मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसे UP BOCW बोर्ड संचालित करता है। इसमें पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों को गर्भावस्था, प्रसव और नवजात शिशु पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के तहत पुरुष श्रमिक की पत्नी को ₹6,000, महिला श्रमिक को प्रसव पर 3 माह की मजदूरी + ₹1,000 चिकित्सा भत्ता, तथा विशेष स्थितियों में अतिरिक्त मजदूरी सहायता मिलती है। वहीं पुत्र जन्म पर ₹20,000, पुत्री जन्म पर ₹25,000, और बालिकाओं के लिए ₹25,000–₹50,000 तक फिक्स्ड डिपॉजिट का लाभ दिया जाता है। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, बालिका प्रोत्साहन और श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि लोग आगे पूरी जानकारी पढ़ने के लिए प्रेरित हों।

विषय-सूची
योजना से लाभ
मातृत्व लाभ (Matritva Hitlabh):
- पंजीकृत पुरुष श्रमिक की पत्नी: ₹6,000/- (एकमुश्त)
- महिला श्रमिक (अस्पताल में प्रसव): 3 महीने की न्यूनतम मजदूरी + ₹1,000/- चिकित्सा भत्ता
- महिला श्रमिक (गर्भपात पर): 6 सप्ताह की न्यूनतम मजदूरी
- महिला श्रमिक (स्थिरीकरण पर): 2 सप्ताह की न्यूनतम मजदूरी
शिशु लाभ (Shishu Hitlabh):
- पुत्र के लिए: ₹20,000/- (एकमुश्त)
- पुत्री के लिए: ₹25,000/- (एकमुश्त)
- प्रथम/द्वितीय पुत्री या कानूनी रूप से दत्तक पुत्री: ₹25,000/- फिक्स्ड डिपॉजिट (18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर परिपक्व)
- विकलांग पुत्री: ₹50,000/- फिक्स्ड डिपॉजिट (18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर परिपक्व)
Shishu Evam Baalika Madad Yojana पात्रता / योग्यता
मातृत्व लाभ:
- उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना चाहिए
- आयु 18 वर्ष या उससे अधिक
- लाभ केवल पहले दो प्रसवों तक
शिशु लाभ:
- परिवार की पहली पुत्री
- दूसरी पुत्री तभी लाभार्थी, यदि दोनों बच्चे पुत्री हों
- पहले दो प्रसवों में कई पुत्रियाँ हुई हों, सभी पात्र
- कानूनी रूप से दत्तक पुत्री (केवल पहली)
- जन्म पंजीकृत होना अनिवार्य
- पुत्री अविवाहित रहे 18 वर्ष तक, तभी FD का लाभ
- यदि समान सरकारी योजना का लाभ पहले प्राप्त हो, तो पात्रता नहीं
आवेदन प्रक्रिया
ऑफलाइन:
- नजदीकी श्रम कार्यालय जाएँ
- या संबंधित तहसीलदार / विकासखंड अधिकारी से संपर्क करें
- आवेदन पत्र प्राप्त करें
- पूर्ण रूप से भरें
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें
- उसी कार्यालय में जमा करें
ऑनलाइन:
- यदि उपलब्ध हो, तो UP BOCW आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें
- पंजीकृत श्रमिक विवरण के साथ लॉगिन कर आवेदन जमा करें
आवेदन सुधार
- त्रुटिपूर्ण विवरण होने पर श्रम कार्यालय या BOCW कार्यालय से संपर्क करें
- अंतिम अनुमोदन से पहले सुधार की अनुमति
आवश्यक दस्तावेज़
आवश्यक:
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक पहचान पत्र (सत्यापित प्रतिलिपि)
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (सत्यापित प्रतिलिपि)
मेडिकल / प्रसव संबंधित:
- अस्पताल में प्रसव प्रमाण पत्र
- गर्भपात / स्थिरीकरण प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
बालिका लाभ दस्तावेज़:
- आंगनवाड़ी पंजीकरण प्रमाण पत्र
- जीवित रहने का प्रमाण पत्र (दूसरे वर्ष के लाभ के लिए)
- दत्तक प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
महत्वपूर्ण लिंक एवं संपर्क
- विभाग: उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UP BOCW) – Official Website
- Apply Portal
दिशानिर्देश
- आवेदन करने से पहले UP BOCW में पंजीकरण होना अनिवार्य
- दस्तावेज सत्यापन के बाद ही लाभ मिलेगा
- गलत जानकारी देने पर आवेदन अस्वीकृत हो सकता है
- जन्म पंजीकरण अनिवार्य
- योजना के नियम एवं सरकारी अद्यतन के अनुसार लाभ प्रदान
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।
Q1. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसके अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक महिलाओं एवं पंजीकृत पुरुष श्रमिकों की पत्नियों को गर्भावस्था, प्रसव और नवजात शिशु के पालन-पोषण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
Q2. क्या मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना वर्तमान में चालू है?
हाँ, यह योजना वर्तमान में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UP BOCW) के अंतर्गत सक्रिय रूप से संचालित की जा रही है।
Q3. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का लाभ कौन ले सकता है?
इस योजना का लाभ:
* पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक
* पंजीकृत पुरुष निर्माण श्रमिक की पत्नी
* ले सकती हैं, बशर्ते वे उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों।
Q4. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
* पुरुष श्रमिक की पत्नी को: ₹6,000/-
* महिला श्रमिक को संस्थागत प्रसव पर: 3 माह की न्यूनतम मजदूरी + ₹1,000/-
* पुत्र जन्म पर: ₹20,000/-
* पुत्री जन्म पर: ₹25,000/-
* बालिका के लिए FD: ₹25,000/- से ₹50,000/- तक
Q5. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत क्या बालिका के जन्म पर अतिरिक्त लाभ मिलता है?
हाँ, बालिका के जन्म पर पुत्र की तुलना में अधिक राशि दी जाती है तथा कुछ मामलों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी की जाती है।
Q6. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की राशि कब प्राप्त होती है?
बालिका के नाम की गई FD राशि तब प्राप्त होती है जब बालिका 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहती है।
Q7. क्या दत्तक पुत्री को भी मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना का लाभ मिलता है?
हाँ, यदि परिवार निःसंतान है और कानूनी रूप से दत्तक पुत्री ली गई है, तो पहली पुत्री को इस योजना का लाभ दिया जाता है।
Q8. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन:
* नजदीकी श्रम कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय, या विकासखंड कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन किया जा सकता है।
* यदि ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हो, तो UP BOCW पोर्टल से भी आवेदन किया जा सकता है।
Q9. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना में आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
* पंजीकृत निर्माण श्रमिक पहचान पत्र
* बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
* प्रसव प्रमाण पत्र
* आंगनवाड़ी पंजीकरण प्रमाण पत्र
* जीवित प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
Q10. मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना से संबंधित जानकारी या सहायता कहाँ से प्राप्त करें?
योजना से संबंधित जानकारी के लिए:
* नजदीकी श्रम कार्यालय
* जिला श्रम अधिकारी
* से संपर्क किया जा सकता है।
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