प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भारत सरकार की एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसे Ministry of Women and Child Development द्वारा संचालित किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान उन्हें उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच (ANC), सुरक्षित प्रसव और शिशु टीकाकरण की सुविधा मिल सके।
ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों में कई बार गर्भावस्था के दौरान आय का स्रोत प्रभावित हो जाता है, जिससे पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता है। PMMVY इसी आर्थिक दबाव को कम करने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने में भी सहायक है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लाभ
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
PMMVY के अंतर्गत सहायता राशि संतान के आधार पर निर्धारित की गई है और यह तय शर्तों को पूरा करने पर दी जाती है।
प्रथम जीवित संतान (First Child) के लिए:
महिला को कुल ₹5,000 की सहायता राशि दो किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त ₹3,000 की होती है, जो गर्भावस्था पंजीकरण और कम से कम एक ANC जांच पूरी करने पर मिलती है। दूसरी किस्त ₹2,000 की होती है, जो प्रसव पंजीकरण और 14 सप्ताह तक शिशु के अनिवार्य टीकाकरण के बाद प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, यदि लाभार्थी को Janani Suraksha Yojana (JSY) का लाभ भी मिलता है, तो कुल सहायता राशि औसतन ₹6,000 तक पहुँच सकती है।
द्वितीय संतान (केवल बालिका होने पर):
यदि दूसरी संतान बालिका है, तो ₹6,000 की एकमुश्त राशि दी जाती है। इसके लिए गर्भावस्था पंजीकरण, ANC जांच, बालिका जन्म पंजीकरण और टीकाकरण की शर्तें पूरी करना आवश्यक है।
यदि गर्भपात या मृत शिशु की स्थिति होती है, तो अगली गर्भावस्था को नया मामला माना जाता है।
प्रथम संतान (First Child)
| किस्त | शर्तें | राशि |
|---|---|---|
| पहली किस्त | गर्भावस्था का पंजीकरण एवं 1 ANC | ₹3,000 |
| दूसरी किस्त | प्रसव पंजीकरण एवं 14 सप्ताह तक टीकाकरण | ₹2,000 |
कुल लाभ: ₹5,000
JSY के साथ औसतन लाभ: ₹6,000
द्वितीय संतान (केवल बालिका होने पर)
| किस्त | शर्तें | राशि |
|---|---|---|
| एकमुश्त | गर्भावस्था पंजीकरण, ANC, बालिका जन्म एवं टीकाकरण | ₹6,000 |
गर्भपात / मृत शिशु की स्थिति में अगली गर्भावस्था को नया मामला माना जाएगा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की पात्रता
इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदिका की आयु कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए। वह गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला होनी चाहिए और प्रथम जीवित संतान के लिए पात्र मानी जाती है। दूसरी संतान के लिए केवल तब पात्रता होगी जब जन्मी संतान बालिका हो।
नियमित सरकारी कर्मचारी या PSU में कार्यरत महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। योजना का मुख्य फोकस सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं पर है, जैसे SC/ST महिलाएं, 40% या अधिक दिव्यांग महिलाएं, BPL या NFSA राशन कार्ड धारक, Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (PMJAY) लाभार्थी, e-Shram कार्ड धारक, MGNREGA जॉब कार्ड धारक, PM-KISAN महिला लाभार्थी आदि।
इसके अतिरिक्त, वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW), आशा (ASHA) और आंगनवाड़ी सहायिका (AWH) भी पात्र मानी जाती हैं, यदि वे अन्य शर्तें पूरी करती हों।
- आवेदिका की आयु कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिला
- प्रथम जीवित संतान के लिए पात्र
- द्वितीय संतान के लिए केवल बालिका होने पर पात्र
- नियमित सरकारी/PSU कर्मचारी पात्र नहीं
- सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं, जैसे:
- SC / ST महिलाएं
- दिव्यांग महिला (40% या अधिक)
- BPL / NFSA राशन कार्ड धारक
- PMJAY लाभार्थी
- e-Shram कार्ड धारक
- MGNREGA जॉब कार्ड धारक
- PM-KISAN महिला लाभार्थी
- वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम
- गर्भवती/स्तनपान कराने वाली AWW, ASHA, AWH
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
लाभार्थी PMMVY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Citizen Login विकल्प चुन सकती हैं। मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करना होता है। इसके बाद अकाउंट बनाकर लॉग-इन करें और Data Entry सेक्शन में Beneficiary Registration पर क्लिक करें। व्यक्तिगत विवरण भरें, प्रथम या द्वितीय संतान का विकल्प चुनें, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:
यदि ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध न हो, तो नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किया जा सकता है। ANM या AWW की सहायता से पंजीकरण कराया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर आवेदन आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से ही पूरे किए जाते हैं।
ऑनलाइन आवेदन
- PMMVY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- Citizen Login पर क्लिक करें
- मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें
- अकाउंट बनाकर लॉग-इन करें
- Data Entry → Beneficiary Registration पर जाएं
- व्यक्तिगत विवरण भरें
- प्रथम या द्वितीय संतान का विकल्प चुनें
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करें
ऑफलाइन आवेदन
- नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र / स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें
- ANM / AWW की सहायता से पंजीकरण करवाएं
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड, आधार-लिंक्ड बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता, MCP/RCH कार्ड, LMP तिथि एवं ANC विवरण, शिशु जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण विवरण आवश्यक होते हैं।
पात्रता प्रमाण के रूप में BPL/NFSA राशन कार्ड, MGNREGA जॉब कार्ड, e-Shram कार्ड, PMJAY कार्ड, PM-KISAN लाभार्थी प्रमाण, SC/ST प्रमाण पत्र या दिव्यांग प्रमाण पत्र में से कोई एक दस्तावेज़ प्रस्तुत किया जा सकता है।
- आधार कार्ड
- आधार-लिंक्ड बैंक / पोस्ट ऑफिस खाता
- MCP / RCH कार्ड
- LMP तिथि एवं ANC विवरण
- शिशु जन्म प्रमाण पत्र
- टीकाकरण विवरण
- पात्रता प्रमाण (कोई एक):
- BPL / NFSA राशन कार्ड
- MGNREGA जॉब कार्ड
- e-Shram कार्ड
- PMJAY कार्ड
- PM-KISAN लाभार्थी प्रमाण
- SC / ST प्रमाण पत्र
- दिव्यांग प्रमाण पत्र
महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क
- आधिकारिक वेबसाइट: https://pmmvy.wcd.gov.in
- मंत्रालय: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार
- सहायता: नजदीकी आंगनवाड़ी / स्वास्थ्य केंद्र
महत्वपूर्ण दिशानिर्देश और सावधानियाँ
योजना का लाभ पाने के लिए गर्भावस्था का समय पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। नियमित ANC जांच और शिशु का समय पर टीकाकरण कराना जरूरी है। बैंक खाता DBT के लिए सक्रिय और आधार से लिंक होना चाहिए। मोबाइल नंबर देना आवश्यक है, ताकि OTP सत्यापन और अपडेट मिल सकें।
यदि कोई गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज़ प्रस्तुत करता है, तो लाभ रोका जा सकता है या राशि वापस ली जा सकती है। इसलिए सभी विवरण सही और प्रमाणित होने चाहिए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ स्वास्थ्य, पोषण और बालिका संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा पहल है, जो महिलाओं को आर्थिक सहारा देकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में सहायक साबित हो रही है।
- समय पर गर्भावस्था पंजीकरण कराएं
- ANC एवं टीकाकरण अनिवार्य है
- बैंक खाता DBT के लिए सक्रिय होना चाहिए
- मोबाइल नंबर अनिवार्य है
- गलत जानकारी देने पर लाभ रोका जा सकता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्या है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना भारत सरकार की एक प्रमुख मातृत्व लाभ योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे गर्भावस्था और प्रसव के दौरान बेहतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व सेवाओं का लाभ ले सकें। यह योजना विशेष रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जिससे गर्भावस्था के समय होने वाली आय की कमी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके।
यह योजना Ministry of Women and Child Development द्वारा संचालित की जाती है और इसका मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और गर्भवती महिलाओं को समय पर ANC (Antenatal Care) जांच एवं शिशु टीकाकरण से जोड़ना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर ₹5,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यदि लाभार्थी को Janani Suraksha Yojana (JSY) का लाभ भी मिलता है, तो कुल सहायता राशि लगभग ₹6,000 तक हो सकती है। दूसरी संतान के मामले में केवल बालिका जन्म होने पर ₹6,000 की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना के अंतर्गत सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। लाभ पाने के लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, कम से कम एक ANC जांच और शिशु का निर्धारित अवधि तक टीकाकरण कराना अनिवार्य है।
Q2. क्या प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अभी भी चल रही है?
हाँ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना वर्तमान में चालू है और इसे अब PMMVY 2.0 के रूप में लागू किया जा रहा है। यह योजना केंद्र सरकार के Mission Shakti कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और कल्याण को मजबूत करना है।
PMMVY 2.0 के तहत योजना में कुछ महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जैसे दूसरी संतान के मामले में बालिका जन्म होने पर भी आर्थिक सहायता का प्रावधान। इसका उद्देश्य न केवल मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है, बल्कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे सामाजिक संदेशों को भी मजबूती देना है।
यह योजना देशभर में लागू है और पात्र गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
यदि आप आवेदन करना चाहती हैं या योजना की स्थिति जानना चाहती हैं, तो नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र या आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना वर्तमान में सक्रिय है और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
Q3. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कितनी राशि मिलती है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मातृत्व लाभ के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि संतान की स्थिति और निर्धारित शर्तों के आधार पर दी जाती है, ताकि महिला को गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य जांच और शिशु देखभाल में आर्थिक सहयोग मिल सके।
पहली जीवित संतान (First Child) के लिए:
महिला को कुल ₹5,000 की सहायता राशि दी जाती है, जो दो किस्तों में मिलती है। पहली किस्त ₹3,000 की होती है, जो गर्भावस्था पंजीकरण और कम से कम एक ANC (Antenatal Check-up) पूरी करने पर जारी की जाती है। दूसरी किस्त ₹2,000 की होती है, जो प्रसव पंजीकरण और शिशु के 14 सप्ताह तक के अनिवार्य टीकाकरण के बाद दी जाती है।
यदि लाभार्थी को Janani Suraksha Yojana (JSY) का लाभ भी मिलता है, तो कुल सहायता राशि औसतन ₹6,000 तक हो सकती है। इससे संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलता है और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित होता है।
दूसरी संतान (केवल बालिका जन्म होने पर):
PMMVY 2.0 के तहत यदि दूसरी संतान बालिका है, तो महिला को ₹6,000 की एकमुश्त (एक बार में) सहायता दी जाती है। इसके लिए गर्भावस्था पंजीकरण, ANC जांच, बालिका जन्म पंजीकरण और निर्धारित टीकाकरण शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
पूरी सहायता राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। इस प्रकार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आर्थिक सहयोग के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
* पहली संतान: ₹5,000 (दो किस्तों में)
* दूसरी संतान (केवल बालिका): ₹6,000 (एकमुश्त)
* JSY के साथ कुल लाभ औसतन ₹6,000 तक हो सकता है।
Q4. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ किसे मिलता है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मुख्य रूप से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दिया जाता है, ताकि उन्हें मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता मिल सके और वे बेहतर पोषण तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं और जिन्हें गर्भावस्था के दौरान आय में कमी या स्वास्थ्य संबंधी खर्चों का सामना करना पड़ता है।
इस योजना के अंतर्गत पहली जीवित संतान (First Living Child) वाली महिला पात्र होती है। यदि महिला पहली बार मां बन रही है और निर्धारित शर्तों—जैसे गर्भावस्था पंजीकरण, ANC जांच और शिशु टीकाकरण—को पूरा करती है, तो उसे आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त, PMMVY 2.0 के तहत दूसरी संतान के मामले में केवल तब लाभ मिलता है जब जन्मी संतान बालिका हो। इसका उद्देश्य बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
हालांकि, नियमित सरकारी कर्मचारी या PSU में कार्यरत महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होतीं। लाभार्थी का चयन निर्धारित पात्रता मानदंडों और पंजीकरण प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।
इस योजना का लाभ:
* गर्भवती महिला
* स्तनपान कराने वाली मां
* पहली जीवित संतान वाली महिला
* दूसरी संतान केवल बालिका होने पर
Q5. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए न्यूनतम उम्र क्या है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आवेदिका की न्यूनतम आयु कम से कम 19 वर्ष निर्धारित की गई है। इसका अर्थ है कि यदि कोई महिला गर्भवती है या स्तनपान करा रही है, तो योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उसकी उम्र 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
सरकार द्वारा यह आयु सीमा इसलिए तय की गई है ताकि बाल विवाह और किशोरावस्था में गर्भधारण जैसी समस्याओं को हतोत्साहित किया जा सके तथा महिलाओं को सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। 19 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला शारीरिक रूप से अधिक परिपक्व मानी जाती है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जोखिम कम होते हैं।
यदि आवेदिका अन्य सभी पात्रता शर्तें—जैसे पहली जीवित संतान (या दूसरी संतान केवल बालिका होने पर), गर्भावस्था पंजीकरण और निर्धारित स्वास्थ्य जांच—पूरी करती है, तो वह योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकती है। इसलिए आवेदन से पहले आयु संबंधी शर्त की पुष्टि करना आवश्यक है।
Q6. क्या दूसरी संतान पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मिलता है?
हाँ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत दूसरी संतान पर भी लाभ मिलता है, लेकिन केवल तब जब दूसरी संतान बालिका (लड़की) हो। यह प्रावधान PMMVY 2.0 के तहत जोड़ा गया है, जिसका उद्देश्य बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
यदि महिला दूसरी बार गर्भवती होती है और जन्मी संतान लड़की है, तो उसे ₹6,000 की एकमुश्त (एक बार में) आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस लाभ के लिए गर्भावस्था का समय पर पंजीकरण, आवश्यक ANC जांच, बालिका का जन्म पंजीकरण और निर्धारित टीकाकरण की शर्तें पूरी करना अनिवार्य है।
हालांकि, यदि दूसरी संतान लड़का है, तो योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं है। योजना का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व के साथ-साथ बालिका के जन्म को सामाजिक और आर्थिक रूप से समर्थन देना है।
इस प्रकार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना न केवल मातृ स्वास्थ्य को मजबूत करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देती है।
Q7. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए कोई सालाना “लास्ट डेट” निर्धारित नहीं है, क्योंकि यह एक सतत (ongoing) योजना है। हालांकि, प्रत्येक लाभार्थी के लिए समय-सीमा तय की गई है। महिला को बच्चे के जन्म के 270 दिनों (लगभग 9 महीने) के भीतर योजना के लिए आवेदन करना होता है।
इसका अर्थ है कि यदि कोई महिला गर्भावस्था के दौरान या प्रसव के बाद निर्धारित अवधि के अंदर आवेदन नहीं करती है, तो वह योजना का लाभ लेने से वंचित हो सकती है। इसलिए सलाह दी जाती है कि गर्भावस्था का पंजीकरण समय पर कराया जाए और आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखे जाएँ, ताकि आवेदन प्रक्रिया में देरी न हो।
योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए गर्भावस्था पंजीकरण, ANC जांच, प्रसव पंजीकरण और शिशु टीकाकरण जैसी शर्तें भी निर्धारित समय के भीतर पूरी करनी होती हैं। चूँकि यह योजना DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में राशि भेजती है, इसलिए बैंक खाता और मोबाइल नंबर सक्रिय होना आवश्यक है।
Q8. क्या प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का आवेदन ऑफलाइन किया जा सकता है?
हाँ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। जिन महिलाओं के पास इंटरनेट या ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है, वे अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकती हैं।
ऑफलाइन आवेदन के लिए लाभार्थी को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW), आशा (ASHA) या ANM की सहायता लेनी होती है। वे गर्भावस्था पंजीकरण, आवश्यक फॉर्म भरने और दस्तावेज़ सत्यापन में मदद करती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर पंजीकरण आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से ही किया जाता है, जिससे पात्र महिलाओं को आसानी से योजना का लाभ मिल सके।
आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, MCP/RCH कार्ड, गर्भावस्था से संबंधित जानकारी और अन्य पात्रता दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होते हैं। सभी जानकारी सही और पूर्ण होना आवश्यक है, क्योंकि सहायता राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
इस प्रकार, यदि कोई महिला ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाती है, तो वह बिना किसी शुल्क के नजदीकी आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र से ऑफलाइन आवेदन कर सकती है और योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है।
Q9. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
* आधार कार्ड
* आधार-लिंक्ड बैंक खाता
* MCP / RCH कार्ड
* गर्भावस्था एवं ANC विवरण
* शिशु जन्म प्रमाण पत्र
* पात्रता प्रमाण (BPL, e-Shram, MGNREGA आदि)
Q10. क्या सरकारी नौकरी वाली महिलाएं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ ले सकती हैं?
नहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार, राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम (PSU) में नियमित रूप से कार्यरत महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होती हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। चूँकि सरकारी या PSU में कार्यरत महिलाओं को पहले से ही वेतन, मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) और अन्य सेवा लाभ प्राप्त होते हैं, इसलिए उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
PMMVY विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो असंगठित क्षेत्र में कार्य करती हैं, घरेलू कार्य में लगी हैं या जिनकी पारिवारिक आय सीमित है। योजना के तहत पात्रता निर्धारित करते समय आयु, संतान की स्थिति और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है।
ऐसी ही केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी आपको हमारी वेबसाइट gramg.in पर मिलती रहेगी।

