PM-USP स्कॉलरशिप: ₹20,000 सालाना कैसे पाएं?

PM-USP उच्चतर शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के तहत 12वीं पास मेधावी छात्रों को कॉलेज की पढ़ाई के लिए ₹10,000 से ₹20,000 तक सालाना आर्थिक सहायता मिलती है। हर वर्ष लगभग 82,000 छात्रों को सीधा बैंक खाते में स्कॉलरशिप दी जाती है।

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन (PM-USP) छात्रवृत्ति योजना भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी 12वीं पास छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर और मेडिकल जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

PM-USP छात्रवृत्ति में कितनी राशि मिलती है?

PM-USP उच्चतर शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के तहत स्नातक छात्रों को पहले तीन वर्षों में ₹12,000 प्रति वर्ष तक और स्नातकोत्तर छात्रों को ₹20,000 प्रति वर्ष तक आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे DBT के माध्यम से छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

हर साल लगभग 82,000 नई छात्रवृत्तियां दी जाती हैं, जिससे गरीब परिवारों को पढ़ाई के खर्च में बड़ी राहत मिलती है।


प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना योजना लाभ क्या मिलेंगे

PM-USP योजना छात्रों को कई तरह के लाभ प्रदान करती है। सबसे प्रमुख लाभ यह है कि शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान 100% ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा, योजना के तहत अधिकतम ₹10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी मिलती है और ₹7.5 लाख तक के ऋण पर किसी जमानत या थर्ड पार्टी गारंटी की आवश्यकता नहीं होती

यह योजना विशेष रूप से तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। NAAC / NBA मान्यता प्राप्त संस्थानों में अध्ययन करने वाले छात्र इस योजना के लाभार्थी बन सकते हैं। सब्सिडी राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे उन्हें सीधे वित्तीय लाभ प्राप्त होता है।

  • शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान 100% ब्याज सब्सिडी
  • अधिकतम ₹10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी
  • ₹7.5 लाख तक के ऋण पर कोई जमानत या थर्ड पार्टी गारंटी आवश्यक नहीं
  • तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता
  • NAAC / NBA मान्यता प्राप्त संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को लाभ
  • DBT के माध्यम से सीधे शिक्षा ऋण खाते में सब्सिडी जमा

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना क्या पात्रता है

इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण पात्रता मानदंडों को पूरा करना होता है। छात्र ने IBA Model Education Loan Scheme के अंतर्गत शिक्षा ऋण लिया होना चाहिए। छात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से संबंधित होना चाहिए और परिवार की वार्षिक आय ₹4.5 लाख तक होनी चाहिए।

छात्र को Professional / Technical Course में नामांकित होना आवश्यक है और संस्थान NAAC / NBA मान्यता प्राप्त, Institution of National Importance, या Centrally Funded Technical Institution (CFTI) होना चाहिए। योजना का लाभ केवल एक बार दिया जाता है और छात्र अन्य किसी केंद्रीय या राज्य छात्रवृत्ति / शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं ले रहा होना चाहिए।

  • छात्र ने IBA Model Education Loan Scheme के अंतर्गत शिक्षा ऋण लिया हो
  • छात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से संबंधित हो
  • पारिवारिक वार्षिक आय ₹4.5 लाख तक (सभी स्रोतों से)
  • छात्र Professional / Technical Course में नामांकित हो
  • संस्थान NAAC / NBA से मान्यता प्राप्त हो या
    • Institution of National Importance या
    • Centrally Funded Technical Institution (CFTI) हो
  • योजना का लाभ केवल एक बार (UG / PG / Integrated Course)
  • अन्य किसी केंद्रीय या राज्य छात्रवृत्ति / शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं ले रहा हो

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना में आवेदन प्रक्रिया

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना में Offline और Online दोनों प्रकार से आवेदन किया जा सकता है। Offline आवेदन के लिए छात्र उस बैंक शाखा से संपर्क करता है जहाँ से उसने शिक्षा ऋण लिया है और CSIS योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी के लिए आवेदन करता है। आवश्यक दस्तावेज बैंक को जमा किए जाते हैं और बैंक PFMS पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी क्लेम करता है।

Online आवेदन अलग से करने की आवश्यकता नहीं है। नोडल बैंक (Canara Bank) PFMS के माध्यम से सीधे DBT से सब्सिडी ट्रांसफर करता है।

Offline Process

  1. छात्र उस बैंक शाखा में संपर्क करे जहाँ से शिक्षा ऋण लिया गया है
  2. CSIS योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी के लिए आवेदन करें
  3. आवश्यक दस्तावेज बैंक को जमा करें
  4. बैंक पात्रता की जांच कर PFMS पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी क्लेम करेगा

Online Process

  • छात्र को अलग से ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती
  • नोडल बैंक (Canara Bank) द्वारा PFMS के माध्यम से सब्सिडी DBT से ट्रांसफर की जाती है

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़

योजना के लिए छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जमा करना अनिवार्य है, जिनमें शामिल हैं: आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र (सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी), शैक्षणिक प्रमाण पत्र, कोर्स में प्रवेश का प्रमाण, बैंक खाता विवरण और अन्य दस्तावेज़ यदि बैंक द्वारा मांगे जाएँ। ये दस्तावेज़ छात्र की पहचान, पात्रता और शिक्षा ऋण के सत्यापन के लिए आवश्यक हैं।

  1. आधार कार्ड
  2. पैन कार्ड
  3. आय प्रमाण पत्र (सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी)
  4. शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  5. कोर्स में प्रवेश का प्रमाण
  6. बैंक खाता विवरण
  7. अन्य दस्तावेज (यदि बैंक द्वारा मांगे जाएं)

योजना और आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए छात्र Ministry of Education (Higher Education) की आधिकारिक वेबसाइट – education.gov.in पर जा सकते हैं। इसके अलावा, बैंक शाखा और संबंधित नोडल बैंक भी आवेदन और सब्सिडी प्रक्रिया के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।


दिशानिर्देश

योजना के तहत ब्याज सब्सिडी केवल कोर्स + 1 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि के लिए मान्य होती है। सब्सिडी तभी लागू होती है जब छात्र कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करता है। यदि छात्र किसी मेडिकल कारण को छोड़कर कोर्स बीच में छोड़ देता है, तो सब्सिडी निरस्त कर दी जाती है। मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद ब्याज और EMI छात्र द्वारा चुकाए जाते हैं। बैंक को यह सुनिश्चित करना होता है कि केवल पात्र कोर्स और योग्य छात्र ही योजना का लाभ प्राप्त करें।

  • ब्याज सब्सिडी केवल कोर्स + 1 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि के लिए मान्य
  • कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने पर ही सब्सिडी लागू
  • मेडिकल कारणों को छोड़कर कोर्स बीच में छोड़ने पर सब्सिडी निरस्त
  • मोरेटोरियम के बाद ब्याज व EMI छात्र द्वारा देय

बैंक को यह सुनिश्चित करना होगा कि केवल पात्र कोर्स को ही लाभ मिले


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना अभी चालू है?

हाँ, प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना वर्तमान में सक्रिय (Running) है और इसे शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह योजना Central Sector Interest Subsidy (CSIS) के रूप में भी जानी जाती है और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लिए गए शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करना है।
योजना के तहत पात्र छात्रों को कोर्स अवधि और एक वर्ष की मोरेटोरियम अवधि के दौरान 100% ब्याज सब्सिडी दी जाती है, जिससे उन्हें पढ़ाई के समय ऋण के ब्याज का बोझ नहीं उठाना पड़ता। यह सुविधा विशेष रूप से उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो Professional और Technical पाठ्यक्रमों में नामांकित हैं और जिन्होंने IBA Model Education Loan Scheme के अंतर्गत शिक्षा ऋण लिया है।
वर्तमान में देशभर के बैंकों के माध्यम से यह योजना लागू है और पात्र छात्रों को DBT (Direct Benefit Transfer) प्रणाली के माध्यम से ब्याज सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित होते हैं।

Q2. प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना क्या है?

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना एक केंद्रीय क्षेत्र (Central Sector) की योजना है, जिसे शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। इस योजना को Central Sector Interest Subsidy (CSIS) के नाम से भी जाना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में वित्तीय सहायता देना है, ताकि धन की कमी उनके शिक्षा के मार्ग में बाधा न बने।
इस योजना के अंतर्गत वे छात्र लाभ उठा सकते हैं जिन्होंने मान्यता प्राप्त संस्थानों में उच्च शिक्षा (जैसे Professional या Technical Courses) के लिए बैंक से शिक्षा ऋण लिया हो। सरकार ऐसे पात्र छात्रों के लिए कोर्स की अवधि तथा एक वर्ष की अतिरिक्त मोरेटोरियम अवधि (या नौकरी मिलने तक, जो पहले हो) के दौरान ऋण पर लगने वाले ब्याज का भुगतान स्वयं करती है। इसका अर्थ है कि छात्र को पढ़ाई के दौरान और मोरेटोरियम अवधि में ब्याज का भुगतान नहीं करना पड़ता।
यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहत प्रदान करती है जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा (आमतौर पर ₹4.5 लाख तक) के भीतर है। ब्याज सब्सिडी सीधे बैंक को प्रदान की जाती है, जिससे छात्र के ऋण खाते में समायोजन हो जाता है।

Q3. प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कितनी ब्याज सब्सिडी मिलती है?

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम ₹10 लाख तक के शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान 100% ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसका अर्थ यह है कि छात्र द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण पर पढ़ाई की पूरी अवधि तथा कोर्स समाप्ति के बाद एक वर्ष (या नौकरी मिलने तक, जो पहले हो) तक लगने वाला पूरा ब्याज भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए बनाई गई है, ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त करते समय ब्याज के बोझ से मुक्त रह सकें। मोरेटोरियम अवधि में छात्र को केवल पढ़ाई पर ध्यान देना होता है, क्योंकि इस दौरान ऋण पर लगने वाला ब्याज सरकार द्वारा बैंक को सीधे भुगतान कर दिया जाता है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि सब्सिडी केवल निर्धारित आय सीमा वाले पात्र छात्रों को ही मिलती है और यह सुविधा IBA Model Education Loan Scheme के अंतर्गत स्वीकृत शिक्षा ऋण पर लागू होती है। मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद छात्र को केवल मूलधन (Principal Amount) और उसके बाद लगने वाला ब्याज चुकाना होता है।

Q4. मोरेटोरियम अवधि क्या होती है?

मोरेटोरियम अवधि वह समय होता है जब छात्र को अपने शिक्षा ऋण की EMI या ब्याज का भुगतान नहीं करना पड़ता। प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत यह अवधि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी समय के दौरान सरकार ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है।
इस योजना में मोरेटोरियम अवधि का अर्थ है —
* कोर्स की पूरी अवधि (जितने वर्षों तक पढ़ाई चलती है)
* कोर्स पूरा होने के बाद 1 वर्ष अतिरिक्त (या नौकरी मिलने तक, जो पहले हो)
इस पूरी अवधि के दौरान छात्र को बैंक को ब्याज भुगतान नहीं करना पड़ता, क्योंकि पात्र होने की स्थिति में यह ब्याज भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इससे छात्र बिना आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता है और नौकरी प्राप्त करने के बाद ही ऋण चुकाने की प्रक्रिया शुरू करता है।
हालाँकि, यह लाभ तभी मिलता है जब छात्र कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करे और योजना की सभी पात्रता शर्तों का पालन करे। मोरेटोरियम अवधि समाप्त होने के बाद छात्र को मूलधन (Principal) और उसके बाद लगने वाला ब्याज स्वयं चुकाना होता है।

Q5. प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना का लाभ किन छात्रों को मिलता है?

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाता है जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई है, ताकि वे बिना ब्याज के बोझ के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
इस योजना का लाभ निम्नलिखित छात्रों को मिलता है:
1. आर्थिक रूप से कमजोर छात्र – जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹4.5 लाख तक है। आय प्रमाण पत्र के माध्यम से इसकी पुष्टि की जाती है।
2. शिक्षा ऋण लेने वाले छात्र – जिन्होंने IBA Model Education Loan Scheme के अंतर्गत किसी मान्यता प्राप्त बैंक से शिक्षा ऋण लिया हो। यह आवश्यक है कि ऋण इसी मॉडल स्कीम के तहत स्वीकृत हो।
3. Professional या Technical Course में अध्ययनरत छात्र – जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर आदि मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में नामांकित विद्यार्थी।
4. मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत छात्र – छात्र का प्रवेश किसी मान्यता प्राप्त संस्थान/विश्वविद्यालय में नियमित पाठ्यक्रम में होना चाहिए।
ध्यान रहे कि यह लाभ केवल भारत में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए लागू होता है (कुछ शर्तों के साथ विदेश अध्ययन के मामलों में भी लागू हो सकता है, यदि बैंक और योजना दिशानिर्देश अनुमति दें)।

Q6. क्या सामान्य डिग्री कोर्स (BA, BSc, BCom) प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना में शामिल हैं?

नहीं, प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना मुख्य रूप से तकनीकी एवं व्यावसायिक (Professional / Technical) पाठ्यक्रमों के लिए लागू है। सामान्य स्नातक डिग्री कोर्स जैसे BA, BSc, BCom आदि आमतौर पर इस योजना के अंतर्गत कवर नहीं किए जाते, जब तक कि वे किसी विशेष पेशेवर या तकनीकी ढांचे के अंतर्गत स्वीकृत न हों।
यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए बनाई गई है जो इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर, होटल मैनेजमेंट, नर्सिंग आदि जैसे रोजगारोन्मुख (Job-Oriented) Professional Courses में अध्ययन कर रहे हैं और जिन्होंने शिक्षा ऋण लिया है।
सरकार का उद्देश्य ऐसे पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित करना है जो सीधे कौशल विकास और रोजगार से जुड़े हों। इसलिए पारंपरिक सामान्य डिग्री कार्यक्रमों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।

Q7. कौन-कौन से संस्थान प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मान्य हैं?

प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत केवल वही संस्थान और पाठ्यक्रम मान्य होते हैं जो सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को मान्यता प्राप्त और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा संस्थाओं में अध्ययन के लिए ही ब्याज सब्सिडी का लाभ मिले।
योजना के अंतर्गत निम्न प्रकार के संस्थान/पाठ्यक्रम मान्य हैं:
1. NAAC से मान्यता प्राप्त संस्थान – वे विश्वविद्यालय या कॉलेज जिन्हें National Assessment and Accreditation Council (NAAC) द्वारा मान्यता दी गई हो।
2. NBA से मान्यता प्राप्त तकनीकी पाठ्यक्रम – ऐसे तकनीकी कोर्स जिन्हें National Board of Accreditation (NBA) से स्वीकृति प्राप्त हो।
3. Institution of National Importance – संसद द्वारा घोषित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, जैसे IIT, NIT, AIIMS आदि।
4. Centrally Funded Technical Institutions (CFTIs) – केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित तकनीकी संस्थान, जो उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा प्रदान करते हैं।
इनके अतिरिक्त, छात्र का प्रवेश नियमित (Regular) मोड में होना चाहिए और कोर्स Professional या Technical श्रेणी का होना चाहिए।

Q8. प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत क्या ₹7.5 लाख तक के शिक्षा ऋण पर जमानत देनी होती है?

नहीं, प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत यदि छात्र ने IBA Model Education Loan Scheme के तहत ₹7.5 लाख तक का शिक्षा ऋण लिया है, तो सामान्यतः किसी प्रकार की संपार्श्विक (Collateral) या थर्ड पार्टी गारंटी की आवश्यकता नहीं होती
IBA के मॉडल शिक्षा ऋण दिशा-निर्देशों के अनुसार ₹7.5 लाख तक के ऋण के लिए केवल माता-पिता या अभिभावक को सह-आवेदक (Co-borrower) के रूप में शामिल किया जाता है। बैंक किसी अतिरिक्त जमानत या संपत्ति गिरवी रखने की मांग नहीं करता।
यह प्रावधान विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए राहत प्रदान करता है, ताकि वे बिना संपत्ति या गारंटी के भी उच्च शिक्षा के लिए ऋण प्राप्त कर सकें।
हालाँकि, ₹7.5 लाख से अधिक ऋण राशि पर बैंक अपने नियमों के अनुसार संपार्श्विक या गारंटी मांग सकता है। इसलिए छात्रों को शिक्षा ऋण लेने से पहले संबंधित बैंक शाखा से विस्तृत जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।

Q9. क्या उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) दोनों के लिए है?

हाँ, प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) तथा Integrated Courses (UG + PG) के लिए लागू है, बशर्ते पाठ्यक्रम Professional या Technical श्रेणी में आता हो और छात्र सभी पात्रता शर्तें पूरी करता हो।
इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्र UG स्तर (जैसे B.Tech, MBBS, BBA आदि), PG स्तर (जैसे M.Tech, MBA, MCA आदि) तथा एकीकृत पाठ्यक्रम (जैसे B.Tech + M.Tech Integrated) में लिए गए शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
हालाँकि, एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इस योजना का लाभ छात्र केवल एक बार ही ले सकता है। यदि किसी छात्र ने UG स्तर पर इस योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी का लाभ ले लिया है, तो वह उसी योजना का लाभ दोबारा PG स्तर पर नहीं ले सकेगा (और इसके विपरीत भी लागू होता है)।

Q10. क्या अन्य छात्रवृत्ति लेने पर उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा?

नहीं, प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत यदि कोई छात्र पहले से ही किसी अन्य केंद्रीय या राज्य सरकार की छात्रवृत्ति (Scholarship) या शुल्क प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement) योजना का लाभ ले रहा है, तो वह इस योजना के लिए सामान्यतः पात्र नहीं माना जाता।
इस योजना का उद्देश्य उन छात्रों को सहायता देना है जो शिक्षा ऋण लेकर पढ़ाई कर रहे हैं और जिन्हें किसी अन्य सरकारी योजना से समान प्रकार की वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हो रही है। यदि किसी छात्र को पहले से ही ब्याज सब्सिडी, पूर्ण शुल्क प्रतिपूर्ति या समान आर्थिक सहायता मिल रही है, तो दोहरी लाभ (Double Benefit) से बचने के लिए उसे इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता।
सरकार यह सुनिश्चित करती है कि एक ही उद्देश्य के लिए छात्र को एक से अधिक योजनाओं का लाभ न मिले। इसलिए आवेदन करते समय छात्र को यह घोषणा करनी होती है कि वह किसी अन्य समान प्रकार की सरकारी छात्रवृत्ति/सब्सिडी योजना का लाभ नहीं ले रहा है।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

Share this Scheme:
WAFBX
Link Copied!