के लिए यही सबसे अच्छा है, इसमें सिर्फ 1% टैक्स देना होता है
- सारी जानकारी और कागज जमा करें
- 3 से 7 दिन में जीएसटी नंबर मिल जाता है
💡 Composition Scheme क्या है? अगर समूह की सालाना बिक्री डेढ़ करोड़ रुपये से कम है तो यही चुनें। इसमें सिर्फ 1% टैक्स देना होता है और हिसाब-किताब भी आसान रहता है।
FSSAI नंबर कैसे लें? (खाने का सामान बेचने वाली बहनों के लिए)
अगर आपका समूह अचार, मसाले, पापड़, घी, मुरब्बा या कोई भी खाने-पीने की चीज बेचता है तो FSSAI नंबर लेना जरूरी है। यह सरकार की मोहर है जो बताती है कि आपका सामान शुद्ध और सुरक्षित है।
FSSAI के तीन प्रकार — कौन सा लें?
| प्रकार | कितनी बिक्री पर | सालाना शुल्क |
|---|---|---|
| बुनियादी रजिस्ट्रेशन | 12 लाख रुपये तक | केवल ₹100 |
| राज्य लाइसेंस | 12 लाख से 20 करोड़ तक | ₹2,000–₹5,000 |
| केंद्रीय लाइसेंस | 20 करोड़ से ज्यादा | ₹7,500 |
छोटे समूहों के लिए बुनियादी रजिस्ट्रेशन काफी है जो मात्र ₹100 में हो जाती है।
FSSAI कैसे बनवाएं:
- foscos.fssai.gov.in वेबसाइट पर जाएं या जन सेवा केंद्र की मदद लें
- “रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करें” पर क्लिक करें
- समूह की जानकारी और पता भरें
- ₹100 का भुगतान करें
- 7 से 15 दिन में FSSAI नंबर मिल जाता है
Flipkart समर्थ कार्यक्रम क्या है? स्व-सहायता समूह को क्या मिलेगा?
Flipkart समर्थ कार्यक्रम खास तौर पर छोटे विक्रेताओं, बुनकरों, कारीगरों और स्व-सहायता समूहों के लिए बनाया गया है। इसमें जुड़ने के बड़े फायदे हैं:
- मुफ्त प्रशिक्षण — सामान चढ़ाना, फोटो खींचना और बेचना सिखाया जाता है
- कम कमीशन — सामान्य विक्रेताओं से कम कमीशन कटता है
- खास पहचान — Flipkart पर “समर्थ” का बिल्ला (Badge) मिलता है जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है
- बड़े ऑर्डर का मौका — Flipkart की तरफ से थोक खरीद के मौके मिलते हैं
- हिंदी में सहायता — सब कुछ हिंदी में समझाया जाता है
Flipkart समर्थ से कैसे जुड़ें: seller.flipkart.com/samarth पर जाएं और आवेदन करें। NRLM या राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का प्रमाण पत्र होने पर जल्दी मंजूरी मिलती है।
Flipkart पर दुकान कैसे खोलें? एक-एक कदम में समझें
अब जब सारे कागज तैयार हैं तो Flipkart पर दुकान खोलने का समय आ गया है। यह काम किसी भी स्मार्टफोन या कंप्यूटर से हो सकता है।
पहला कदम — seller.flipkart.com पर जाएं
अपने मोबाइल के इंटरनेट में seller.flipkart.com लिखकर खोलें। “शुरू करें” या “Start Selling” का बटन दिखेगा — उस पर क्लिक करें।
दूसरा कदम — मोबाइल नंबर से खाता बनाएं
अपना मोबाइल नंबर डालें। एक गुप्त संख्या (OTP) आएगी जिसे भरने पर खाता बन जाएगा। इसके बाद एक पासवर्ड भी बनाना होगा।
तीसरा कदम — जीएसटी नंबर और PAN डालें
अपना जीएसटी नंबर और PAN नंबर यहाँ भरें। Flipkart इन्हें जाँचेगा। यह जानकारी बिल्कुल सही होनी चाहिए।
चौथा कदम — दुकान का नाम चुनें
यह नाम Flipkart पर आपकी दुकान का नाम होगा। ऐसा नाम चुनें जो याद रहे और आपके उत्पाद या इलाके को दर्शाए। जैसे — “गाँव की महक”, “बुंदेलखंड हस्तकला”, “नारी शक्ति उत्पाद”, “माटी के रंग”।
पाँचवाँ कदम — बैंक खाते की जानकारी भरें
समूह का संयुक्त बैंक खाता नंबर, खाताधारक का नाम जैसा पासबुक में है और IFSC कोड भरें। पैसे इसी खाते में आएंगे इसलिए जानकारी एकदम सही होनी चाहिए।
छठा कदम — पिकअप पता भरें
यह वह पता है जहाँ से Flipkart की गाड़ी आपका सामान लेने आएगी। अपने समूह का सही पता, जिला, राज्य और पिन कोड भरें।
सातवाँ कदम — Flipkart समर्थ के लिए आवेदन करें
खाता बन जाने के बाद seller.flipkart.com/samarth पर जाकर समर्थ कार्यक्रम के लिए आवेदन करें। इससे खास सुविधाएं और कम कमीशन का फायदा मिलेगा।
अपने उत्पाद Flipkart पर कैसे चढ़ाएं?
उत्पाद चढ़ाने का मतलब है अपने सामान की जानकारी, फोटो और दाम Flipkart पर डालना ताकि ग्राहक उसे देख सकें और खरीद सकें। जितना अच्छा सामान दिखाएंगी उतने ज्यादा ऑर्डर आएंगे।
सही विभाग में डालें
Flipkart पर अलग-अलग सामान के लिए अलग-अलग विभाग हैं। सही विभाग में सामान डालने से ग्राहक आसानी से ढूंढ पाते हैं। उदाहरण:
- आम का अचार → खाना और पेय → अचार और चटनी → आम का अचार
- हाथ से बुनी साड़ी → कपड़े → महिलाओं के कपड़े → हथकरघा साड़ी
- जूट का थैला → थैले और सूटकेस → हाथ से बने थैले
- हर्बल साबुन → सौंदर्य और स्वास्थ्य → स्नान → हस्तनिर्मित साबुन
- मिट्टी के बर्तन → घर की सजावट → हस्तशिल्प → मिट्टी के उत्पाद
फोटो कैसे खींचें?
Flipkart पर फोटो सबसे पहले दिखती है। ग्राहक पहले फोटो देखता है तभी सामान खरीदने का मन बनाता है। इसके लिए बड़े कैमरे की जरूरत नहीं — बस ये बातें ध्यान रखें:
- सफेद चादर या सफेद दीवार को पीछे रखें
- दिन में खिड़की के पास की रोशनी में फोटो खींचें
- सामान को साफ करके अच्छे से सजाकर रखें
- कम से कम 4 अलग-अलग कोणों से फोटो लें — सामने से, ऊपर से, पास से, पीछे से
- Snapseed मोबाइल ऐप (मुफ्त) से चमक और साफाई ठीक कर सकती हैं

उत्पाद का नाम कैसे लिखें?
उत्पाद का नाम ऐसा लिखें जिसे ग्राहक ढूंढते हों।
अच्छा नाम उदाहरण: “हाथ से बना नींबू का अचार | बिना केमिकल | 400 ग्राम | स्व-सहायता समूह निर्मित | शुद्ध देशी मसाले”
नाम में यह जरूर लिखें:
- सामान का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में
- वजन या मात्रा
- खास बात — जैसे “बिना केमिकल”, “हाथ से बना”, “शुद्ध देशी”
- “स्व-सहायता समूह निर्मित” लिखने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है
उत्पाद की जानकारी कैसे लिखें?
Flipkart पर उत्पाद की मुख्य बातें बिंदुओं में लिखी जाती हैं। इन्हें इस तरह लिखें:
उदाहरण — नींबू के अचार के लिए:
- ✅ 100% शुद्ध सामग्री — कोई कृत्रिम रंग, केमिकल या संरक्षक नहीं
- ✅ स्व-सहायता समूह की बहनों ने बनाया — राजस्थान की महिलाओं द्वारा पुरानी विधि से तैयार
- ✅ 400 ग्राम काँच की बोतल — मजबूत और रिसाव-रोधी पैकिंग
- ✅ असली देशी स्वाद — घर के मसालों का पक्का जायका
- ✅ 9 महीने तक चलेगा — सामान्य तापमान पर बिल्कुल ठीक रहेगा
उत्पाद का दाम कितना रखें?
Flipkart पर दाम तय करते समय अपना पूरा खर्च जोड़ें और फिर उचित फायदा रखें। नीचे एक उदाहरण से समझते हैं:
नींबू का अचार — 400 ग्राम काँच की बोतल:
| खर्च का विवरण | रुपये |
|---|---|
| नींबू, तेल, मसाले (कच्चा माल) | ₹30 |
| काँच की बोतल और ढक्कन | ₹15 |
| लेबल और स्टिकर | ₹3 |
| FSSAI का हिस्सा | ₹2 |
| Flipkart का कमीशन (8–10%) | ₹12 |
| माल पहुँचाने का खर्च | ₹45 |
| जीएसटी (1%) | ₹2 |
| कुल खर्च | ₹109 |
| Flipkart पर बिक्री का दाम | ₹179 |
| 💰 हर बोतल पर फायदा | ₹70 |
महीने में कितनी कमाई हो सकती है:
| कितना बिका | कुल फायदा | 10 सदस्यों में से हर एक को |
|---|---|---|
| 200 बोतल/महीना | ₹14,000 | ₹1,400 |
| 500 बोतल/महीना | ₹35,000 | ₹3,500 |
| 1,000 बोतल/महीना | ₹70,000 | ₹7,000 |
| 2,000 बोतल/महीना | ₹1,40,000 | ₹14,000 🎯 लखपति दीदी |
💡 अगर समूह 3 से 4 अलग-अलग सामान बेचे — जैसे अचार, मसाले, पापड़ और हर्बल साबुन — तो हर महीने ₹1 लाख कमाना मुश्किल नहीं है।
ऑर्डर आने पर क्या करें?
जब कोई ग्राहक आपका सामान खरीदता है तो Flipkart आपके मोबाइल पर सूचना भेजता है। उसके बाद यह काम करें:
पहला काम — ऑर्डर स्वीकार करें Flipkart के विक्रेता ऐप में जाकर ऑर्डर स्वीकार करें। इसके लिए 24 से 48 घंटे का समय मिलता है। समय पर स्वीकार न करने पर ऑर्डर रद्द हो जाता है और रेटिंग पर असर पड़ता है।
दूसरा काम — सामान पैक करें सामान को मजबूत डिब्बे में अच्छे से पैक करें। तरल चीजें जैसे अचार की बोतल को खास ध्यान से बंद करें ताकि रिसाव न हो। Flipkart का पर्चा (Label) ऐप से निकालकर डिब्बे पर लगाएं।

खाने के सामान की पैकिंग पर जरूर लिखें:
- बनाने की तारीख
- कब तक चलेगा
- क्या-क्या डाला है
- FSSAI नंबर
- समूह का नाम और पता
तीसरा काम — गाड़ी का इंतजार करें Flipkart की डिलीवरी गाड़ी आपके पते पर सामान लेने आएगी। आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं।
चौथा काम — पैसे बैंक में आएंगे माल ग्राहक तक पहुंचने के 7 से 10 दिन बाद पैसे सीधे समूह के बैंक खाते में आ जाते हैं।
ज्यादा ऑर्डर कैसे पाएं?
दुकान खोल लेना काफी नहीं है — ऑर्डर तब आएंगे जब ग्राहक आप पर भरोसा करेंगे।
ग्राहकों की राय माँगें
Flipkart पर जिसकी रेटिंग अच्छी होती है उसका सामान पहले दिखता है। हर ऑर्डर के साथ पैकिंग में एक छोटी चिट्ठी रखें — “अगर सामान अच्छा लगा तो Flipkart पर राय जरूर दें।” इससे धीरे-धीरे अच्छी रेटिंग बनती है।
कम से कम 15 से 20 चीजें चढ़ाएं
जितना ज्यादा सामान, उतनी ज्यादा दुकान दिखेगी। अगर 5 तरह के अचार बनाती हैं — आम, नींबू, मिर्च, लहसुन, करौंदा — तो सभी को अलग-अलग चढ़ाएं।
Flipkart की बड़ी बिक्री में हिस्सा लें
Flipkart साल में कई बड़ी बिक्री (Sale) करता है — Big Billion Days, Republic Day Sale, Diwali Sale। इन दिनों में ग्राहक बहुत ज्यादा होते हैं। इन बिक्रियों में अपना सामान जरूर शामिल करें।
त्योहारों पर खास तैयारी करें
दीवाली, होली, रक्षाबंधन, नवरात्रि जैसे त्योहारों पर हाथ से बने सामान की माँग बहुत बढ़ जाती है। इन त्योहारों से एक महीना पहले माल तैयार रखें।
व्हाट्सऐप और फेसबुक पर दुकान का लिंक बाँटें
अपनी Flipkart दुकान का लिंक अपने व्हाट्सऐप समूह, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम पर डालें। जब आपके जानने वाले खरीदेंगे और अच्छी राय देंगे तो और ग्राहक आने लगेंगे।
अपने समूह की अलग पहचान कैसे बनाएं?

Flipkart पर सिर्फ सामान बेचना काफी नहीं — अपनी पहचान बनाना जरूरी है ताकि ग्राहक बार-बार आपसे ही खरीदें।
समूह का नाम और पहचान चिह्न बनाएं
अपने समूह के लिए एक प्यारा सा नाम चुनें जो याद रहे। जैसे “गाँव की महक”, “बुंदेलखंड हस्तशिल्प”, “माटी के रंग”, “आँचल स्वदेशी”।
Canva ऐप (मुफ्त) से एक सुंदर पहचान चिह्न बनाएं और उसे उत्पाद की पैकिंग पर स्टिकर के रूप में लगाएं। यह स्टिकर किसी भी प्रिंट दुकान पर ₹2–5 में बन जाता है।
पैकिंग में दिल लगाएं
पैकिंग के अंदर एक छोटी हस्तलिखित चिट्ठी रखें —
“यह सामान [आपके गाँव/जिले] की महिलाओं ने आपके लिए प्यार से बनाया है। आपकी खरीद से हमारे परिवारों को मदद मिलती है — धन्यवाद।”
ऐसी छोटी-छोटी बातें ग्राहकों को बहुत अच्छी लगती हैं और वे दोबारा खरीदने आते हैं।
खाद्य उत्पादों पर लेबल जरूर लगाएं
हर खाने के सामान पर यह जानकारी जरूर लिखें:
- समूह का नाम और पता
- बनाने की तारीख
- कितने दिन तक चलेगा
- क्या-क्या डाला है
- FSSAI नंबर
स्व-सहायता समूह के किन उत्पादों की Flipkart पर सबसे ज्यादा माँग है?
Flipkart पर ग्राहक देशी, हाथ से बना और असली सामान ढूंढते हैं। यही हमारे समूहों की ताकत है। नीचे वे उत्पाद हैं जो Flipkart पर सबसे अच्छे बिकते हैं:
- अचार और चटनी — आम, नींबू, लहसुन, हरी मिर्च, करौंदा का अचार
- पापड़ और नमकीन — मूंग दाल, उड़द, चावल के पापड़, मठरी
- हाथ से बुने कपड़े — ब्लॉक प्रिंट साड़ी, खादी कुर्ता, बंधेज दुपट्टा, चंदेरी
- जूट और बाँस के उत्पाद — जूट का थैला, बाँस की बोतल, बाँस की टोकरी
- जड़ी-बूटी के उत्पाद — हर्बल साबुन, नीम का फेस पैक, आँवला तेल, मेहंदी
- घर के मसाले — गरम मसाला, चाट मसाला, सांभर पाउडर, हल्दी पाउडर
- हाथ से बनी मोमबत्तियाँ और दीये — त्योहारों में बहुत माँग रहती है
- मिट्टी के बर्तन और सजावट — हाथ से बने घड़े, मग, कटोरे, कलश
- हाथ से बने गहने — जनजातीय गहने, मनके की माला, लाख की चूड़ियाँ
- लड्डू और मिठाई — राजगिरा लड्डू, तिल लड्डू, सूखे मेवों का लड्डू
Flipkart, Amazon और Meesho में क्या फर्क है? कौन सा बेहतर है?
बहुत सी बहनें पूछती हैं कि तीनों में से पहले कहाँ जाएं। नीचे आसान तुलना दी गई है:
| विषय | Flipkart | Amazon | Meesho |
|---|---|---|---|
| जीएसटी | जरूरी | जरूरी | जरूरी नहीं |
| कमीशन | 8–10% | 8–15% | शून्य |
| ग्राहक | मध्यम वर्ग, छोटे शहर | शहरी, उच्च आय | छोटे शहर, गाँव |
| उत्पाद का दाम | अच्छा मिलता है | सबसे अच्छा मिलता है | थोड़ा कम |
| दुकान खोलने की आसानी | आसान | थोड़ा कठिन | सबसे आसान |
| विशेष कार्यक्रम | समर्थ कार्यक्रम | सहेली कार्यक्रम | कोई नहीं |
| पैसे कब आते हैं | 7–10 दिन | 7 दिन | 7 दिन |
💡 सुझाव: पहले Meesho से शुरुआत करें — वहाँ जीएसटी की जरूरत नहीं। 2-3 महीने बाद Flipkart पर आएं। फिर Amazon भी शुरू करें। तीनों जगह एक साथ बेचना सबसे अच्छा रहता है।
सरकारी योजनाएं जो Flipkart के साथ मिलकर काम आती हैं
Flipkart पर बेचने के साथ-साथ इन सरकारी योजनाओं से भी जुड़ें:
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) — aajeevika.gov.in पर जाएं। प्रशिक्षण, आर्थिक मदद और बाजार से जुड़ाव मिलता है
- लखपति दीदी योजना — समूह से जुड़कर सालाना ₹1 लाख आय का लक्ष्य पाएं
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) — 25 से 35 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ₹25 लाख तक का कर्ज
- उद्यम रजिस्ट्रेशन — udyamregistration.gov.in पर मुफ्त में MSME प्रमाण पत्र बनवाएं
- GeM पोर्टल — gem.gov.in पर पंजीकरण करके सरकारी दफ्तरों को सीधे सामान बेचें
आम परेशानियाँ और उनके हल
खाता नहीं बन रहा — बैंक खाते की जानकारी बिल्कुल वैसी भरें जैसी पासबुक में है। जीएसटी और PAN का नाम एक जैसा होना चाहिए।
उत्पाद स्वीकार नहीं हो रहा — खाने के सामान के लिए FSSAI नंबर जरूरी है। फोटो साफ और सफेद पृष्ठभूमि पर होनी चाहिए।
ऑर्डर नहीं आ रहे — कम से कम 15 सामान चढ़ाएं, दाम प्रतिस्पर्धी रखें। धैर्य रखें — शुरुआत में थोड़ा समय लगता है।
वापसी बहुत आ रही है — सामान की जानकारी बिल्कुल सही लिखें। जो दिखाएं वही भेजें। पैकिंग मजबूत करें।
पैसे नहीं आए — माल पहुंचने के 7 से 10 दिन बाद पैसे आते हैं। अगर फिर भी नहीं आए तो Flipkart विक्रेता ऐप में सहायता वाले विकल्प पर संपर्क करें।
रेटिंग कम हो गई — समय पर ऑर्डर स्वीकार करें, सही सामान भेजें और पैकिंग अच्छी रखें। ग्राहकों की शिकायत का जल्दी जवाब दें।
निष्कर्ष — आज ही पहला कदम उठाएं
बहनो, Flipkart पर अपनी दुकान खोलना आज के समय में सबसे समझदारी का काम है। Flipkart भारत का अपना मंच है — यहाँ के ग्राहक भारतीय महिलाओं के हाथ से बने सामान को खूब प्यार करते हैं।
यह काम पहली बार थोड़ा नया लग सकता है लेकिन एक बार सीख जाएं तो घर बैठे अपने समूह के साथ मिलकर हर महीने अच्छी कमाई हो सकती है। हजारों स्व-सहायता समूह आज Flipkart से हर महीने ₹20,000 से ₹1,20,000 तक कमा रहे हैं।
आज ही यह काम शुरू करें: जीएसटी बनवाएं → FSSAI लें → seller.flipkart.com पर खाता खोलें → Flipkart समर्थ में आवेदन करें → 15 उत्पादों की फोटो तैयार करें → पहला उत्पाद चढ़ाएं → व्हाट्सऐप पर दुकान का लिंक बाँटें
याद रखें — पहला ऑर्डर आने में थोड़ा समय लगता है लेकिन एक बार ग्राहकों की अच्छी राय बनने लगे तो ऑर्डर खुद-ब-खुद बढ़ते जाते हैं। आपकी बारी अब है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या जीएसटी नंबर के बिना Flipkart पर बेच सकते हैं?
नहीं, Flipkart पर बेचने के लिए जीएसटी नंबर जरूरी है। लेकिन यह बिल्कुल मुफ्त बनता है। Composition Scheme में सिर्फ 1% टैक्स देना होता है। जन सेवा केंद्र से मदद लेकर आसानी से बनवा सकती हैं।
Q2. Flipkart पर दुकान खोलने में कितना पैसा लगता है?
Flipkart पर विक्रेता खाता बनाना बिल्कुल मुफ्त है। Flipkart हर बिक्री पर 8 से 10 प्रतिशत कमीशन लेता है जो सामान बिकने के बाद ही कटता है।
Q3. पैसे कितने दिन में बैंक खाते में आते हैं?
माल ग्राहक तक पहुंचने के 7 से 10 दिन बाद पैसे सीधे समूह के बैंक खाते में आ जाते हैं।
Q4. Flipkart समर्थ कार्यक्रम क्या है?
यह Flipkart का छोटे विक्रेताओं और स्व-सहायता समूहों के लिए खास कार्यक्रम है। इसमें मुफ्त प्रशिक्षण, कम कमीशन और “समर्थ” का विशेष बिल्ला मिलता है। seller.flipkart.com/samarth पर आवेदन करें।
Q5. खाने का सामान बेचने के लिए क्या-क्या चाहिए?
जीएसटी नंबर के साथ FSSAI नंबर भी जरूरी है। बुनियादी FSSAI रजिस्ट्रेशन मात्र ₹100 में होती है।
Q6. क्या समूह का संयुक्त बैंक खाता Flipkart में जुड़ सकता है?
हाँ, जुड़ सकता है। बैंक खाते की जानकारी बिल्कुल वैसे भरें जैसे पासबुक में लिखी है।
Q7. Flipkart, Amazon और Meesho में से पहले कहाँ शुरू करें?
Meesho से शुरुआत सबसे आसान है क्योंकि वहाँ जीएसटी की जरूरत नहीं। 2 से 3 महीने बाद Flipkart पर आएं। फिर Amazon भी शुरू करें। तीनों जगह एक साथ बेचना सबसे अच्छा रहता है।
Q8. Flipkart पर किस तरह के उत्पाद सबसे ज्यादा बिकते हैं?
हाथ से बने, शुद्ध और देशी उत्पाद — जैसे अचार, मसाले, जड़ी-बूटी का साबुन, जूट का थैला, हाथ से बुनी साड़ी, मिट्टी के बर्तन — Flipkart पर बहुत अच्छे बिकते हैं।
Q9. Flipkart पर Big Billion Days में कैसे हिस्सा लें?
Flipkart विक्रेता ऐप में “Flipkart Sale” या “Big Billion Days” का विकल्प आता है। उस पर क्लिक करके अपने उत्पाद उस बिक्री में शामिल कर सकते हैं। इन दिनों में बिक्री कई गुना बढ़ जाती है।
Q10. क्या Flipkart पर हिंदी में सामान की जानकारी लिख सकते हैं?
हाँ, Flipkart पर हिंदी में सामान का नाम और जानकारी लिखी जा सकती है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों में लिखने से ज्यादा ग्राहकों तक पहुँच होती है।
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यह लेख NRLM और लखपति दीदी योजना से जुड़ी बहनों की मदद के लिए तैयार किया गया है। अधिक जानकारी के लिए अपने ब्लॉक के ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से संपर्क करें।

