फसल बीमा योजना के तहत किसानों का फसल बीमा कब तक आएगा?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदा, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट व रोग से होने वाले फसल नुकसान पर बीमा सुरक्षा मिलती है। किसान कम प्रीमियम (खरीफ 2%, रबी 1.5%) देकर बीमा करवा सकते हैं और नुकसान होने पर मुआवजा राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त होती है। इस योजना का मुख्य…

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों के कारण फसल क्षति होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना किसानों की आय को स्थिर बनाए रखने और खेती को निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वित्त वर्ष 2025–26 तक स्वीकृत एवं संचालित है और इसे राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित फसलों तथा निर्धारित मौसम (खरीफ/रबी) के लिए लागू किया जाता है। कम प्रीमियम दर और व्यापक जोखिम कवरेज के कारण यह देश की सबसे बड़ी फसल बीमा योजनाओं में से एक है।

इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों के कारण फसल क्षति होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वित्त वर्ष 2025–26 तक स्वीकृत एवं संचालित है और राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित फसलों एवं मौसमों के लिए लागू की जाती है।


प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से मिलने वाले लाभ

इस योजना के अंतर्गत किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, तूफान, कीट एवं रोग जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कम प्रीमियम दर पर व्यापक बीमा कवर उपलब्ध होने से किसान को कम लागत में सुरक्षा मिलती है।

इससे खेती में निवेश करने का आत्मविश्वास बढ़ता है और आय में स्थिरता बनी रहती है। साथ ही यह योजना आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसल विविधीकरण और किसानों की ऋण पात्रता (Credit Worthiness) को भी मजबूत करती है, जिससे उन्हें बैंक ऋण प्राप्त करने में आसानी होती है।

  • किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता
  • कम प्रीमियम दर पर फसल बीमा सुविधा
  • किसान की आय में स्थिरता और खेती को निरंतर बनाए रखने में सहायता
  • आधुनिक कृषि पद्धतियों और फसल विविधीकरण को बढ़ावा
  • ऋण पात्रता (Credit Worthiness) में सुधार

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की पात्रता

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत सभी किसान पात्र हैं, चाहे वे भूमिधारक हों, किरायेदार किसान हों या बटाईदार। पात्रता के लिए किसान को अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगानी चाहिए और फसल में उसका बीमायोग्य हित (Insurable Interest) होना आवश्यक है। किसान के पास वैध भूमि दस्तावेज या किरायेदारी समझौता होना चाहिए। साथ ही निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है और एक ही फसल क्षति के लिए किसी अन्य स्रोत से मुआवजा प्राप्त नहीं किया होना चाहिए।

  • सभी किसान (भूमिधारक, किरायेदार किसान एवं बटाईदार)
  • अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसल उगाने वाले किसान
  • किसान के पास फसल में बीमायोग्य हित (Insurable Interest) होना चाहिए
  • वैध भूमि दस्तावेज / किरायेदारी समझौता
  • निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन आवश्यक
  • एक ही फसल क्षति के लिए किसी अन्य स्रोत से मुआवजा प्राप्त न किया हो

प्रीमियम दर (Premium Rates) – किसान कितना भुगतान करता है?

योजना के अंतर्गत किसान को बहुत कम प्रीमियम अंशदान देना होता है। खरीफ फसलों के लिए अधिकतम 2% और रबी फसलों के लिए अधिकतम 1.5% प्रीमियम किसान द्वारा दिया जाता है। वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए यह अधिकतम 5% तक होता है। शेष प्रीमियम राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम रहता है।

  • खरीफ फसल: किसान अंशदान अधिकतम 2%
  • रबी फसल: किसान अंशदान अधिकतम 1.5%
  • वाणिज्यिक / बागवानी फसल: किसान अंशदान अधिकतम 5%
  • शेष प्रीमियम राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है

योजना के तहत कवर किए जाने वाले जोखिम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खड़ी फसल की उत्पादन हानि (Yield Loss) जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, तूफान, कीट एवं रोग शामिल हैं। यदि प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई नहीं हो पाती, तो बीमित राशि का अधिकतम 25% तक मुआवजा दिया जाता है। कटाई के बाद खेत में रखी फसल को 14 दिनों तक सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिसे पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस कहा जाता है। इसके अतिरिक्त ओलावृष्टि, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थानीय आपदाएँ भी योजना के अंतर्गत कवर होती हैं।

1. खड़ी फसल में उत्पादन हानि (Yield Loss)

  • सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, तूफान, कीट एवं रोग

2. बुवाई न हो पाने की स्थिति (Prevented Sowing)

  • प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई न होने पर बीमित राशि का अधिकतम 25% तक मुआवजा

3. कटाई उपरांत क्षति (Post-Harvest Loss)

  • कटाई के बाद खेत में रखी फसल को 14 दिनों तक सुरक्षा

4. स्थानीय आपदाएँ (Localized Calamities)

  • ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन जैसी स्थानीय घटनाएँ

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन कैसे करें?

ऑनलाइन आवेदन के लिए किसान को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर “Farmer Corner” में पंजीकरण करना होता है। नए किसान “Guest Farmer” के रूप में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और लॉगिन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर प्रीमियम भुगतान के बाद आवेदन सबमिट कर सकते हैं।

ऑफलाइन आवेदन के लिए किसान नजदीकी बैंक शाखा, CSC केंद्र या अधिकृत बीमा कंपनी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय निर्धारित समय-सीमा का पालन करना आवश्यक है।

ऑनलाइन आवेदन

  1. PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ
  2. “Farmer Corner” पर क्लिक करें
  3. नए किसान “Guest Farmer” के रूप में पंजीकरण करें
  4. लॉगिन कर फसल बीमा के लिए आवेदन करें
  5. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें
  6. प्रीमियम भुगतान कर आवेदन सबमिट करें

ऑफलाइन आवेदन

  • नजदीकी बैंक शाखा, CSC केंद्र या अधिकृत बीमा कंपनी के माध्यम से आवेदन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़

योजना के लिए पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, बैंक पासबुक, भूमि रिकॉर्ड (RoR/LPC), तथा फसल घोषणा पत्र आवश्यक होते हैं। दस्तावेजों की सत्यता के आधार पर बीमा स्वीकृत किया जाता है।

  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आधार कार्ड / पहचान पत्र
  • बैंक पासबुक
  • भूमि रिकॉर्ड / RoR / LPC
  • फसल घोषणा पत्र

महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क

  • आधिकारिक वेबसाइट: https://pmfby.gov.in
  • किसान हेल्पलाइन: 14447
  • CSC केंद्र / बैंक शाखा

दिशानिर्देश

यह योजना राज्य सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करती है, इसलिए केवल अधिसूचित फसलें ही बीमा के अंतर्गत कवर होती हैं। किसानों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। फसल क्षति की सूचना भी तय अवधि में देना आवश्यक है, अन्यथा दावा अस्वीकार हो सकता है।

  • योजना राज्य सरकार की अधिसूचना पर निर्भर करती है
  • समय-सीमा के भीतर आवेदन अनिवार्य
  • केवल अधिसूचित फसलें ही बीमा के अंतर्गत कवर होती हैं
  • फसल क्षति की सूचना निर्धारित अवधि में देना आवश्यक

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अभी चालू है?

हाँ, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) वर्तमान में चालू है और इसे केंद्र सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2025–26 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। यह योजना देशभर में राज्य सरकारों के माध्यम से लागू की जाती है और प्रत्येक राज्य अपने स्तर पर अधिसूचित फसलों एवं मौसम (खरीफ/रबी) के अनुसार इसे संचालित करता है।
किसान संबंधित राज्य द्वारा अधिसूचित फसल और क्षेत्र के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में आवेदन कर सकते हैं। कम प्रीमियम दर, व्यापक जोखिम कवरेज और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के कारण यह योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा कवच का कार्य करती है, जिससे फसल नुकसान की स्थिति में आय की स्थिरता बनी रहती है।

Q2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किस मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का संचालन Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, भारत सरकार द्वारा किया जाता है। यह मंत्रालय देश में कृषि विकास, किसानों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन से जुड़ी नीतियों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार है।
इस योजना के माध्यम से मंत्रालय राज्य सरकारों और अधिकृत बीमा कंपनियों के सहयोग से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से होने वाली फसल क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। मंत्रालय दिशा-निर्देश जारी करता है, प्रीमियम सब्सिडी में भागीदारी करता है और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।

Q3. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कौन-कौन आवेदन कर सकता है?

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत सभी पात्र किसान आवेदन कर सकते हैं, जिनमें भूमिधारक (Land Owner) किसान, किरायेदार किसान तथा बटाईदार किसान शामिल हैं। शर्त यह है कि किसान अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल की खेती कर रहा हो और फसल में उसका बीमायोग्य हित (Insurable Interest) होना चाहिए।
इसके अतिरिक्त किसान के पास वैध भूमि दस्तावेज या किरायेदारी/बटाई समझौता होना आवश्यक है। योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करते हैं और संबंधित राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित फसल एवं मौसम के अंतर्गत आते हैं।
* भूमिधारक किसान
* किरायेदार किसान
* बटाईदार किसान
* अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी किसान

Q4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत किसानों को बहुत ही कम प्रीमियम दर पर फसल बीमा का लाभ मिलता है। खरीफ फसलों के लिए किसान को बीमित राशि का अधिकतम 2% अंशदान देना होता है, जबकि रबी फसलों के लिए यह अधिकतम 1.5% निर्धारित है। वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए किसान का अधिकतम अंशदान 5% तक होता है।
बीमा की शेष प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है। इस व्यवस्था के कारण कम लागत में व्यापक जोखिम कवरेज मिलता है और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसानों को वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
* खरीफ फसल: अधिकतम 2%
* रबी फसल: अधिकतम 1.5%
* वाणिज्यिक / बागवानी फसल: अधिकतम 5%
* बाकी प्रीमियम राशि सरकार वहन करती है।

Q5. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कौन-कौन से जोखिम कवर किए जाते हैं?

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक और स्थानीय दोनों प्रकार के जोखिमों से सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसमें सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात/तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएँ तथा कीट एवं रोग से होने वाली फसल क्षति शामिल हैं। खड़ी फसल की उत्पादन हानि (Yield Loss) होने पर बीमित राशि के अनुसार मुआवजा दिया जाता है।
इसके अतिरिक्त यदि प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई ही नहीं हो पाती (Prevented Sowing), तो बीमित राशि का अधिकतम 25% तक मुआवजा प्रदान किया जा सकता है। कटाई के बाद खेत में रखी फसल को 14 दिनों तक सुरक्षा मिलती है, और जलभराव, भूस्खलन जैसी स्थानीय आपदाएँ भी योजना के अंतर्गत कवर होती हैं, जिससे किसान को व्यापक आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
* सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, तूफान
* कीट एवं रोग से फसल क्षति
* बुवाई न हो पाने की स्थिति (Prevented Sowing)
* कटाई के बाद 14 दिनों तक नुकसान
* स्थानीय आपदाएँ जैसे जलभराव, भूस्खलन

Q6. क्या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल खराब होने पर पूरा मुआवजा मिलता है?

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत मुआवजा स्वतः “पूरी बीमित राशि” के रूप में नहीं दिया जाता, बल्कि यह वास्तविक उत्पादन हानि (Actual Yield Loss) और बीमित राशि के आधार पर निर्धारित किया जाता है। यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र में औसत उत्पादन निर्धारित सीमा (Threshold Yield) से कम रहता है, तो उसी अनुपात में दावा राशि की गणना की जाती है।
मुआवजे की अंतिम राशि राज्य स्तर पर किए जाने वाले फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments – CCE) के परिणामों पर निर्भर करती है। इसलिए दावा भुगतान क्षेत्र विशेष के औसत उत्पादन आंकड़ों के अनुसार तय होता है, न कि केवल व्यक्तिगत खेत के अनुमानित नुकसान के आधार पर।

Q7. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दावा (Claim) कब और कैसे मिलता है?

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत दावा प्रक्रिया फसल कटाई के बाद शुरू होती है, जब राज्य सरकार द्वारा फसल कटाई प्रयोग (CCE) के माध्यम से वास्तविक उत्पादन का आकलन किया जाता है। यदि किसी अधिसूचित क्षेत्र में उत्पादन निर्धारित सीमा से कम पाया जाता है, तो बीमा कंपनी द्वारा पात्र किसानों के लिए दावा राशि निर्धारित की जाती है।
सामान्यतः लक्ष्य रखा जाता है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद लगभग 2 महीने के भीतर दावा राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेज दी जाए। हालांकि, दावा भुगतान की समय-सीमा राज्य सरकार की रिपोर्टिंग, प्रीमियम जमा और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी निर्भर करती है।

Q8. क्या गैर-अधिसूचित क्षेत्र के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं?

नहीं, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित (Notified) क्षेत्र में अधिसूचित फसल की खेती कर रहे हों। प्रत्येक राज्य सरकार मौसम (खरीफ/रबी) और जिले के अनुसार फसलों की सूची जारी करती है, जिन पर ही बीमा लागू होता है।
यदि कोई किसान गैर-अधिसूचित क्षेत्र में खेती करता है या ऐसी फसल उगाता है जो उस सीजन के लिए अधिसूचित नहीं है, तो वह योजना के अंतर्गत दावा या बीमा लाभ प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिए आवेदन से पहले किसान को अपने जिले की अधिसूचना अवश्य जांच लेनी चाहिए।

Q9. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana में किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए किसान आधिकारिक पोर्टल पर जाकर “Farmer Corner” में पंजीकरण कर सकते हैं या नजदीकी CSC (Common Service Center) के माध्यम से फॉर्म भरवा सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और निर्धारित प्रीमियम का भुगतान करने के बाद आवेदन सबमिट किया जाता है।
ऑफलाइन आवेदन के लिए किसान अपनी नजदीकी बैंक शाखा या अधिकृत बीमा कंपनी के कार्यालय में जाकर फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय निर्धारित समय-सीमा का पालन करना अनिवार्य है, क्योंकि समय सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
* ऑनलाइन: PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट या CSC केंद्र से
* ऑफलाइन: नजदीकी बैंक शाखा या अधिकृत बीमा कंपनी के माध्यम से

Q10. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि कैसे पता करें?

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के लिए आवेदन की अंतिम तिथि प्रत्येक राज्य और मौसम (खरीफ/रबी) के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की जाती है। इसलिए किसान को अपने राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की जानकारी समय-समय पर जांचनी चाहिए, क्योंकि अंतिम तिथि उसी के आधार पर तय होती है।
आवेदन की अंतिम तिथि की जानकारी राज्य कृषि विभाग, नजदीकी बैंक शाखा, CSC केंद्र या योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अधिसूचना से प्राप्त की जा सकती है। समय-सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है, क्योंकि निर्धारित तिथि के बाद बीमा आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
* आवेदन की अंतिम तिथि:
* राज्य कृषि विभाग
* बैंक / CSC केंद्र
* PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट
* पर जारी अधिसूचना से पता की जा सकती है।


ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

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