आयुष्मान भारत कार्ड कैसे मिलेगा?

आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलता है।

आयुष्मान भारत योजना क्या है?

आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) भारत सरकार की एक प्रमुख स्वास्थ्य योजना है, जिसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यह योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है।

परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु सीमा पर कोई प्रतिबंध नहीं है, जिससे संयुक्त परिवारों को भी पूरा लाभ मिल सकता है। Secondary एवं Tertiary स्तर की अस्पताल सेवाएँ पूरी तरह कवर की जाती हैं तथा पूरे भारत में पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे लाभार्थी किसी भी राज्य के सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करा सकता है। इलाज के दौरान भोजन और रहने की सुविधा भी पैकेज में शामिल रहती है।

आयुष्मान भारत कार्ड के अंतर्गत कवर किए जाने वाले खर्चों में मेडिकल जांच, डॉक्टर परामर्श, दवाइयाँ, मेडिकल उपकरण, ICU और Non-ICU सेवाएँ,लैब टेस्ट, डायग्नोस्टिक जांच, सर्जरी, इम्प्लांट, तथा अस्पताल में भर्ती से 15 दिन पहले और 15 दिन बाद तक का संबंधित चिकित्सा खर्च शामिल है। इस प्रकार यह योजना गंभीर और महंगे इलाज को भी आम नागरिकों की पहुँच में लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

  • ₹5,00,000 तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा (प्रति परिवार / प्रति वर्ष)
  • कैशलेस इलाज की सुविधा सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में
  • पहले से मौजूद बीमारियाँ (Pre-existing Diseases) पहले दिन से कवर
  • परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र की कोई सीमा नहीं
  • Secondary एवं Tertiary hospitalization पूरी तरह कवर
  • पूरे भारत में पोर्टेबिलिटी की सुविधा
  • इलाज के दौरान भोजन एवं रहने की सुविधा शामिल

योजना में शामिल खर्च:

  • मेडिकल जांच, डॉक्टर परामर्श एवं उपचार
  • दवाइयाँ एवं मेडिकल उपकरण
  • ICU / Non-ICU सेवाएँ
  • लैब टेस्ट एवं डायग्नोस्टिक जांच
  • सर्जरी एवं इम्प्लांट
  • अस्पताल में भर्ती से पहले एवं बाद का खर्च (15 दिन तक)

आयुष्मान भारत कार्ड कौन बनवा सकता है 2026 में ?

आयुष्मान भारत कार्ड के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पात्र होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पात्रता का निर्धारण SECC 2011 (Socio-Economic Caste Census) के आधार पर किया जाता है। ऐसे परिवार जो कच्चे मकान में रहते हैं, जिनमें 16–59 वर्ष के बीच कोई वयस्क सदस्य नहीं है, या कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है, या परिवार में दिव्यांग सदस्य है और कोई सक्षम वयस्क नहीं है, वे पात्र माने जाते हैं। SC/ST परिवार, भूमिहीन दिहाड़ी मजदूर, भिक्षावृत्ति पर जीवन यापन करने वाले, मैनुअल स्कैवेंजर, आदिम जनजाति तथा बंधुआ मजदूरी से मुक्त श्रमिक स्वतः पात्र श्रेणी में आते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड का लाभ किसको मिलता है ?

SECC 2011 के आधार पर निम्न में से किसी एक श्रेणी में आने वाले परिवार:

  • कच्चे मकान में रहने वाले (एक कमरे वाला घर)
  • 16–59 वर्ष के बीच कोई वयस्क सदस्य नहीं
  • 16–59 वर्ष का कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं
  • दिव्यांग सदस्य और कोई सक्षम वयस्क नहीं
  • SC / ST परिवार
  • भूमिहीन परिवार जो दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं
  • स्वतः पात्र श्रेणी:
    • भिक्षावृत्ति पर जीवन यापन
    • मैनुअल स्कैवेंजर (बिना सुरक्षा उपकरणों के हाथों से इंसानी मल (Human Excreta) को साफ करना, उठाना या निपटाना)
    • आदिम जनजाति
    • बंधुआ मजदूरी से मुक्त श्रमिक

शहरी क्षेत्र में 11 निर्धारित व्यवसायिक श्रेणियों में कार्यरत व्यक्ति पात्र होते हैं, जैसे कचरा बीनने वाले, भिक्षुक, घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, निर्माण श्रमिक, सफाई कर्मचारी, कारीगर, ड्राइवर, छोटे दुकानों के कर्मचारी, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, धोबी और चौकीदार आदि। इन वर्गों को आर्थिक रूप से कमजोर मानते हुए आयुष्मान भारत कार्ड का लाभ प्रदान किया जाता है।

शहरी क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड का लाभ कौन ले सकता है?

निम्न 11 व्यवसायिक श्रेणियों में कार्यरत व्यक्ति पात्र हैं:

  • कचरा बीनने वाले (Ragpicker)
  • भिक्षुक
  • घरेलू कामगार
  • स्ट्रीट वेंडर / हॉकर / मोची
  • निर्माण श्रमिक, मिस्त्री, पेंटर, वेल्डर, गार्ड
  • सफाई कर्मचारी / माली
  • कारीगर / हस्तशिल्प / दर्जी
  • ड्राइवर, कंडक्टर, रिक्शा चालक
  • छोटे दुकानों के कर्मचारी / डिलीवरी बॉय
  • इलेक्ट्रीशियन / मैकेनिक / रिपेयर वर्कर
  • धोबी / चौकीदार

आयुष्मान भारत कार्ड के लिए online apply कैसे करें?

अब ‘आयुष्मान कार्ड’ बनाना पहले से भी ज्यादा आसान हो गया है।
अब लाभार्थी Ayushman App की मदद से अपना कार्ड खुद ही आसानी से बना सकते हैं।

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Google Play Store पर जा कर आप ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.

Offline आवेदन प्रक्रिया

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को अपने नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल या CSC (Common Service Centre) पर जाना होता है। वहाँ Arogya Mitra लाभार्थी का नाम, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर या RSBY URN के आधार पर खोज करता है। इसके बाद SECC, RSBY या State Health Scheme डेटाबेस में पात्रता का सत्यापन किया जाता है। आधार या अन्य सरकारी पहचान पत्र के माध्यम से पहचान सत्यापित कर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड किए जाते हैं। State Health Agency (SHA) द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद PM-JAY e-Card जारी कर दिया जाता है, जिसके आधार पर लाभार्थी कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकता है।

Step 1:
नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल या CSC (Common Service Centre) जाएँ

Step 2:
Arogya Mitra
द्वारा नाम, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर या RSBY URN से खोज

Step 3:
SECC / RSBY / State Health Scheme डेटाबेस में सत्यापन

Step 4:
Aadhaar या सरकारी ID से पहचान सत्यापन एवं दस्तावेज़ अपलोड

Step 5:
State Health Agency (SHA) द्वारा स्वीकृति

Step 6:
स्वीकृति के बाद PM-JAY e-Card जारी किया जाता है


Ayushman Card के लिए Documents required.

आयुष्मान कार्ड आवश्यक दस्तावेज : आधार कार्ड, पहचान पत्र (जैसे PAN या Voter ID), निवास प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), आय प्रमाण पत्र तथा परिवार पहचान दस्तावेज़ या राशन कार्ड की आवश्यकता होती है। दस्तावेज़ सही और अद्यतन होने चाहिए, ताकि सत्यापन में कोई बाधा न आए।

  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र (PAN / Voter ID आदि)
  • निवास प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • आय प्रमाण पत्र
  • परिवार पहचान दस्तावेज़ / राशन कार्ड

  • Official Portal: https://pmjay.gov.in
  • UMANG App: PM-JAY सेवाएँ उपलब्ध
  • Helpline Number: 14555 / 1800-111-565

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. आयुष्मान भारत योजना क्या है ?

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5,00,000 तक का निःशुल्क और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य गंभीर और महंगे इलाज को आम जनता की पहुँच में लाना है, ताकि किसी भी परिवार को गंभीर बीमारी के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

Q2. आयुष्मान कार्ड कौन बनवा सकता है?

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत वे परिवार पात्र होते हैं जो SECC 2011 डेटा में शामिल हैं।
मुख्य पात्रता इस प्रकार है:
* गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार
* कच्चे मकान में रहने वाले परिवार
* जिनके पास कोई स्थायी आय स्रोत नहीं है
* अनुसूचित जाति (SC) / जनजाति (ST) परिवार
* दिहाड़ी मजदूर, घरेलू कामगार
* ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के पात्र परिवार

Q3. आयुष्मान कार्ड में क्या-क्या फ्री है?

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। यह राशि परिवार के सभी सदस्यों के लिए सामूहिक रूप से लागू होती है, अर्थात परिवार के किसी एक सदस्य या एक से अधिक सदस्यों द्वारा जरूरत पड़ने पर इस सीमा तक इलाज कराया जा सकता है। इस योजना का उद्देश्य गंभीर और महंगे इलाज—जैसे सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर उपचार, किडनी संबंधी बीमारियाँ, न्यूरो सर्जरी आदि—को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सुलभ बनाना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए कर्ज लेने या संपत्ति बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
इस योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इसमें अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, सर्जरी, दवाइयाँ, ICU सेवाएँ, लैब टेस्ट, डायग्नोस्टिक जांच तथा भर्ती से पहले और बाद के निर्धारित दिनों का खर्च भी शामिल होता है। परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की कोई सीमा नहीं है, जिससे बड़े परिवारों को भी पूरा लाभ मिल सके। इस प्रकार ₹5 लाख तक का वार्षिक कवर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है।

Q4. क्या आयुष्मान भारत योजना पूरे परिवार के लिए है?

हाँ, आयुष्मान भारत योजना फैमिली फ्लोटर आधार पर संचालित की जाती है, जिसका अर्थ है कि प्रति वर्ष ₹5,00,000 तक का स्वास्थ्य बीमा कवर पूरे परिवार के लिए सामूहिक रूप से उपलब्ध रहता है। इस राशि को परिवार का कोई एक सदस्य या आवश्यकता अनुसार एक से अधिक सदस्य उपयोग कर सकते हैं। यदि परिवार के किसी सदस्य को गंभीर बीमारी के कारण अधिक खर्च वाला इलाज कराना पड़े, तो पूरी निर्धारित राशि उसी सदस्य के उपचार में उपयोग की जा सकती है, और यदि अलग-अलग समय पर अलग-अलग सदस्यों को उपचार की आवश्यकता हो, तो वे भी इसी सीमा के भीतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु पर कोई सीमा निर्धारित नहीं है, जिससे संयुक्त और बड़े परिवारों को भी समान रूप से लाभ मिलता है। यह व्यवस्था विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक ही स्वास्थ्य आपात स्थिति पूरे परिवार की बचत को प्रभावित कर सकती है। फैमिली फ्लोटर मॉडल के माध्यम से योजना लचीला और व्यावहारिक सुरक्षा कवच प्रदान करती है, जिससे जरूरत के समय परिवार के किसी भी सदस्य का इलाज बिना आर्थिक दबाव के कराया जा सके।

Q5. आयुष्मान कार्ड में कौन-कौन सी बीमारी आती है

आयुष्मान कार्ड के अंतर्गत लगभग 2000+ बीमारियाँ और उपचार पैकेज कवर होते हैं, जैसे:
* हार्ट डिजीज (दिल की बीमारी)
* कैंसर
* किडनी और डायलिसिस
* ब्रेन और न्यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारियाँ
* हड्डी और जोड़ की सर्जरी
* आंख, कान, नाक और गला (ENT)
* स्त्री रोग और प्रसूति सेवाएँ

Q6. Ayushman Card free treatment list

आयुष्मान कार्ड में इलाज के दौरान ये सभी सुविधाएँ मुफ्त होती हैं:
* अस्पताल में भर्ती (Admission)
* डॉक्टर की फीस
* ऑपरेशन और सर्जरी
* दवाइयाँ और जांच (टेस्ट)
* ICU और बेड चार्ज
* इलाज के बाद की देखभाल

Q7. क्या आयुष्मान कार्ड प्राइवेट हॉस्पिटल में चलता है?

हाँ, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जारी आयुष्मान कार्ड सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध (Empanelled) प्राइवेट अस्पतालों में भी मान्य होता है। इसका मतलब यह है कि लाभार्थी केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकते हैं जो योजना के तहत आधिकारिक रूप से पंजीकृत और अनुमोदित हैं। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक व्यापक पहुँच मिलती है।
हालाँकि इलाज शुरू कराने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि संबंधित निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध (empanelled) हो। यदि अस्पताल योजना में पंजीकृत नहीं है, तो वहाँ किया गया इलाज योजना के अंतर्गत कवर नहीं होगा। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने से पहले अस्पताल प्रशासन या आरोग्य मित्र (Arogya Mitra) से पुष्टि कर लेना चाहिए कि अस्पताल PM-JAY के अंतर्गत अधिकृत है, ताकि ₹5 लाख तक की कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

Q8. आयुष्मान भारत कार्ड किसका बन सकता है ?

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के वे लोग पात्र माने जाते हैं, जो सरकार द्वारा निर्धारित 11 व्यावसायिक श्रेणियों में कार्यरत हैं। इन श्रेणियों में मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगार शामिल हैं, जैसे घरेलू कामगार (मेड/हाउस हेल्प), निर्माण श्रमिक, मिस्त्री, पेंटर, वेल्डर, रिक्शा चालक, ड्राइवर, स्ट्रीट वेंडर/हॉकर, कचरा बीनने वाले, सफाई कर्मचारी, माली, कारीगर, हस्तशिल्प कार्यकर्ता, दर्जी, छोटे दुकानों के कर्मचारी, डिलीवरी बॉय, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, धोबी और चौकीदार आदि।
इन व्यवसायों में कार्य करने वाले लोग प्रायः असंगठित क्षेत्र से जुड़े होते हैं और नियमित सामाजिक सुरक्षा या स्वास्थ्य बीमा से वंचित रहते हैं। इसलिए सरकार ने इन्हें विशेष रूप से योजना में शामिल किया है, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें ₹5 लाख तक का वार्षिक कैशलेस इलाज कवर मिल सके। अंतिम पात्रता का निर्धारण आधिकारिक डेटाबेस (SECC 2011 या संबंधित शहरी सर्वे डेटा) में नाम की उपलब्धता के आधार पर किया जाता है।

Q9. आयुष्मान कार्ड में कौन-कौन से ऑपरेशन होते हैं?

आयुष्मान योजना के अंतर्गत कई बड़े ऑपरेशन कवर होते हैं, जैसे:
* हार्ट बायपास और एंजियोप्लास्टी
* कैंसर सर्जरी
* किडनी ट्रांसप्लांट और डायलिसिस
* ब्रेन सर्जरी
* घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण
* मोतियाबिंद (Cataract) ऑपरेशन
* सिजेरियन डिलीवरी

Q10. आयुष्मान भारत योजना में कौन-कौन से इलाज कवर होते हैं?

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं का कवर प्रदान किया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार की सर्जरी, गंभीर बीमारियों का उपचार, ICU (Intensive Care Unit) सेवाएँ तथा अस्पताल में भर्ती से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएँ शामिल हैं। योजना के तहत हृदय रोग, कैंसर, किडनी, न्यूरो, ऑर्थोपेडिक, प्रसूति एवं अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़ी अनेक उपचार प्रक्रियाएँ पैकेज के रूप में कवर की जाती हैं। लाभार्थी को सूचीबद्ध (Empanelled) सरकारी या निजी अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है, जिससे उपचार के समय कोई अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ता।
इसके अतिरिक्त योजना में दवाइयाँ, मेडिकल उपकरण, डायग्नोस्टिक टेस्ट (जैसे लैब जांच, एक्स-रे, MRI, CT स्कैन आदि), अस्पताल में भर्ती रहने की लागत, भोजन और रहने की सुविधा भी शामिल होती है। इतना ही नहीं, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और डिस्चार्ज के बाद 15 दिन तक का संबंधित चिकित्सा खर्च भी कवर किया जाता है, ताकि मरीज को उपचार की पूरी अवधि में आर्थिक सहायता मिल सके। इस प्रकार यह योजना गंभीर और महंगे इलाज के लिए एक समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान करती है।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

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