मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु पर ₹4 लाख, सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख, स्थायी अपंगता पर ₹2 लाख तथा आंशिक अपंगता पर ₹1 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण श्रमिक कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई संबल योजना का उन्नत रूप है, जिसे वर्ष 2020 में संबल 2.0 के रूप में पुनः लागू किया गया।

इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना या सामान्य मृत्यु, स्थायी अथवा आंशिक विकलांगता, मातृत्व सहायता, अंत्येष्टि सहायता तथा बच्चों की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।


योजना का परिचय एवं उद्देश्य

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण श्रमिक कल्याण योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई संबल योजना का उन्नत एवं संशोधित स्वरूप है, जिसे वर्ष 2020 में “संबल 2.0” के रूप में पुनः लागू किया गया। असंगठित क्षेत्र के श्रमिक जैसे निर्माण मजदूर, कृषि मजदूर, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, ठेला-खोमचा संचालक आदि नियमित आय, बीमा और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रहते हैं। ऐसी स्थिति में यह योजना उनके लिए एक सुरक्षा कवच का कार्य करती है। दुर्घटना, मृत्यु, विकलांगता, मातृत्व, अंत्येष्टि तथा बच्चों की शिक्षा जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान कर यह योजना श्रमिक परिवारों को संकट के समय सहारा देती है।


मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना के लाभ

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना के अंतर्गत श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों को विभिन्न प्रकार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मृत्यु सहायता के अंतर्गत यदि किसी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को ₹4,00,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि सामान्य मृत्यु की स्थिति में ₹2,00,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। विकलांगता सहायता के तहत स्थायी विकलांगता होने पर ₹2,00,000 तथा आंशिक विकलांगता की स्थिति में ₹1,00,000 की सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त श्रमिक की मृत्यु होने पर परिवार को अंत्येष्टि सहायता के रूप में ₹5,000 प्रदान किए जाते हैं ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में आर्थिक कठिनाई न हो। मातृत्व सहायता के अंतर्गत सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जाता है तथा सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे माँ और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा सहायता के अंतर्गत “संबल छात्रवृत्ति योजना 2025” के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक ₹2,000 से ₹10,000 तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। आईटीआई या डिप्लोमा कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को ₹8,000 से ₹15,000 तक तथा स्नातक या प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों को ₹20,000 से ₹30,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे अपनी पढ़ाई बिना आर्थिक बाधा के पूरी कर सकें।

मृत्यु सहायता

  • दुर्घटना में मृत्यु: ₹4,00,000
  • सामान्य मृत्यु: ₹2,00,000

विकलांगता सहायता

  • स्थायी विकलांगता: ₹2,00,000
  • आंशिक विकलांगता: ₹1,00,000

अंत्येष्टि सहायता

  • श्रमिक की मृत्यु होने पर परिवार को ₹5,000 की सहायता

मातृत्व सहायता

  • सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के लिए आर्थिक सहायता
  • सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्राथमिकता

शिक्षा सहायता (संबल छात्रवृत्ति योजना 2025)

शिक्षा स्तरसहायता राशि
कक्षा 6 से 12₹2,000 से ₹10,000
ITI / डिप्लोमा₹8,000 से ₹15,000
स्नातक / प्रोफेशनल कोर्स₹20,000 से ₹30,000

पात्रता मानदंड

इस योजना का लाभ केवल असंगठित क्षेत्र में कार्यरत पात्र श्रमिकों को दिया जाता है। पात्र श्रमिकों में निर्माण श्रमिक, कृषि मजदूर, घरेलू कामगार, रिक्शा एवं ऑटो चालक, ठेला-खोमचा या स्ट्रीट वेंडर, सफाई कर्मचारी, छोटे दुकानदार तथा दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं। आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए तथा उसकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आवेदक EPF, ESI या आयकर दायरे में नहीं आना चाहिए और वह असंगठित क्षेत्र में कार्यरत होना चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने पर ही योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

पात्र श्रमिक

  • निर्माण श्रमिक
  • कृषि मजदूर
  • घरेलू कामगार
  • रिक्शा / ऑटो चालक
  • ठेला-खोमचा / स्ट्रीट वेंडर
  • सफाई कर्मचारी
  • छोटे दुकानदार व दिहाड़ी मजदूर

आवश्यक शर्तें

  • आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी हो
  • आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो
  • EPF, ESI या आयकर के अंतर्गत न आता हो
  • असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हो

आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश सरकार के संबल पोर्टल पर जाना होगा। वहाँ “श्रमिक पंजीयन” विकल्प का चयन करना होता है। इसके बाद आवेदक को अपना आधार नंबर दर्ज कर OTP के माध्यम से सत्यापन करना होगा। सत्यापन पूर्ण होने पर व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, आयु, कार्य का प्रकार और समग्र आईडी भरनी होती है। इसके पश्चात बैंक से संबंधित जानकारी जैसे आधार से लिंक बैंक खाता और IFSC कोड दर्ज करना आवश्यक है।

अगले चरण में आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करने होते हैं। सभी जानकारी सही भरने के बाद आवेदन सबमिट किया जाता है। आवेदन के सत्यापन के पश्चात पात्र श्रमिक को संबल कार्ड जारी किया जाता है, जिसके माध्यम से वह योजना के विभिन्न लाभ प्राप्त कर सकता है।

चरण 1

मध्य प्रदेश सरकार के संबल पोर्टल पर जाएँ।

चरण 2

श्रमिक पंजीयन” विकल्प का चयन करें।

चरण 3

आधार नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें।

चरण 4

व्यक्तिगत जानकारी भरें:

  • नाम, पता, आयु
  • कार्य का प्रकार
  • समग्र आईडी

चरण 5

बैंक विवरण भरें:

  • आधार से लिंक बैंक खाता
  • IFSC कोड

चरण 6

आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें:

  • आधार कार्ड
  • समग्र आईडी
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो

चरण 7

आवेदन सबमिट करें।

चरण 8

सत्यापन के बाद संबल कार्ड जारी किया जाएगा।


मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना आवश्यक दस्तावेज़

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना में आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर तथा आवश्यक होने पर निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज़ हैं। सभी दस्तावेज़ सही एवं अद्यतन होने चाहिए ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और लाभार्थी को समय पर योजना का लाभ मिल सके।

  • आधार कार्ड
  • समग्र आईडी
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • निवास प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)

महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क

  • संबल पोर्टल: मध्य प्रदेश सरकार का आधिकारिक संबल योजना पोर्टल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना क्या है?

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एक व्यापक श्रमिक कल्याण योजना है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारों को सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान करना है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के पास नियमित आय, बीमा सुरक्षा, पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रायः उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में किसी दुर्घटना, मृत्यु, विकलांगता, बीमारी या पारिवारिक संकट की स्थिति में उनका पूरा परिवार आर्थिक कठिनाई में आ जाता है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में “संबल योजना” की शुरुआत की थी, जिसे वर्ष 2020 में संशोधित एवं अधिक प्रभावी स्वरूप में “संबल 2.0” के रूप में पुनः लागू किया गया।
यह योजना विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों, कृषि मजदूरों, घरेलू कामगारों, रिक्शा एवं ऑटो चालकों, ठेला-खोमचा संचालकों, सफाई कर्मचारियों, छोटे दुकानदारों और दिहाड़ी मजदूरों जैसे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु होने पर अधिक सहायता राशि, सामान्य मृत्यु पर आर्थिक सहयोग, स्थायी या आंशिक विकलांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता, अंत्येष्टि सहायता, मातृत्व सहायता तथा बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

Q2. मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना के तहत कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न प्रकार की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना जीवन की अनिश्चित परिस्थितियों—जैसे दुर्घटना, मृत्यु, विकलांगता, मातृत्व या बच्चों की शिक्षा—में आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से बनाई गई है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख लाभ दिए जाते हैं:
सबसे पहले, मृत्यु सहायता के अंतर्गत यदि किसी पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को ₹4,00,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वहीं सामान्य मृत्यु की स्थिति में ₹2,00,000 की सहायता राशि दी जाती है। इस सहायता का उद्देश्य परिवार को अचानक हुए आर्थिक संकट से उबारना और उनके जीवन-यापन में सहयोग करना है।
दूसरा महत्वपूर्ण लाभ विकलांगता सहायता है। यदि किसी श्रमिक को कार्य के दौरान या दुर्घटना के कारण स्थायी विकलांगता हो जाती है, तो उसे ₹2,00,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। आंशिक विकलांगता की स्थिति में ₹1,00,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इससे श्रमिक और उसका परिवार भविष्य की आर्थिक चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सके।
* मृत्यु सहायता
* विकलांगता सहायता
* अंत्येष्टि सहायता
* मातृत्व सहायता
* बच्चों की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति (संबल छात्रवृत्ति योजना 2025)

Q3. मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना में मृत्यु सहायता कितनी है?

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना के अंतर्गत पंजीकृत असंगठित श्रमिक की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि अचानक उत्पन्न हुए आर्थिक संकट से उन्हें राहत मिल सके। यह सहायता राशि श्रमिक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण और आवश्यक खर्चों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है।
यदि किसी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह अधिक राशि इसलिए निर्धारित की गई है क्योंकि दुर्घटना प्रायः अप्रत्याशित होती है और परिवार को तुरंत आर्थिक सहारे की आवश्यकता होती है।
वहीं, यदि श्रमिक की सामान्य मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि भी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा की जाती है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे।
इस प्रकार, संबल 2.0 योजना मृत्यु की स्थिति में श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें कठिन समय में सहारा देने का कार्य करती है।

Q4. विकलांगता की स्थिति में कितनी सहायता मिलती है?

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना के अंतर्गत यदि पंजीकृत श्रमिक किसी दुर्घटना या कार्य के दौरान विकलांग हो जाता है, तो उसे आर्थिक रूप से सहारा देने के लिए विशेष सहायता राशि प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकलांगता की स्थिति में श्रमिक और उसका परिवार आर्थिक संकट में न फँसे।
यदि श्रमिक को स्थायी (पूर्ण) विकलांगता हो जाती है, अर्थात वह भविष्य में कार्य करने में असमर्थ हो जाता है, तो उसे ₹2,00,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि उसके इलाज, पुनर्वास और परिवार के भरण-पोषण में मदद करने के लिए प्रदान की जाती है।
वहीं, यदि श्रमिक को आंशिक विकलांगता होती है, जिससे उसकी कार्य क्षमता आंशिक रूप से प्रभावित होती है, तो उसे ₹1,00,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह सहायता उसकी आय में आई कमी और चिकित्सा खर्चों को ध्यान में रखते हुए दी जाती है।
इस प्रकार, संबल 2.0 योजना विकलांगता की स्थिति में श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उनके जीवन को स्थिर बनाने का प्रयास करती है।

Q5. अंत्येष्टि सहायता कितनी दी जाती है?

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना के अंतर्गत यदि किसी पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत ₹5,000 की अंत्येष्टि सहायता दी जाती है, ताकि शोक की घड़ी में परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किसी प्रकार की वित्तीय कठिनाई न आए।
असंगठित क्षेत्र के अधिकांश श्रमिक सीमित आय पर निर्भर होते हैं, इसलिए अचानक मृत्यु की स्थिति में परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। ऐसे समय में यह अंत्येष्टि सहायता राशि त्वरित राहत के रूप में प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग देना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि श्रमिक के परिवार को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने में कोई बाधा न हो।

Q6. मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना में मातृत्व सहायता का क्या प्रावधान है?

* सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के लिए आर्थिक सहायता
* सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्राथमिकता
* महिला श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा

Q7. मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना के लिए कौन पात्र है?

पात्र श्रमिकों में शामिल हैं:
* निर्माण श्रमिक
* कृषि मजदूर
* घरेलू कामगार
* रिक्शा / ऑटो चालक
* ठेला-खोमचा / स्ट्रीट वेंडर
* सफाई कर्मचारी
* छोटे दुकानदार व दिहाड़ी मजदूर

Q8. संबल 2.0 योजना की आवश्यक शर्तें क्या हैं?

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। यह योजना विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई है, इसलिए पात्रता सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट मानदंड तय किए गए हैं।
सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। योजना केवल राज्य के निवासियों के लिए लागू है, इसलिए निवास प्रमाण या समग्र आईडी के माध्यम से इसका सत्यापन किया जाता है।
दूसरी महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति श्रमिक के रूप में पंजीयन के पात्र नहीं होते, और 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत नहीं किया जाता।
तीसरी शर्त के अनुसार, आवेदक EPF, ESI या आयकर के दायरे में नहीं आता हो। अर्थात वह संगठित क्षेत्र का कर्मचारी न हो और नियमित वेतनभोगी या आयकरदाता न हो। यह योजना केवल उन श्रमिकों के लिए है जिन्हें अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं है।

Q9. संबल 2.0 योजना में आवेदन कैसे करें?

आवेदन प्रक्रिया:
* संबल पोर्टल पर जाएँ
* “श्रमिक पंजीयन” विकल्प चुनें
* आधार नंबर से OTP सत्यापन करें
* व्यक्तिगत जानकारी भरें
* बैंक विवरण दर्ज करें
* आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें
* आवेदन सबमिट करें
* सत्यापन के बाद संबल कार्ड जारी किया जाएगा

Q10. संबल 2.0 योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़ कौन-कौन से हैं?

मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना में पंजीयन और लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को कुछ आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। ये दस्तावेज़ आवेदक की पहचान, निवास, बैंक विवरण और पात्रता की पुष्टि के लिए उपयोग किए जाते हैं। सही और अद्यतन दस्तावेज़ होने से आवेदन प्रक्रिया सरल और शीघ्र पूर्ण होती है।
* सबसे पहले आधार कार्ड अनिवार्य दस्तावेज़ है, क्योंकि इसके माध्यम से आवेदक की पहचान और OTP आधारित सत्यापन किया जाता है। आधार नंबर से ही श्रमिक का पंजीयन और लाभ की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
* दूसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज़ समग्र आईडी है, जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी पारिवारिक पहचान संख्या होती है। इससे परिवार की जानकारी और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सत्यापन किया जाता है।
* इसके अतिरिक्त बैंक पासबुक की आवश्यकता होती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहायता राशि सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा की जा सके। बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य है।
* आवेदक को एक पासपोर्ट साइज फोटो भी अपलोड करनी होती है, जिससे पंजीयन रिकॉर्ड पूर्ण और प्रमाणिक बने। साथ ही एक सक्रिय मोबाइल नंबर देना आवश्यक है, क्योंकि OTP सत्यापन और योजना से संबंधित सभी सूचनाएँ मोबाइल पर ही भेजी जाती हैं।
कुछ मामलों में, यदि आवश्यकता हो, तो निवास प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना पड़ सकता है, जिससे यह पुष्टि हो सके कि आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी है।
इन सभी दस्तावेज़ों को सही ढंग से प्रस्तुत करने पर ही संबल 2.0 योजना में सफल पंजीयन संभव होता है और श्रमिक विभिन्न लाभों के लिए पात्र बनता है।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

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