पीएम स्वनिधि योजना क्या है?
पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Yojana) भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा 1 जून 2020 को शुरू की गई एक विशेष माइक्रो-क्रेडिट योजना है। इसका पूरा नाम है — PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi। हिंदी में इसका अर्थ है — प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि।
यह योजना विशेष रूप से रेहड़ी-पटरी वालों, ठेलेवालों, फेरीवालों और छोटे फुटपाथ व्यापारियों के लिए बनाई गई है। कोविड-19 महामारी के दौरान इन छोटे व्यापारियों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इन्हें बिना किसी गारंटी (कोलैटरल) के लोन देकर आत्मनिर्भर बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
इस योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को पहले ₹10,000, फिर ₹20,000 और अंत में ₹50,000 तक का लोन तीन चरणों में दिया जाता है। सरकार ने इस योजना को वर्ष 2030 तक बढ़ा दिया है।
पीएम स्वनिधि योजना क्यों शुरू की गई?
भारत में करोड़ों लोग सड़क किनारे छोटे-छोटे व्यापार करके अपना जीवनयापन करते हैं। ये लोग साहूकारों और महाजनों से ऊंची ब्याज दरों पर उधार लेकर अपना काम चलाते थे और हमेशा कर्ज के जाल में फंसे रहते थे।
जब मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लगा, तो इन छोटे विक्रेताओं की स्थिति और भी दयनीय हो गई। उनकी रोजाना की कमाई एकदम बंद हो गई, घर चलाने के लाले पड़ गए और जो थोड़ी-बहुत बचत थी वो भी जल्दी खत्म हो गई। ऐसे कठिन समय में भारत सरकार ने इन लोगों की मदद के लिए PM SVANidhi Yojana की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य केवल तात्कालिक आर्थिक राहत देना नहीं था बल्कि इन विक्रेताओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ना, उनकी क्रेडिट हिस्ट्री बनाना, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना और उन्हें दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना था।
योजना के मुख्य उद्देश्य:
- आर्थिक राहत — कोविड-19 के बाद छोटे व्यापारियों को वित्तीय सहायता देना
- औपचारिक ऋण तक पहुंच — स्ट्रीट वेंडर्स को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना
- डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा — UPI और डिजिटल पेमेंट अपनाने पर कैशबैक देना
- क्रेडिट हिस्ट्री बनाना — समय पर लोन चुकाने पर CIBIL स्कोर बनाना
- आत्मनिर्भर भारत — छोटे व्यापारियों को साहूकारों से मुक्त करना
लोन राशि — तीन चरणों में

PM SVANidhi Yojana की सबसे खास बात यह है कि इसमें लोन एक बार नहीं बल्कि तीन चरणों में दिया जाता है और हर बार लोन की राशि बढ़ती जाती है। पहले चरण में पात्र विक्रेता को ₹10,000 का लोन दिया जाता है। यह लोन बिल्कुल बिना किसी गारंटी के मिलता है, यानी आपको कुछ भी गिरवी नहीं रखना होता। इस लोन को 12 महीनों में मासिक किस्तों में चुकाना होता है। जब विक्रेता पहले चरण का लोन समय पर और नियमित रूप से चुका देता है तो उसे दूसरे चरण में ₹20,000 का लोन दिया जाता है। इसी तरह दूसरे चरण का लोन चुकाने के बाद तीसरे चरण में ₹50,000 तक का लोन मिलता है। इस तरह तीनों चरणों को मिलाकर एक विक्रेता कुल ₹80,000 तक का लोन प्राप्त कर सकता है।
इस योजना में ब्याज सब्सिडी की व्यवस्था भी बेहद आकर्षक है। सरकार 7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी देती है जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में तिमाही आधार पर जमा होती है। इसका मतलब यह है कि यदि आप समय पर अपनी EMI चुकाते रहते हैं तो आपको लोन पर लगने वाला ब्याज वापस मिल जाता है और लोन लगभग ब्याज-मुक्त हो जाता है। इसके अलावा यदि विक्रेता डिजिटल माध्यमों जैसे UPI, BHIM App या QR Code के जरिए लेनदेन करता है तो उसे ₹1,200 तक का वार्षिक कैशबैक भी दिया जाता है। समय पर लोन चुकाने से विक्रेता की क्रेडिट हिस्ट्री भी बनती है जिससे भविष्य में उसे और अधिक बड़े लोन लेने में आसानी होती है।
PM SVANidhi Yojana के तहत लोन तीन चरणों में दिया जाता है। हर चरण में समय पर लोन चुकाने पर अगले चरण में अधिक राशि मिलती है:
- पहला चरण — ₹10,000 (बिना किसी गारंटी के, पहला लोन)
- दूसरा चरण — ₹20,000 (पहला लोन समय पर चुकाने पर)
- तीसरा चरण — ₹50,000 (दूसरा लोन समय पर चुकाने पर)
- कुल अधिकतम लोन — ₹80,000 (तीनों चरण मिलाकर)
- ब्याज सब्सिडी — 7% प्रति वर्ष (समय पर चुकाने पर सीधे खाते में)
- लोन अवधि — 1 वर्ष (12 मासिक किस्तों में)
- कोलैटरल — कोई गारंटी नहीं, बिल्कुल निःशुल्क
ब्याज सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में तिमाही आधार पर जमा होती है। यानी यदि आप समय पर EMI चुकाते हैं तो लोन लगभग बिना किसी ब्याज के मिल सकता है।
पात्रता (Eligibility) — कौन आवेदन कर सकता है?
PM SVANidhi Yojana का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। दूसरी महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक किसी शहरी क्षेत्र में काम करने वाला स्ट्रीट वेंडर होना चाहिए। यह योजना केवल शहरी स्थानीय निकाय (Urban Local Body) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए है, ग्रामीण क्षेत्रों के विक्रेता इस योजना के पात्र नहीं हैं। तीसरी शर्त यह है कि आवेदक के पास ULB द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाण पत्र या पहचान पत्र होना चाहिए। यदि यह सर्टिफिकेट नहीं है तो Town Vending Committee (TVC) की सिफारिश के आधार पर भी आवेदन स्वीकार किया जाता है।
इस योजना के तहत पात्र विक्रेताओं में सब्जी, फल, दूध और फूल बेचने वाले, चाय-नाश्ते और खाने-पीने के ठेले और स्टॉल लगाने वाले, कपड़े, जूते, खिलौने और घरेलू सामान बेचने वाले, किताब और स्टेशनरी विक्रेता, फुटपाथ पर नाई, मोची और दर्जी की सेवाएं देने वाले और इसी तरह के अन्य सभी छोटे शहरी फुटपाथ व्यापारी शामिल हैं। यदि किसी विक्रेता ने पहले PM SVANidhi Yojana के तहत लोन लिया है और वह चुका दिया है तो वह अगले चरण के लिए दोबारा आवेदन कर सकता है।
पात्र विक्रेताओं की श्रेणियां:
- सब्जी, फल, दूध, फूल बेचने वाले विक्रेता
- चाय, नाश्ता, समोसा, पराठा, ठेला-खाना स्टॉल लगाने वाले
- कपड़े, जूते, खिलौने, घरेलू सामान, किताब-स्टेशनरी विक्रेता
- रेहड़ी-पटरी या फुटपाथ पर नाई, मोची, दर्जी जैसी सेवाएं देने वाले
- किसी भी प्रकार का छोटा फुटपाथ व्यापार करने वाले शहरी विक्रेता
जरूरी शर्तें:
- भारतीय नागरिक — आवेदक भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए
- शहरी क्षेत्र — किसी शहरी स्थानीय निकाय (ULB) क्षेत्र में काम करता हो
- वेंडर पहचान — ULB द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाण पत्र या पहचान पत्र होना चाहिए
- आयु सीमा — आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो
- पूर्व लोन — यदि पहले PM SVANidhi लोन लिया है तो उसका चुकतारा जरूरी है
जरूरी दस्तावेज
PM SVANidhi Yojana में आवेदन के लिए बहुत कम दस्तावेजों की जरूरत होती है जो लगभग हर व्यक्ति के पास आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं। सबसे पहले और सबसे जरूरी दस्तावेज है आधार कार्ड, जो पहचान और पते के प्रमाण के रूप में काम करता है। आवेदक का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए क्योंकि OTP के जरिए वेरिफिकेशन होती है।
बैंक खाते की पासबुक या खाता नंबर देना भी जरूरी है क्योंकि लोन की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। ULB द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट या वेंडर आईडी कार्ड भी मांगा जाता है। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो और अपने व्यवसाय का संक्षिप्त विवरण देना होता है जिसमें यह बताना होता है कि आप क्या बेचते हैं और कहाँ बेचते हैं। यह बेहद सरल और आसान दस्तावेजीकरण प्रक्रिया इस योजना को आम जनता के लिए बेहद सुलभ बनाती है।
- आधार कार्ड — अनिवार्य पहचान प्रमाण
- मोबाइल नंबर — आधार से लिंक होना चाहिए
- बैंक खाता पासबुक — लोन राशि सीधे खाते में आती है
- ULB वेंडिंग सर्टिफिकेट — या वेंडर आईडी कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यापार का विवरण — क्या बेचते हैं, कहाँ बेचते हैं
यदि ULB वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं है, तो Town Vending Committee (TVC) की सिफारिश चिट्ठी से भी आवेदन किया जा सकता है।
PM SVANidhi Yojana के लाभ
PM SVANidhi Yojana के लाभ केवल आर्थिक नहीं हैं, बल्कि इसके सामाजिक प्रभाव भी बेहद गहरे और दूरगामी हैं। वित्तीय दृष्टि से देखें तो इस योजना ने लाखों छोटे विक्रेताओं को साहूकारों की चंगुल से मुक्त किया है। अब उन्हें अपने व्यापार के लिए पूंजी की जरूरत पड़ने पर किसी साहूकार के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता और न ही 5-10% रोजाना की भारी ब्याज दर चुकानी पड़ती है। 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी और ₹1,200 के कैशबैक से उनकी कुल लागत और भी कम हो जाती है।
सामाजिक दृष्टि से यह योजना अनौपचारिक क्षेत्र के इन छोटे व्यापारियों को एक औपचारिक पहचान दे रही है। जब किसी विक्रेता को बैंक से लोन मिलता है, उसका बैंक खाता खुलता है, उसकी CIBIL क्रेडिट हिस्ट्री बनती है, तो वह मुख्यधारा की वित्तीय प्रणाली का हिस्सा बन जाता है। इससे आगे चलकर उसे घर खरीदने, बच्चों की शिक्षा या अन्य जरूरतों के लिए भी बैंक लोन मिलना आसान हो जाता है।
वित्तीय लाभ:
- बिना गारंटी लोन — कोई भी चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं
- 7% ब्याज सब्सिडी — समय पर EMI चुकाने पर सब्सिडी सीधे खाते में
- ₹1,200 वार्षिक कैशबैक — डिजिटल पेमेंट करने पर प्रतिवर्ष ₹1,200 तक
- लोन में वृद्धि — ₹10,000 से ₹50,000 तक लोन की राशि बढ़ती जाती है
- CIBIL स्कोर निर्माण — समय पर चुकाने पर क्रेडिट हिस्ट्री बनती है
सामाजिक लाभ:
- आत्मनिर्भरता — साहूकारों के ऊंचे ब्याज से हमेशा के लिए मुक्ति
- डिजिटल सशक्तिकरण — UPI और डिजिटल पेमेंट का प्रशिक्षण
- सामाजिक सुरक्षा — PM जन आरोग्य योजना व अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ाव
- औपचारिक पहचान — अनौपचारिक विक्रेताओं को सरकारी पहचान मिलती है
पोर्टल लॉगिन और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
PM SVANidhi Yojana में आवेदन करने के दो तरीके हैं — ऑनलाइन और ऑफलाइन। ऑनलाइन आवेदन के लिए सरकार ने एक विशेष पोर्टल बनाया है जिसका पता है pmsvanidhi.mohua.gov.in। इसे PM SVANidhi Portal कहते हैं। इस पोर्टल पर जाकर ‘Apply for Loan’ के विकल्प पर क्लिक करना होता है। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP से वेरिफिकेशन करनी होती है। फिर अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता और आधार नंबर भरना होता है। उसके बाद व्यवसाय की जानकारी दर्ज करनी होती है जिसमें बताना होता है कि आप किस प्रकार का व्यापार करते हैं और आपका ठेला या रेहड़ी कहाँ लगती है। इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। फॉर्म सबमिट करने के बाद एक Application Number मिलता है जिसके जरिए आप अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। विभाग द्वारा सत्यापन पूरा होने के बाद लोन की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
PM SVANidhi की आधिकारिक वेबसाइट है: pmsvanidhi.mohua.gov.in
ऑनलाइन आवेदन के चरण (Step by Step):
- Step 1 — pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाएं और ‘Apply for Loan’ पर क्लिक करें
- Step 2 — अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP से वेरिफाई करें
- Step 3 — अपनी व्यक्तिगत जानकारी — नाम, पता, आधार नंबर भरें
- Step 4 — अपने व्यवसाय की जानकारी दर्ज करें (व्यापार का प्रकार, स्थान)
- Step 5 — जरूरी दस्तावेज अपलोड करें — आधार, बैंक पासबुक, वेंडर ID
- Step 6 — फॉर्म सबमिट करें, आपको Application Number मिलेगा
- Step 7 — विभाग द्वारा सत्यापन के बाद लोन राशि सीधे बैंक खाते में आएगी

ऑफलाइन आवेदन: यदि ऑनलाइन आवेदन संभव न हो तो किसी भी नजदीकी सरकारी बैंक, CSC (Common Service Centre) या ULB कार्यालय जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
जो लोग ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे नजदीकी Common Service Centre (CSC), किसी भी सरकारी बैंक की शाखा, Small Finance Bank, या शहरी स्थानीय निकाय के कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहाँ मौजूद कर्मचारी उनकी मदद करते हैं और पूरी प्रक्रिया को आसान बनाते हैं। इस योजना के तहत SBI, PNB, Bank of India जैसे सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, Small Finance Banks और माइक्रो-फाइनेंस संस्थाएं लोन देती हैं।
PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड (नया अपडेट 2025)
अक्टूबर 2025 में भारत सरकार ने PM SVANidhi Yojana में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया। सरकार ने उन विक्रेताओं के लिए जिनकी लोन चुकाने की हिस्ट्री अच्छी रही है, एक विशेष PM SVANidhi Credit Card लॉन्च किया। यह क्रेडिट कार्ड ₹50,000 तक की क्रेडिट लिमिट के साथ आता है। इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विक्रेता जरूरत के हिसाब से राशि निकाल सकता है और उपयोग की गई राशि पर ही ब्याज देना होता है।

डिजिटल पेमेंट अपनाएं और पाएं ₹1,200 तक का सालाना कैशबैक — पीएम स्वनिधि योजना।
- क्रेडिट कार्ड लाभ — ₹50,000 तक की क्रेडिट लिमिट के साथ कार्यशील पूंजी की सुविधा
- डिजिटल भुगतान — UPI, QR Code और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा
- व्यापार विस्तार — जरूरत के अनुसार राशि निकालने और चुकाने की सुविधा
PM SVANidhi Yojana की उपलब्धियां

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना ने देशभर में उल्लेखनीय प्रगति की है:
- 78 लाख से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल चुका है
- ₹9,100 करोड़ से अधिक की लोन राशि आवंटित की जा चुकी है
- 1 जून 2020 से शुरू होकर 2030 तक योजना का विस्तार किया गया है
- लाखों विक्रेता साहूकारों के जाल से मुक्त हुए और डिजिटल पेमेंट से जुड़े
PM SVANidhi Helpline Number
- हेल्पलाइन नंबर — 1800-11-1979 (टोल फ्री)
- आधिकारिक पोर्टल — pmsvanidhi.mohua.gov.in
- ईमेल — pmsvanidhi@gov.in
- बैंक शाखा — किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक, SFB या माइक्रो-फाइनेंस संस्था से संपर्क करें
- CSC केंद्र — नजदीकी Common Service Centre पर जाकर आवेदन करें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. PM SVANidhi में अधिकतम कितना लोन मिलता है?
तीनों चरणों में कुल ₹80,000 तक — पहले ₹10,000, फिर ₹20,000, और अंत में ₹50,000।
Q2. पीएम स्वनिधि योजना क्या है?
पीएम स्वनिधि योजना एक सरकारी माइक्रो-क्रेडिट स्कीम है जिसका पूरा नाम PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi है। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के रेहड़ी-पटरी वालों, ठेलेवालों, फेरीवालों और छोटे फुटपाथ व्यापारियों को बिना किसी गारंटी के तीन चरणों में ₹10,000, ₹20,000 और ₹50,000 तक का लोन दिया जाता है। साथ ही 7% ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेनदेन पर ₹1,200 तक का वार्षिक कैशबैक भी मिलता है।
Q3. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से लोन कैसे लें?
PM SVANidhi Yojana से लोन लेने के लिए दो तरीके हैं। पहला तरीका ऑनलाइन है — आप सरकारी पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाएं, ‘Apply for Loan’ पर क्लिक करें, अपना मोबाइल नंबर OTP से वेरिफाई करें, आधार नंबर, व्यवसाय की जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें। सत्यापन के बाद लोन सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगा। दूसरा तरीका ऑफलाइन है — आप नजदीकी CSC केंद्र, सरकारी बैंक शाखा या ULB कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
Q4. पीएम स्वनिधि लोन ₹50,000 की ब्याज दर क्या है?
PM SVANidhi Yojana के तीसरे चरण में मिलने वाले ₹50,000 के लोन पर बैंक की सामान्य ब्याज दर लागू होती है, लेकिन सरकार 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी देती है जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में तिमाही आधार पर जमा की जाती है। इसका मतलब यह है कि यदि आप समय पर अपनी सभी किस्तें चुकाते हैं तो यह ब्याज सब्सिडी आपको वापस मिल जाती है और लोन लगभग ब्याज-मुक्त हो जाता है।
Q5. PM SVANidhi Yojana में कितना लोन मिलता है?
इस योजना में लोन तीन चरणों में मिलता है। पहले चरण में ₹10,000, दूसरे चरण में ₹20,000 और तीसरे चरण में ₹50,000 का लोन दिया जाता है। तीनों चरणों को मिलाकर एक विक्रेता कुल ₹80,000 तक का लोन प्राप्त कर सकता है। अगले चरण का लोन तभी मिलता है जब पिछले चरण का लोन समय पर पूरी तरह चुका दिया जाए।
Q6. PM SVANidhi Yojana के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
इस योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाता पासबुक, ULB द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट या वेंडर आईडी कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होती है। यदि वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं है तो Town Vending Committee (TVC) की सिफारिश चिट्ठी से भी काम चल सकता है।
Q7. PM SVANidhi Yojana के लिए कौन पात्र है?
कोई भी शहरी क्षेत्र का स्ट्रीट वेंडर जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है और जो ULB क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी, ठेला, फुटपाथ दुकान या फेरी का काम करता है, वह इस योजना के लिए पात्र है। इसमें सब्जी-फल विक्रेता, चाय-नाश्ता स्टॉल, कपड़े-जूते विक्रेता, नाई, मोची, दर्जी आदि सभी शामिल हैं। यह योजना केवल शहरी क्षेत्रों के लिए है, ग्रामीण विक्रेता पात्र नहीं हैं।
Q8. PM SVANidhi Portal Login कैसे करें?
PM SVANidhi पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए pmsvanidhi.mohua.gov.in वेबसाइट पर जाएं। वहाँ अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें और OTP के जरिए वेरिफिकेशन करें। OTP डालते ही आप पोर्टल पर लॉगिन हो जाएंगे जहाँ से आप नया आवेदन कर सकते हैं, अपने लोन की स्थिति देख सकते हैं और अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
Q9. PM SVANidhi Yojana का लोन कितने दिनों में मिलता है?
आवेदन और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद आमतौर पर 7 से 15 कार्यदिवसों के भीतर लोन की राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। समय स्थानीय बैंक और ULB की प्रक्रिया के अनुसार थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।
Q10. क्या ग्रामीण क्षेत्र के विक्रेता PM SVANidhi Yojana का लाभ ले सकते हैं?
नहीं, यह योजना केवल शहरी क्षेत्रों (Urban Local Body क्षेत्र) के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है। ग्रामीण क्षेत्र के विक्रेता इस योजना के पात्र नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए सरकार की अन्य योजनाएं जैसे PM Mudra Yojana या PMEGP आदि उपलब्ध हैं।
निष्कर्ष
पीएम स्वनिधि योजना देश के करोड़ों मेहनतकश रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक वरदान साबित हुई है। बिना गारंटी के ₹10,000 से ₹50,000 तक का लोन, 7% ब्याज सब्सिडी, और ₹1,200 वार्षिक कैशबैक इस योजना को बेहद आकर्षक बनाते हैं।
यदि आप या आपके आसपास कोई रेहड़ी-पटरी वाला या फेरीवाला है, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। आज ही pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाकर आवेदन करें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में पहला कदम उठाएं।
यह भी पढ़ें
- माइक्रो फाइनेंस क्या है और PM SVANidhi Yojana से इसका क्या संबंध है?
- PM SVANidhi Yojana ₹50,000 लोन की ब्याज दर क्या है — पूरी जानकारी और कैलकुलेशन

