लखपति दीदी योजना क्या है?
लखपति दीदी योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी महिला सशक्तिकरण पहल है, जिसे Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के अंतर्गत लागू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें दीर्घकालीन रूप से आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें, स्थायी आय के स्रोत विकसित कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकें।
“लखपति दीदी” नाम इस योजना के लक्ष्य को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक आय को कम से कम ₹1 लाख या उससे अधिक तक पहुंचाना है। यह योजना किसी प्रकार का ₹1 लाख या ₹5 लाख का प्रत्यक्ष नकद अनुदान नहीं देती। बल्कि यह महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास, बाजार से जुड़ाव, वित्तीय साक्षरता और बैंकिंग सुविधाओं के माध्यम से सशक्त बनाती है।
योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से महिलाओं को संगठित किया जाता है, जिससे वे सामूहिक बचत, आंतरिक ऋण और बैंक लोन का लाभ उठा सकें। व्यवसाय की आवश्यकता और पात्रता के आधार पर बैंक ऋण या क्रेडिट सुविधा ₹1 लाख से ₹5 लाख या उससे अधिक तक भी हो सकती है, लेकिन यह अनुदान नहीं बल्कि बैंकिंग प्रक्रिया के तहत ऋण होता है।
इस प्रकार यह योजना “नकद वितरण” कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, सूक्ष्म उद्यम और संगठित आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से दीर्घकालीन आय वृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने की एक संरचित पहल है। इसका अंतिम लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना, गरीबी से बाहर निकालना और उन्हें सामाजिक रूप से सशक्त करना है।
लखपति दीदी योजना के लाभ
लखपति दीदी योजना के लाभों की बात करें तो यह योजना महिलाओं को बहुआयामी सहायता प्रदान करती है। इसके अंतर्गत महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण, जैसे सिलाई, डेयरी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लघु उद्योग संचालन, डिजिटल सेवाएं आदि में प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे स्थानीय संसाधनों के आधार पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके साथ ही उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें यह सिखाया जाता है कि व्यवसाय योजना कैसे बनाई जाए, बाजार से कैसे जुड़ा जाए, लागत और लाभ का आकलन कैसे किया जाए और डिजिटल भुगतान व बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कैसे किया जाए।
स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक बचत और आंतरिक ऋण की सुविधा मिलती है, जिससे शुरुआती पूंजी की समस्या काफी हद तक कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त उन्हें बैंक लोन से जोड़ने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और सब्सिडी या क्रेडिट लिंकिंग जैसी सुविधाओं तक पहुंच प्रदान की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया का अंतिम लक्ष्य यह है कि महिला सालाना ₹1 लाख या उससे अधिक की आय अर्जित कर सके, जिससे उसका परिवार गरीबी रेखा से ऊपर उठ सके और वह सामाजिक रूप से अधिक सम्मानजनक स्थिति प्राप्त कर सके। इस प्रकार यह योजना केवल आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत करती है।
- महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं उद्यमिता विकास सहायता
- स्वरोजगार एवं छोटे व्यवसाय शुरू करने में सहयोग
- स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से वित्तीय सहायता
- बैंक लोन एवं सरकारी योजनाओं से जुड़ाव
- सालाना ₹1 लाख या अधिक आय अर्जित करने का लक्ष्य
- ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण
इस योजना के अंतर्गत जब महिलाएं अपने उत्पाद तैयार कर लेती हैं, तो उन्हें बाजार तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। अब SHG की महिलाएं Amazon, Flipkart, Meesho और GeM Portal जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पाद पूरे देश में बेच सकती हैं।
इस बारे में विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें: स्व-सहायता समूह अपने उत्पाद Online कैसे बेचें? Registration, Profit और Branding की पूरी जानकारी
लखपति दीदी योजना की पात्रता
पात्रता के संदर्भ में, इस योजना का लाभ वही महिलाएं ले सकती हैं जो ग्रामीण क्षेत्र की निवासी हों और किसी मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य हों। आवेदक महिला होना अनिवार्य है और उसे आर्थिक रूप से कमजोर या निम्न आय वर्ग से संबंधित होना चाहिए। यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission या राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हुई हैं।
SHG की सदस्यता इसलिए अनिवार्य की गई है क्योंकि इसी सामूहिक ढांचे के माध्यम से प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, निगरानी और मार्गदर्शन की पूरी प्रक्रिया संचालित की जाती है। जो महिलाएं अभी SHG से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें पहले अपने गांव या पंचायत स्तर पर संचालित समूह से जुड़ना होता है, उसके बाद ही वे योजना के विभिन्न घटकों का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
- आवेदक महिला होनी चाहिए
- ग्रामीण क्षेत्र की निवासी
- स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होना आवश्यक
- आर्थिक रूप से कमजोर या निम्न आय वर्ग से संबंधित
- DAY-NRLM या राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं
लखपति दीदी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया की बात करें तो यह पारंपरिक ऑनलाइन फॉर्म भरने वाली योजना नहीं है, बल्कि सामुदायिक ढांचे के माध्यम से संचालित होती है। सबसे पहले महिला को अपने नजदीकी स्वयं सहायता समूह या ग्राम संगठन से जुड़ना होता है। इसके बाद ब्लॉक या जिला स्तर पर स्थित ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से संपर्क कर योजना की जानकारी प्राप्त की जाती है। पात्र महिलाओं को आवश्यक कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास कार्यक्रमों में भाग लेना होता है, जहां उन्हें व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय साक्षरता और बाजार से जुड़ाव की जानकारी दी जाती है।
इसके बाद महिला अपनी व्यवसाय योजना तैयार करती है, जिसे संबंधित अधिकारी या मिशन इकाई के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। योजना की स्वीकृति मिलने पर उसे प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य आजीविका सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वह अपने चुने हुए व्यवसाय को सफलतापूर्वक शुरू कर सके और नियमित आय अर्जित कर सके।
- अपने नजदीकी स्वयं सहायता समूह (SHG) या ग्राम संगठन से जुड़ें।
- ब्लॉक/जिला ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय में संपर्क करें।
- आवश्यक प्रशिक्षण एवं कौशल कार्यक्रम में भाग लें।
- व्यवसाय योजना तैयार करें और आवेदन जमा करें।
- स्वीकृति मिलने पर प्रशिक्षण, ऋण एवं आजीविका सहायता प्राप्त करें।
लखपति दीदी योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़
आवश्यक दस्तावेज़ों में आधार कार्ड, पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी या पैन कार्ड), निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, SHG सदस्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और सक्रिय मोबाइल नंबर शामिल होते हैं। ये दस्तावेज़ महिला की पहचान, निवास स्थिति, बैंकिंग सुविधा और समूह सदस्यता की पुष्टि के लिए आवश्यक होते हैं। चूंकि योजना वित्तीय समावेशन और बैंकिंग से जुड़ी है, इसलिए बैंक खाता और आधार लिंक होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी दस्तावेज़ स्पष्ट और अद्यतन होने चाहिए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र (Voter ID / PAN आदि)
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- SHG सदस्यता प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क
महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट National Rural Livelihoods Mission
- आधिकारिक वेबसाइट: https://nrlm.gov.in तथा आधिकारिक लखपति दीदी पोर्टल
- Official – https://lakhpatididi.gov.in/hi/ पर संपर्क किया जा सकता है।
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दिशानिर्देश
दिशानिर्देशों के अनुसार यह योजना सीधे ₹1 लाख नकद प्रदान नहीं करती, बल्कि महिलाओं की आय को उस स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है। SHG के माध्यम से जुड़ना अनिवार्य है और प्रशिक्षण व व्यवसाय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। साथ ही राज्य के अनुसार प्रक्रिया और लाभों में कुछ परिवर्तन संभव हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय मिशन कार्यालय से अद्यतन जानकारी प्राप्त करना उचित रहता है। समग्र रूप से, लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक व्यापक और दीर्घकालीन पहल है, जो सामुदायिक सहयोग और संगठित प्रयास के माध्यम से स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास करती है।
- यह योजना सीधे ₹1 लाख नकद नहीं देती, बल्कि आय बढ़ाने में सहायता करती है।
- SHG के माध्यम से जुड़ना अनिवार्य है।
- प्रशिक्षण एवं व्यवसाय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
- राज्य के अनुसार लाभ एवं प्रक्रिया में बदलाव संभव है।
अगला कदम — अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचें: लखपति दीदी बनने का सबसे तेज रास्ता है — अपने SHG उत्पादों को Digital Platform पर बेचना। Meesho जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना GST के भी शुरुआत की जा सकती है। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें: Meesho पर SHG Product कैसे बेचें?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. लखपति दीदी योजना क्या है?
लाखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता देकर सालाना ₹1 लाख या उससे अधिक आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल है।
Q2. क्या लखपति दीदी योजना में ₹1 लाख नकद मिलता है?
नहीं,Q2. क्या लखपति दीदी योजना में ₹1 लाख नकद मिलता है?
नहीं, Lakhpati Didi Yojana के अंतर्गत सरकार सीधे ₹1 लाख की नकद राशि लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर नहीं करती है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात है जिसे समझना आवश्यक है, क्योंकि अक्सर “लखपति दीदी” नाम सुनकर लोगों को यह भ्रम हो जाता है कि सरकार प्रत्येक महिला को एकमुश्त ₹1,00,000 प्रदान कर रही है। वास्तव में इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को नकद सहायता देना नहीं, बल्कि उनकी वार्षिक आय को ₹1 लाख या उससे अधिक तक पहुँचाने में संरचित और दीर्घकालीन सहयोग प्रदान करना है। यह योजना Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित होती है, जिसका फोकस ग्रामीण महिलाओं को कौशल, संसाधन, वित्तीय पहुंच और बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है, न कि केवल एक बार की आर्थिक सहायता देकर अस्थायी राहत प्रदान करना।
Q3. लखपति दीदी योजना किसके लिए है?
Lakhpati Didi Yojana मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र की उन महिलाओं के लिए बनाई गई है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हुई हैं या जुड़ना चाहती हैं। इस योजना का लक्ष्य विशेष रूप से उन महिलाओं को सशक्त बनाना है, जो गांवों में सीमित संसाधनों के साथ जीवन यापन कर रही हैं और जिनके पास स्थायी आय का मजबूत स्रोत नहीं है। यह योजना व्यक्तिगत लाभ देने के बजाय सामुदायिक ढांचे के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करती है। जो महिलाएं पहले से SHG की सदस्य हैं और Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) या राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हैं, उन्हें इस योजना के अंतर्गत प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि SHG संरचना के माध्यम से प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और निगरानी की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सकती है।
Q4. लखपति दीदी योजना के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
कौशल प्रशिक्षQ4. लखपति दीदी योजना के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
Lakhpati Didi Yojana के अंतर्गत महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि समग्र आजीविका विकास से जुड़े अनेक प्रकार के लाभ प्रदान किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य उनकी आय में स्थायी वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत सबसे पहले महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) दिया जाता है, जैसे डेयरी, पशुपालन, कृषि आधारित कार्य, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग संचालन, डिजिटल सेवाएं आदि, ताकि वे स्थानीय संसाधनों और बाजार की मांग के अनुसार अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके साथ ही उन्हें व्यवसाय मार्गदर्शन (Entrepreneurship Guidance) दिया जाता है, जिसमें व्यवसाय योजना बनाना, लागत और लाभ का आकलन करना, बाजार से जुड़ाव, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल भुगतान जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं।
Q5. लखपति दीदी योजना में आवेदन कैसे करें?
Lakhpati Didi Yojana में आवेदन करने की प्रक्रिया पारंपरिक ऑनलाइन फॉर्म भरने जैसी नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक ढांचे के माध्यम से संचालित होती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला को सबसे पहले अपने गांव या पंचायत स्तर पर सक्रिय स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ना आवश्यक होता है। यदि महिला पहले से SHG की सदस्य है, तो वह अपने समूह की बैठक में योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकती है और आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। यदि वह सदस्य नहीं है, तो उसे पहले SHG में शामिल होना होता है, क्योंकि इसी समूह के माध्यम से प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आजीविका गतिविधियों का संचालन किया जाता है।
इसके बाद महिला अपने ग्राम संगठन (VO) या क्लस्टर स्तर की इकाई से संपर्क कर सकती है, जहां उसे योजना के उद्देश्य, लाभ और पात्रता के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगला चरण होता है ब्लॉक या जिला ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय से संपर्क करना, जो Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के अंतर्गत कार्य करता है। यहां महिलाओं का पंजीकरण, कौशल आकलन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया तय की जाती है। पात्र महिलाओं को विभिन्न कौशल विकास एवं उद्यमिता कार्यक्रमों में भाग लेना होता है, जहां उन्हें व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक चलाने की जानकारी दी जाती है।
Q6. क्या शहरी महिलाएं लखपति दीदी योजना का लाभ ले सकती हैं?
Lakhpati Didi Yojana मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए बनाई गई योजना है, इसलिए इसका सीधा लाभ प्रायः गांवों में रहने वाली और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को ही दिया जाता है। यह योजना Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित होती है, जो विशेष रूप से ग्रामीण आजीविका और ग्रामीण परिवारों की आय वृद्धि पर केंद्रित है। इसी कारण से पात्रता की प्रमुख शर्तों में ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना और ग्रामीण SHG संरचना से जुड़ा होना शामिल है।
शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अलग से आजीविका एवं स्वरोजगार योजनाएं संचालित की जाती हैं, जैसे शहरी गरीबों के लिए चलाए जाने वाले मिशन और नगर निकायों के अंतर्गत कार्यक्रम। यदि कोई महिला नगर क्षेत्र में रहती है, तो वह सामान्यतः इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं मानी जाती, क्योंकि लखपति दीदी योजना का ढांचा ग्राम संगठन, क्लस्टर स्तर महासंघ और ब्लॉक ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालयों के माध्यम से संचालित होता है। हालांकि कुछ राज्यों में ग्रामीण-शहरी सीमा (peri-urban areas) के मामलों में स्थानीय दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए अंतिम निर्णय संबंधित जिला या ब्लॉक मिशन कार्यालय द्वारा ही लिया जाता है। संक्षेप में कहा जाए तो यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी वार्षिक आय को ₹1 लाख या उससे अधिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई है, और शहरी महिलाओं के लिए सामान्यतः अलग योजनाएं उपलब्ध होती हैं।
Q7. लखपति दीदी योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
Lakhpati Didi Yojana के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज़ों की जरूरत होती है, क्योंकि योजना वित्तीय समावेशन, प्रशिक्षण, बैंक लोन लिंकिंग और स्वयं सहायता समूह (SHG) संरचना के माध्यम से संचालित होती है। सबसे पहले आधार कार्ड अनिवार्य होता है, जो पहचान और सत्यापन का मुख्य दस्तावेज़ है। आधार विवरण का नाम बैंक खाते और SHG रिकॉर्ड से मेल खाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक समस्या न हो। इसके साथ ही बैंक खाता विवरण आवश्यक है, क्योंकि ऋण, वित्तीय सहायता या किसी भी प्रकार की धनराशि का लेनदेन सीधे बैंकिंग माध्यम से ही किया जाता है। बैंक खाता सक्रिय और आधार से लिंक होना बेहतर माना जाता है, ताकि वित्तीय प्रक्रियाएं सुचारू रूप से पूरी हो सकें।
Q8. लखपति दीदी योजना के तहत कौन-कौन से व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं?
Lakhpati Didi Yojana के अंतर्गत महिलाओं को उनके स्थानीय संसाधनों, कौशल, बाजार की मांग और उपलब्ध अवसरों के आधार पर विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprises) शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह योजना किसी एक निश्चित व्यवसाय तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रचलित व्यवसायों में डेयरी (दूध उत्पादन और बिक्री), पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, तथा कृषि आधारित गतिविधियां शामिल हैं, क्योंकि ये गतिविधियां कम पूंजी में शुरू की जा सकती हैं और नियमित आय का स्रोत प्रदान करती हैं।
इसके अतिरिक्त महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, बुटीक कार्य, रेडीमेड परिधान निर्माण, स्कूल यूनिफॉर्म सिलाई जैसे कार्यों के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे स्थानीय बाजार की मांग पूरी कर सकें। फूड प्रोसेसिंग जैसे अचार, पापड़, मसाला, जैम, बेकरी उत्पाद, मिलेट आधारित उत्पाद या अन्य घरेलू खाद्य सामग्री तैयार कर बेचने का कार्य भी लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें स्थानीय स्तर पर कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। कई महिलाएं हस्तशिल्प, हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुएं, बांस या लकड़ी के उत्पाद, पारंपरिक कला वस्तुएं बनाकर भी आय अर्जित करती हैं। इसके अलावा छोटे व्यापार जैसे किराना दुकान, सब्जी विक्रय, मोबाइल रिपेयरिंग, साइबर सेवा केंद्र, डिजिटल सेवा केंद्र या अन्य सेवा आधारित कार्य भी शुरू किए जा सकते हैं।
Q9. क्या योजना में लोन की सुविधा मिलती है?
हाँ, Lakhpati Didi Yojana के अंतर्गत प्रत्यक्ष रूप से नकद अनुदान देने के बजाय महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (SHG) और बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। यह योजना Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के तहत संचालित होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय रूप से सक्षम बनाना और उन्हें औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है।
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